शिव महापुराण कथा धमतरी: सनातन धर्म की रक्षा और आध्यात्मिक चेतना का सशक्त माध्यम

धमतरी । वर्तमान समय में सनातन धर्म के समक्ष उत्पन्न हो रही वैचारिक और सांस्कृतिक चुनौतियों के बीच शिव महापुराण कथा धमतरी एक सशक्त आध्यात्मिक पहल के रूप में सामने आई है। बनियापारा वार्ड में आयोजित इस भव्य धार्मिक आयोजन में धर्म, संस्कृति और शास्त्रीय चेतना को जन-जन तक पहुँचाने का सार्थक प्रयास किया जा रहा है। यह आयोजन शिव शक्ति महिला मंडल द्वारा किया गया है, जो समाज में धार्मिक जागरण और सांस्कृतिक संरक्षण की दिशा में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है।

धर्मशास्त्र ही हैं सबसे प्रभावी हथियार

कथा के दौरान धर्मप्रेमी समाजसेवी पंडित राजेश शर्मा ने अपने विचार व्यक्त करते हुए कहा कि आज सनातन धर्म को जिन चुनौतियों का सामना करना पड़ रहा है, उनका उत्तर किसी भौतिक हथियार में नहीं, बल्कि हमारे धर्मशास्त्रों में निहित है। उन्होंने कहा कि राम कथा, शिव महापुराण और श्रीमद्भागवत गीता जैसे धार्मिक ग्रंथ समाज को दिशा देने वाले सशक्त माध्यम हैं।

पंडित शर्मा के अनुसार शिव महापुराण कथा धमतरी जैसे आयोजन धार्मिक चेतना को जागृत करने के साथ-साथ समाज में सकारात्मक ऊर्जा और संस्कारों का संचार करते हैं।

नगर की धार्मिक पहचान को मिल रही नई मजबूती

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए नगर निगम के पूर्व सभापति राजेंद्र शर्मा ने कहा कि धमतरी की पहचान एक धार्मिक और संस्कारवान नगरी के रूप में लगातार मजबूत हो रही है। उन्होंने कहा कि निरंतर हो रहे धार्मिक आयोजनों से समाज में नैतिकता, अनुशासन और आपसी सद्भाव बढ़ रहा है।

उन्होंने शिव महापुराण कथा धमतरी के सफल आयोजन के लिए आयोजक समिति और विशेष रूप से शिव शक्ति महिला मंडल का आभार व्यक्त किया, जिन्होंने मातृ शक्तियों के नेतृत्व में इस आयोजन को सफल बनाया।

व्यासपीठ से पौराणिक कथाओं का दिव्य रसपान

इस शिव महापुराण कथा धमतरी में संत कामता प्रसाद शरण (सिर किट्टी वाले) व्यासपीठ से भगवान शिव और माता पार्वती की पौराणिक एवं दिव्य कथाओं का भावपूर्ण वर्णन कर रहे हैं। कथा के दौरान छत्तीसगढ़ की परंपरा और लोकसंस्कृति को समाहित करते हुए प्रस्तुत किए जा रहे भजन और कीर्तन श्रोताओं को मंत्रमुग्ध कर रहे हैं।

भजनों की भावनात्मक प्रस्तुति से श्रद्धालु भाव-विभोर होकर झूमने को विवश हो जाते हैं, जिससे पूरा वातावरण शिवमय बन गया है।

मातृ शक्तियों की भूमिका और धार्मिक क्रांति

शिव महापुराण कथा धमतरी की विशेषता यह है कि इसका आयोजन शिव शक्ति महिला मंडल द्वारा किया गया है। मातृ शक्तियों की यह पहल समाज में धार्मिक क्रांति का संकेत देती है। महिलाएं न केवल आयोजन की व्यवस्थाओं को संभाल रही हैं, बल्कि सनातन मूल्यों को अगली पीढ़ी तक पहुँचाने में भी अहम भूमिका निभा रही हैं।

गणमान्य नागरिकों की गरिमामयी उपस्थिति

इस धार्मिक आयोजन में वार्ड पार्षद पिंटू यादव सहित कुलेश सोनी, सरिता यादव, विद्या शंकर दीवान, अशोक मिश्रा, बबला पटेल, घनाराम सोनी, बिल्लु महराज, दीनू सोनी, पप्पू सोनी तथा शिव शक्ति महिला मानस मंडल के समस्त पदाधिकारी और सदस्य उपस्थित रहे। बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं की उपस्थिति ने शिव महापुराण कथा धमतरी को एक भव्य और ऐतिहासिक स्वरूप प्रदान किया।

सनातन संस्कृति का जीवंत उदाहरण

ऐसे धार्मिक आयोजन केवल कथा श्रवण तक सीमित नहीं रहते, बल्कि समाज को अपनी जड़ों से जोड़ने का कार्य करते हैं। शिव महापुराण कथा धमतरी सनातन संस्कृति, नैतिक मूल्यों और आध्यात्मिक चेतना का जीवंत उदाहरण बनकर उभरी है।

शिव महापुराण कथा धमतरी सनातन धर्म की रक्षा, सांस्कृतिक जागरण और सामाजिक एकता का सशक्त माध्यम बनकर सामने आई है। मातृ शक्तियों द्वारा आयोजित यह धार्मिक आयोजन समाज में सकारात्मक बदलाव और आध्यात्मिक चेतना को नई दिशा दे रहा है। आने वाले समय में भी शिव महापुराण कथा धमतरी जैसे आयोजन धार्मिक और सांस्कृतिक विरासत को मजबूत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते रहेंगे।

 

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Author: Bharti Sahu

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