जिला स्तरीय गुरु घासीदास लोककला महोत्सव 2025 धमतरी में हर्षोल्लास के साथ संपन्न

धमतरी । छत्तीसगढ़ की लोकसंस्कृति को सहेजने और आगे बढ़ाने के उद्देश्य से आयोजित जिला स्तरीय गुरु घासीदास लोककला महोत्सव 2025 का आयोजन 22 दिसंबर 2025 धमतरी शहर में भव्य रूप से संपन्न हुआ। यह सांस्कृतिक आयोजन विंध्यवासिनी मंदिर के पीछे स्थित सामुदायिक भवन में पूरे उत्साह, अनुशासन और सांस्कृतिक गरिमा के साथ आयोजित किया गया। जिला स्तरीय गुरु घासीदास लोककला महोत्सव 2025 में बड़ी संख्या में कलाकार, दर्शक एवं सांस्कृतिक प्रेमी उपस्थित रहे।

लोककला संरक्षण की दिशा में महत्वपूर्ण पहल

जिला स्तरीय गुरु घासीदास लोककला महोत्सव 2025 का मुख्य उद्देश्य छत्तीसगढ़ की समृद्ध लोककला, पारंपरिक नृत्य, सामाजिक समरसता और सांस्कृतिक विरासत का संरक्षण एवं संवर्धन करना रहा। यह महोत्सव संत शिरोमणि गुरु घासीदास जी के आदर्शों—मानवता, समानता और सामाजिक एकता—को जन-जन तक पहुँचाने का सशक्त माध्यम बना।

छत्तीसगढ़ की लोकसंस्कृति पर आधारित ऐसे आयोजन न केवल कलाकारों को मंच प्रदान करते हैं, बल्कि नई पीढ़ी को अपनी जड़ों से जोड़ने का भी कार्य करते हैं।

पंथी नृत्य दलों की शानदार सहभागिता

इस जिला स्तरीय प्रतियोगिता में जिले के उत्कृष्ट पंथी नृत्य दलों ने भाग लिया। प्रमुख रूप से निम्न दलों की सहभागिता रही:

ज्ञानधारा पंथी नृत्य दल – ग्राम मोतिमपुर
  • विकासखंड: मगरलोड

  • प्रस्तुति: अनुशासित, भावपूर्ण एवं पारंपरिक

जग के अंजोर पंथी नृत्य दल – ग्राम करेठा
  • विकासखंड एवं जिला: धमतरी

  • प्रस्तुति: ऊर्जावान, सटीक तालमेल और सामाजिक संदेश से भरपूर

दोनों दलों ने जिला स्तरीय गुरु घासीदास लोककला महोत्सव 2025 के मंच पर पंथी नृत्य की ऐसी प्रस्तुतियाँ दीं, जिन्होंने दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया।

निर्णायक मंडल का निर्णय और परिणाम

प्रस्तुतियों के गहन मूल्यांकन के पश्चात निर्णायक मंडल द्वारा निम्न परिणाम घोषित किए गए:

  • 🥇 प्रथम स्थान: जग के अंजोर पंथी नृत्य दल, ग्राम करेठा

  • 🥈 द्वितीय स्थान: ज्ञानधारा पंथी नृत्य दल, ग्राम मोतिमपुर

निर्णायक मंडल ने नृत्य की शुद्धता, भाव अभिव्यक्ति, वेशभूषा, तालमेल एवं पारंपरिक तत्वों के आधार पर निर्णय दिया। उपस्थित दर्शकों और अतिथियों ने तालियों की गूंज के साथ कलाकारों का उत्साहवर्धन किया।

राज्य स्तरीय महोत्सव के लिए चयन

जिला स्तरीय गुरु घासीदास लोककला महोत्सव 2025 में चयनित दोनों पंथी नृत्य दल अब जिले का प्रतिनिधित्व करते हुए 26 दिसंबर से 28 दिसंबर 2025 तक विकासखंड नवागढ़, जिला बेमेतरा में आयोजित होने वाले राज्य स्तरीय गुरु घासीदास लोककला महोत्सव में सहभागिता करेंगे।

जिला प्रशासन द्वारा दोनों दलों को बधाई देते हुए राज्य स्तर पर उत्कृष्ट प्रदर्शन की शुभकामनाएँ दी गईं। यह उपलब्धि जिले की सांस्कृतिक पहचान को राज्य स्तर पर और मजबूत करेगी।

गुरु घासीदास जी और पंथी नृत्य का महत्व

पंथी नृत्य, सतनाम पंथ और गुरु घासीदास जी के सामाजिक संदेशों से जुड़ा हुआ नृत्य रूप है। यह नृत्य समानता, सत्य और अहिंसा का प्रतीक माना जाता है।
जिला स्तरीय गुरु घासीदास लोककला महोत्सव 2025 ने छत्तीसगढ़ की लोककला, पंथी नृत्य और सांस्कृतिक चेतना को नई ऊर्जा प्रदान की है। ऐसे आयोजन न केवल कलाकारों को पहचान दिलाते हैं, बल्कि समाज में सांस्कृतिक एकता और गौरव की भावना को भी मजबूत करते हैं। आने वाले राज्य स्तरीय आयोजन में भी जिले के कलाकारों से उत्कृष्ट प्रदर्शन की अपेक्षा की जा रही है, जिससे जिला स्तरीय गुरु घासीदास लोककला महोत्सव 2025 की गरिमा और भी बढ़ेगी।

 

Bharti Sahu
Author: Bharti Sahu

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