कुरूद । माया जीवन फाउंडेशन शिक्षा पहल कुरूद एक ऐसी अनुकरणीय कोशिश बनकर सामने आई है, जिसने यह साबित कर दिया कि यदि समाज के प्रति संवेदनशील सोच के साथ छोटे-छोटे प्रयास किए जाएं, तो उनका प्रभाव दूरगामी होता है। किसी भी गांव का भविष्य वहां के विद्यालयों की चारदीवारी के भीतर ही आकार लेता है। जब बच्चों को बेहतर शिक्षा, संसाधन और संरक्षण मिलता है, तभी एक मजबूत समाज की नींव रखी जा सकती है।
इसी विचारधारा को आत्मसात करते हुए माया जीवन फाउंडेशन ने कुरूद क्षेत्र के सिर्री शासकीय विद्यालय में अध्ययनरत जरूरतमंद बच्चों के लिए शिक्षा और शीतकालीन सुरक्षा से जुड़ी एक सराहनीय पहल की।
🟡 शिक्षा के क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण कदम
माया जीवन फाउंडेशन शिक्षा पहल कुरूद का मुख्य उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि आर्थिक तंगी के कारण कोई भी बच्चा शिक्षा से वंचित न रहे। ग्रामीण अंचलों में अधिकांश गरीब, मजदूर और किसान परिवारों के बच्चे सरकारी स्कूलों में पढ़ते हैं, जहां कई बार संसाधनों की कमी उनकी पढ़ाई में बाधा बन जाती है।
फाउंडेशन द्वारा बच्चों को कॉपी, पेन और अन्य आवश्यक शैक्षणिक सामग्री उपलब्ध कराई गई, ताकि उनकी पढ़ाई निरंतर जारी रह सके। यह पहल न केवल बच्चों की शैक्षणिक जरूरतों को पूरा करती है, बल्कि उन्हें विद्यालय से जोड़े रखने में भी सहायक सिद्ध होती है।
🟡 कड़ाके की ठंड में मिली ममता की गर्माहट
शीतकाल के बढ़ते प्रकोप और गिरते तापमान को ध्यान में रखते हुए माया जीवन फाउंडेशन शिक्षा पहल कुरूद के अंतर्गत बच्चों की सुरक्षा को प्राथमिकता दी गई। स्कूल परिसर में आयोजित विशेष कार्यक्रम के दौरान सभी छात्र-छात्राओं को स्वेटर वितरित किए गए।
कड़ाके की ठंड में स्वेटर पाकर बच्चों के चेहरे खुशी से खिल उठे। पूरे विद्यालय परिसर में उत्साह और उमंग का वातावरण देखने को मिला। यह केवल वस्त्र वितरण नहीं था, बल्कि बच्चों के प्रति समाज की जिम्मेदारी और संवेदनशीलता का जीवंत उदाहरण था।
🟡 शिक्षा से जुड़ाव की दिशा में मील का पत्थर
सिर्री स्कूल के बच्चों के लिए किया गया यह प्रयास शिक्षा के प्रति उनकी रुचि बढ़ाने में मील का पत्थर साबित होगा। माया जीवन फाउंडेशन शिक्षा पहल कुरूद के माध्यम से यह संदेश स्पष्ट रूप से सामने आया कि शिक्षा केवल किताबों तक सीमित नहीं, बल्कि सहयोग, सुरक्षा और प्रेरणा से भी जुड़ी होती है।
फाउंडेशन का संकल्प है कि गांव का कोई भी गरीब परिवार या बच्चा शिक्षा की मुख्यधारा से पीछे न छूटे।
🟡 संस्थापक देवा साहू की सराहनीय सोच
इस पुनीत कार्य के लिए ग्रामीणों और स्कूल प्रबंधन ने माया जीवन फाउंडेशन के संस्थापक देवा साहू का आभार व्यक्त किया। देवा साहू का मानना है कि छोटा सा सहयोग भी किसी बच्चे के जीवन में बड़ा बदलाव ला सकता है।
उनकी यह निस्वार्थ सेवा भावना समाज के लिए प्रेरणास्रोत है और अन्य सामाजिक संगठनों को भी शिक्षा के क्षेत्र में आगे आने का संदेश देती है।
🔹 प्रमुख बिंदु
📌 संसाधनों का वितरण
जरूरतमंद बच्चों को कॉपी, पेन और आवश्यक शैक्षणिक सामग्री प्रदान की गई।
📌 शीतकालीन सुरक्षा
सभी स्कूली बच्चों को ठंड से बचाव हेतु स्वेटर वितरित किए गए।
📌 संकल्प
कोई भी गरीब बच्चा शिक्षा से वंचित न रहे।
माया जीवन फाउंडेशन शिक्षा पहल कुरूद यह सिद्ध करती है कि जब समाज शिक्षा और बच्चों के भविष्य को प्राथमिकता देता है, तो सकारात्मक बदलाव अवश्य आता है। यह पहल न केवल बच्चों को ठंड से बचाने में सहायक बनी, बल्कि उनके भीतर शिक्षा के प्रति नया उत्साह और आत्मविश्वास भी भरने का कार्य किया। ऐसे प्रयास ही एक सशक्त और शिक्षित समाज की नींव रखते हैं।







