कुरूद : MSc IT तृतीय सेमेस्टर परीक्षा लापरवाही का एक गंभीर मामला सामने आया है, जिसमें विश्वविद्यालय और कॉलेज प्रशासन की कथित अनदेखी के कारण छात्र भीषम कुमार मानसिक अवसाद की स्थिति में पहुंच गया है। परीक्षा समय-सारणी समय पर जारी न होने और अंतिम क्षणों में सूचना दिए जाने से छात्र बिना तैयारी परीक्षा देने को मजबूर हुआ, जिससे उसका पूरा शैक्षणिक भविष्य खतरे में पड़ गया है।
परीक्षा समय-सारणी न मिलने से बढ़ी परेशानी
छात्र भीषम कुमार, जो MSc. I.T. तृतीय सेमेस्टर का विद्यार्थी है, का कहना है कि विश्वविद्यालय की आधिकारिक वेबसाइट और कॉलेज के सूचना पटल पर परीक्षा की समय-सारणी जारी नहीं की गई थी। MSc IT तृतीय सेमेस्टर परीक्षा लापरवाही के कारण उसे यह जानकारी ही नहीं मिल सकी कि Java Programming Language विषय की परीक्षा कब आयोजित होनी है।
छात्र के अनुसार, दिनांक 16 दिसंबर 2025 को परीक्षा आयोजित की गई, जिसकी जानकारी कॉलेज प्रशासन ने केवल 1 घंटे 30 मिनट पहले मौखिक रूप से दी। अचानक मिली सूचना के चलते छात्र बिना किसी तैयारी के परीक्षा केंद्र पहुंचा।
शिकायत के बावजूद नहीं मिला त्वरित समाधान
भीषम कुमार का आरोप है कि जब उसने इस MSc IT तृतीय सेमेस्टर परीक्षा लापरवाही की शिकायत कॉलेज प्रशासन से की, तो पहले उसे परीक्षा में बैठने के लिए कहा गया। इसके बाद उसकी लिखित शिकायत शाम 4 बजे तक स्वीकार नहीं की गई। इस पूरे घटनाक्रम ने छात्र को मानसिक रूप से तोड़ दिया।
एक साल बर्बाद होने का डर
छात्र का कहना है कि इस परीक्षा के परिणाम उसके पूरे शैक्षणिक वर्ष को प्रभावित कर सकते हैं। मानसिक तनाव के चलते वह अवसाद की स्थिति में पहुंच गया है, जिसका असर उसके स्वास्थ्य और पढ़ाई दोनों पर पड़ा है।
छात्र की भावुक अपील
पीड़ित छात्र भीषम कुमार ने विश्वविद्यालय और कॉलेज प्रशासन से अपील की है कि:
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Java Programming Language विषय की परीक्षा निरस्त की जाए
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नई परीक्षा समय-सारणी जारी की जाए
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छात्रों को पर्याप्त तैयारी का समय दिया जाए
उसका कहना है कि यदि MSc IT तृतीय सेमेस्टर परीक्षा लापरवाही को नजरअंदाज किया गया, तो यह न केवल उसके बल्कि अन्य छात्रों के भविष्य के साथ भी अन्याय होगा।
कॉलेज प्रशासन का पक्ष
इस पूरे मामले में कॉलेज प्रशासन ने भी अपनी सफाई पेश की है। कॉलेज के अनुसार, विश्वविद्यालय द्वारा परीक्षा समय-सारणी में किए गए परिवर्तनों के दौरान MSc. I.T. तृतीय सेमेस्टर की परीक्षा में स्पष्ट संशोधन दर्ज नहीं हो पाया, जिससे भ्रम की स्थिति उत्पन्न हुई।
कॉलेज प्रशासन का कहना है कि छात्र हित को ध्यान में रखते हुए अंतिम समय में सूचना दी गई, ताकि छात्र परीक्षा से वंचित न रह जाए। साथ ही यह भी बताया गया कि आगामी दिनों में इस परीक्षा की समय-सारणी में बदलाव संभव है।
शिक्षा व्यवस्था पर उठे सवाल
यह मामला MSc IT तृतीय सेमेस्टर परीक्षा लापरवाही के रूप में उच्च शिक्षा व्यवस्था में समन्वय की कमी को उजागर करता है। समय-सारणी जैसी बुनियादी जानकारी का समय पर न मिलना छात्रों के मानसिक स्वास्थ्य और करियर दोनों के लिए गंभीर खतरा बन सकता है।
MSc IT तृतीय सेमेस्टर परीक्षा लापरवाही का यह मामला प्रशासनिक चूक और संवादहीनता का गंभीर उदाहरण है। यदि समय रहते उचित निर्णय नहीं लिया गया, तो एक मेधावी छात्र का भविष्य प्रभावित हो सकता है। अब सभी की नजरें विश्वविद्यालय और कॉलेज प्रशासन पर टिकी हैं कि वे इस मामले में क्या ठोस कदम उठाते हैं और छात्र को न्याय दिलाने की दिशा में क्या निर्णय लेते हैं







