नगरी । ग्रामीण हल्बा समाज छिपली एवं सामतरा द्वारा देश के प्रथम स्वतंत्रता संग्राम सेनानी अमर शहीद गैंद सिंह नायक की बलिदान तिथि को शहीद गैंद सिंह नायक बलिदान दिवस के रूप में श्रद्धा, उत्साह और देशभक्ति के साथ मनाया गया। इस अवसर पर दोनों गांवों में देशभक्ति से ओतप्रोत वातावरण देखने को मिला, जहां समाज के पुरुषों, महिलाओं और युवाओं ने अपने महान नायक को नमन करते हुए उनके बलिदान को स्मरण किया।
शहीद गैंद सिंह नायक बलिदान दिवस के अवसर पर “शहीद गैंद सिंह नायक अमर रहें” के नारों के साथ गांव की गलियों में भव्य कलश यात्रा निकाली गई, जिसने पूरे क्षेत्र को राष्ट्रभक्ति के रंग में रंग दिया।
कलश यात्रा और देशभक्ति नारों से गूंजे गांव
इस पावन अवसर पर छिपली और सामतरा गांव में समाज के सभी वर्गों की सहभागिता देखने को मिली। महिलाएं पारंपरिक वेशभूषा में कलश लेकर यात्रा में शामिल हुईं, वहीं युवाओं ने अनुशासित पंक्तियों में देशभक्ति नारों के साथ मार्च किया। शहीद गैंद सिंह नायक बलिदान दिवस की यह यात्रा समाज में एकता, इतिहास के प्रति सम्मान और राष्ट्रप्रेम का सशक्त संदेश दे गई।
मुख्य अतिथि का प्रेरणादायी संबोधन
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि जनपद पंचायत नगरी के अध्यक्ष महेश गोटा रहे। उन्होंने अपने संबोधन में कहा कि 1857 के प्रथम स्वतंत्रता संग्राम से पहले ही अमर शहीद गैंद सिंह नायक ने अंग्रेजी हुकूमत और शोषण के विरुद्ध संघर्ष का बिगुल फूंक दिया था।
उन्होंने कहा कि शहीद गैंद सिंह नायक बलिदान दिवस हमें यह स्मरण कराता है कि बस्तर अंचल के आदिवासी समाज ने भी स्वतंत्रता संग्राम में ऐतिहासिक भूमिका निभाई। गैंद सिंह नायक का संघर्ष बस्तर के आदिवासी समाज के अधिकारों, स्वाभिमान और न्याय के लिए था, जो आज भी समाज को प्रेरणा देता है।
जनप्रतिनिधियों और गणमान्य नागरिकों की उपस्थिति
इस गरिमामय आयोजन में जनपद पंचायत उपाध्यक्ष हृदय साहू, भाजपा नेता कमल डागा, अधिकारी-कर्मचारी प्रकोष्ठ अध्यक्ष लोकनाथ देव, सरपंच लिकेश्वरी पोटाई, उपसरपंच घेवर साहू, ग्राम पटेल मनहरण साहू सहित अनेक जनप्रतिनिधि एवं ग्राम के गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।
सभी वक्ताओं ने शहीद गैंद सिंह नायक बलिदान दिवस को नई पीढ़ी के लिए प्रेरणास्रोत बताते हुए युवाओं से उनके आदर्शों को जीवन में अपनाने की अपील की।
ग्राम सामतरा में भी हुआ भव्य आयोजन
ग्राम सामतरा में आयोजित कार्यक्रम में मुख्य कार्यपालन अधिकारी रोहित बोरझा, सरपंच कन्हैया नाग सहित बड़ी संख्या में ग्रामीणों ने सहभागिता निभाई। महिला प्रतिनिधियों और युवाओं की सक्रिय भागीदारी ने शहीद गैंद सिंह नायक बलिदान दिवस के आयोजन को और अधिक गरिमामय बना दिया।
यह आयोजन सामाजिक समरसता, इतिहास के संरक्षण और देशभक्ति की भावना को मजबूत करता नजर आया।
कार्यक्रम का संचालन और सामाजिक संदेश
कार्यक्रम का सफल संचालन भूपेंद्र देव एवं गोविंदा सोम द्वारा किया गया। उन्होंने अपने संचालन के माध्यम से शहीद गैंद सिंह नायक के जीवन, संघर्ष और बलिदान को सरल शब्दों में उपस्थित जनसमूह तक पहुंचाया।
ऐसे आयोजन समाज को यह संदेश देते हैं कि स्वतंत्रता केवल इतिहास नहीं, बल्कि निरंतर प्रेरणा है, जिसे शहीद गैंद सिंह नायक बलिदान दिवस जैसे आयोजनों के माध्यम से जीवित रखा जा सकता है।
शहीद गैंद सिंह नायक का ऐतिहासिक योगदान
अमर शहीद गैंद सिंह नायक को बस्तर क्षेत्र के महान स्वतंत्रता सेनानी के रूप में जाना जाता है।
शहीद गैंद सिंह नायक बलिदान दिवस का आयोजन छिपली और सामतरा गांवों में श्रद्धा, गौरव और राष्ट्रभक्ति के साथ संपन्न हुआ। यह आयोजन न केवल एक महान स्वतंत्रता सेनानी को श्रद्धांजलि है, बल्कि नई पीढ़ी को देश, समाज और संस्कृति के प्रति अपने कर्तव्यों का बोध कराने का सशक्त माध्यम भी है। निश्चित ही शहीद गैंद सिंह नायक बलिदान दिवस समाज को एकजुट कर राष्ट्रसेवा की भावना को मजबूत करता रहेगा।







