कुरुद में निकली सतनाम संदेश यात्रा, नगर में हुआ भव्य स्वागत
सतनाम संदेश यात्रा के माध्यम से “मनखे मनखे एक समान” की गुरुवाणी को जन-जन तक पहुंचाने का संदेश एक बार फिर कुरुद नगर में गूंज उठा। 15 दिसंबर, सोमवार को निकाली गई इस यात्रा का नगर के विभिन्न चौक-चौराहों पर सामाजिक, राजनीतिक और धार्मिक संगठनों द्वारा आत्मीय स्वागत किया गया। इस दौरान पंथी नृत्य, अखाड़ा प्रदर्शन और धुमाल ने पूरे वातावरण को भक्तिमय और ऊर्जावान बना दिया।
चंडी मंदिर जैतखाम से हुई यात्रा की शुरुआत
पूजा-अर्चना के साथ हुआ शुभारंभ
सोमवार को कुरुद ब्लॉक सतनामी समाज अधिकारी-कर्मचारी संघ, युवा एवं महिला प्रकोष्ठ के नेतृत्व में सतनाम संदेश यात्रा की शुरुआत चंडी मंदिर के समीप स्थित जैतखाम में पूजा-अर्चना के साथ हुई। इसके पश्चात गुरु घासीदास बाबा की भव्य शोभायात्रा नगर भ्रमण के लिए निकली।
नगर भ्रमण के दौरान दिखा उत्साह
पंथी नृत्य और अखाड़ा बना आकर्षण का केंद्र
शोभायात्रा में शामिल समाज के कलाकारों ने पारंपरिक पंथी नृत्य और अखाड़ा कला का प्रदर्शन कर अपनी सांस्कृतिक विरासत और शौर्य का परिचय दिया। नाचते-गाते हुए समाज के लोग पुराना बाजार, सरोजनी चौक, कारगिल चौक, सांधा होते हुए डिपो रोड स्थित सतनाम भवन पहुंचे। पूरे मार्ग में सतनाम संदेश यात्रा लोगों के आकर्षण का केंद्र बनी रही।
राजनीतिक और सामाजिक संगठनों ने किया स्वागत
फूल वर्षा और तिलक-चंदन से हुआ अभिनंदन
बाजार चौक में ब्लॉक अध्यक्ष आशीष शर्मा और नगर पालिका उपाध्यक्ष देवव्रत साहू के नेतृत्व में कांग्रेस नेताओं ने यात्रा का स्वागत किया। वहीं डिपो रोड के पास नगर पालिका अध्यक्ष ज्योति चंद्राकर, विधायक प्रतिनिधि भानु चंद्राकर सहित भाजपा नेताओं ने फूल बरसाकर सतनाम संदेश यात्रा का अभिनंदन किया।
सामाजिक पदाधिकारियों हरिशंकर सोनवानी, सुनील गायकवाड़, तेजेन्द्र तोड़ेकर और दिलीप टंडन ने कलाकारों और अतिथियों का तिलक-चंदन लगाकर स्वागत किया।
सतनाम संदेश यात्रा का उद्देश्य
समानता, नशामुक्ति और सद्भावना का संदेश
अजा मोर्चा जिलाध्यक्ष हरिशंकर सोनवानी ने बताया कि गुरु घासीदास बाबा के “मनखे मनखे एक समान” के संदेश को समाज के हर वर्ग तक पहुंचाने के लिए प्रतिवर्ष सतनाम संदेश यात्रा निकाली जाती है। इस यात्रा के माध्यम से नशामुक्ति, आपसी सद्भावना और भेदभाव रहित समाज निर्माण का संदेश दिया जाता है।
समाज के लोगों की रही सक्रिय भागीदारी
इस अवसर पर डॉ. यूएस नवरत्न, राजकुमार रात्रे, रोहित कुर्रे, एएस मधुकर, सुरेश कोसरे, आशा रात्रे, राहुल बांधेकर, मनोज टंडन, नूतन घृतलहरे, योगेश टंडन, किशोर कुर्रे, धर्मेंद्र घृतलहरे, भावसिंग डहरे, प्रवीण, लक्की, रोशन जांगड़े, तिलक भारती, विक्रम बंजारे, जितेन्द्र, भगत मारकंडे, संस्कृति, शेजल सोनवानी, रोशनी बांधेकर, रश्मि बंजारे, सुनिता टंडन, हरीश कोसरिया, टिकेश जांगड़े सहित बड़ी संख्या में सतनामी समाज के लोग उपस्थित रहे।
कुरुद में निकली सतनाम संदेश यात्रा ने एक बार फिर समाज को समानता, भाईचारे और सद्भावना का मजबूत संदेश दिया। पंथी नृत्य, अखाड़ा प्रदर्शन और विशाल जनभागीदारी ने यह साबित किया कि सतनाम संदेश यात्रा केवल एक धार्मिक आयोजन नहीं, बल्कि सामाजिक जागरूकता का सशक्त माध्यम है।







