कुरुद और धमतरी जिले में पल्स पोलियो प्रतिरक्षण अभियान, चार घंटे में आधे से अधिक बच्चों को पिलाई गई दवा

कुरूद : पल्स पोलियो प्रतिरक्षण अभियान के तहत कुरुद विकासखंड और धमतरी जिले में 21 दिसंबर को बच्चों को पोलियो जैसी गंभीर बीमारी से सुरक्षित रखने के लिए व्यापक स्तर पर टीकाकरण अभियान चलाया गया। इस अभियान का उद्देश्य 0 से 5 वर्ष आयु वर्ग के सभी बच्चों को पोलियो की खुराक देकर जिले को पोलियो मुक्त बनाना है।

कुरुद विकासखंड में अभियान की स्थिति

कुरुद विकासखंड में कुल 147 पोलियो केंद्रों के माध्यम से इस पल्स पोलियो प्रतिरक्षण अभियान का आयोजन किया गया। यहां 30,275 बच्चों को “जिंदगी की दो बूंद” पिलाने का लक्ष्य निर्धारित किया गया था। इस कार्य के लिए 437 वेक्सीनेटरों की ड्यूटी लगाई गई, जिन्होंने सुबह 8 बजे से अभियान की शुरुआत की।

स्वास्थ्य विभाग से प्राप्त जानकारी के अनुसार, केवल चार घंटे के भीतर ही आधे से अधिक बच्चों को पोलियो की खुराक पिला दी गई, जो अभियान की सफलता और बेहतर प्रबंधन को दर्शाता है।

धमतरी जिले में 1.10 लाख बच्चों का लक्ष्य

स्वास्थ्य विभाग ने धमतरी जिले में कुल 758 पोलियो बूथों के माध्यम से 1,10,553 बच्चों को पोलियो की दवा पिलाने का लक्ष्य रखा है। इस पल्स पोलियो प्रतिरक्षण अभियान के अंतर्गत जिले के सभी ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों को कवर किया गया है।

बच्चों के अभिभावकों से अपील की गई है कि वे सुबह 8 बजे से शाम 5 बजे तक अपने नजदीकी पोलियो बूथ पर बच्चों को लेकर पहुंचें और उन्हें पोलियो की खुराक जरूर दिलवाएं।

स्वास्थ्य कर्मियों और सहयोगी स्टाफ की अहम भूमिका

अभियान को सफल बनाने के लिए स्वास्थ्य विभाग के कर्मचारियों के साथ-साथ

  • आंगनबाड़ी कार्यकर्ता

  • मितानिन

  • कोटवार

  • प्रशिक्षु महिला स्वास्थ्य कार्यकर्ता

  • पैरामेडिकल विद्यार्थी

की ड्यूटी लगाई गई है। सभी ने मिलकर पल्स पोलियो प्रतिरक्षण अभियान को जन-जन तक पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।

सेक्टरवार निगरानी और प्रभावी व्यवस्था

सिविल हॉस्पिटल कुरुद के बीएमओ हेमराज देवांगन ने बताया कि पोलियो दवा की उपलब्धता और कार्य की सतत निगरानी के लिए सभी पोलियो बूथों को सेक्टरों में विभाजित किया गया है। प्रत्येक सेक्टर में पर्यवेक्षकों की नियुक्ति की गई है ताकि किसी भी प्रकार की कमी न रह जाए।

अभियान की पहुंच बढ़ाने के लिए बस स्टैंड, बाजार, शहरी चौक-चौराहों जैसे सार्वजनिक स्थलों पर भी पोलियो बूथ बनाए गए हैं।

पहले दिन ही 20 हजार बच्चों को दवा

बीएमओ हेमराज देवांगन के अनुसार, रविवार को दोपहर 12 बजे तक करीब 20 हजार बच्चों को पोलियो की दवा पिलाई जा चुकी थी। यह आंकड़ा दर्शाता है कि पल्स पोलियो प्रतिरक्षण अभियान को लेकर लोगों में जागरूकता बढ़ी है।

छूटे बच्चों के लिए घर-घर अभियान

जो बच्चे 21 दिसंबर को पोलियो बूथ तक नहीं पहुंच पाए, उन्हें 22 और 23 दिसंबर को स्वास्थ्य कार्यकर्ता घर-घर जाकर पोलियो की खुराक पिलाएंगे। स्वास्थ्य विभाग ने अभिभावकों से अपील की है कि वे सोमवार और मंगलवार को घर आने वाले स्वास्थ्य कर्मियों का पूरा सहयोग करें।

कुरुद और धमतरी जिले में संचालित पल्स पोलियो प्रतिरक्षण अभियान बच्चों के उज्ज्वल और स्वस्थ भविष्य की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। प्रशासन, स्वास्थ्य विभाग और आम नागरिकों के सहयोग से ही पोलियो मुक्त समाज का सपना साकार हो सकता है। सभी अभिभावकों से आग्रह है कि वे अपने बच्चों को पोलियो की दवा अवश्य दिलवाएं और पल्स पोलियो प्रतिरक्षण अभियान को सफल बनाएं।

 

 

Bharti Sahu
Author: Bharti Sahu

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