धमतरी : धमतरी में ई-रिक्शा से सफर करने वाले यात्रियों के लिए लंबे समय से परेशानी का कारण बने धमतरी ई-रिक्शा चोरी गिरोह का आखिरकार पुलिस ने सनसनीखेज खुलासा कर दिया है। छत्तीसगढ़ के धमतरी जिले में सक्रिय इस अंतर्राज्यीय गिरोह में शामिल महाराष्ट्र की तीन शातिर महिला चोरों को कोतवाली पुलिस ने महज कुछ घंटों के भीतर गिरफ्तार कर लिया। इस कार्रवाई से न केवल यात्रियों ने राहत की सांस ली है, बल्कि पुलिस की त्वरित कार्यवाही की भी सराहना हो रही है।
ई-रिक्शा बना था चोरी का आसान जरिया
पुलिस जांच में सामने आया कि धमतरी ई-रिक्शा चोरी गिरोह विशेष रूप से भीड़भाड़ वाले ई-रिक्शा को निशाना बनाता था। आरोपी महिलाएं सफर के दौरान यात्रियों के बीच जानबूझकर धक्का-मुक्की करती थीं और इसी अफरातफरी का फायदा उठाकर बैग या पर्स से नकदी पार कर देती थीं।
20 दिसंबर 2025 को इसी तरह की एक घटना कारगिल चौक से सामने आई, जब प्रार्थिया सरिता त्रिपाठी ई-रिक्शा से यात्रा कर रही थीं। विद्यावासिनी मंदिर के पास उतरते समय उनके बैग से 20 हजार रुपये चोरी कर लिए गए। जब तक उन्हें चोरी का अहसास हुआ, आरोपी महिलाएं मौके से फरार हो चुकी थीं।
कोतवाली पुलिस का तेज ‘ऑपरेशन क्लीन-अप’
घटना की रिपोर्ट मिलते ही कोतवाली थाना पुलिस ने अपराध क्रमांक 352/2025 के तहत मामला दर्ज किया और धमतरी ई-रिक्शा चोरी गिरोह की तलाश शुरू कर दी। एसपी धमतरी के निर्देश पर पुलिस ने तुरंत तकनीकी और जमीनी स्तर पर जांच तेज की।
पुलिस की कार्रवाई में शामिल रहे ये कदम:
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शहर के प्रमुख चौराहों और मार्गों के CCTV फुटेज खंगाले गए
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संदिग्ध महिलाओं के हुलिए के आधार पर निगरानी बढ़ाई गई
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विंध्यवासिनी मंदिर क्षेत्र के आसपास घेराबंदी कर तीनों महिलाओं को हिरासत में लिया गया
कड़ाई से पूछताछ करने पर तीनों आरोपियों ने चोरी की घटना स्वीकार कर ली।
गिरफ्तार महिला आरोपियों की पहचान
पुलिस ने धमतरी ई-रिक्शा चोरी गिरोह से जुड़ी जिन तीन महिलाओं को गिरफ्तार किया है, वे सभी महाराष्ट्र की रहने वाली हैं:
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प्रिया इंदुरकर (40 वर्ष) – निवासी नागपुर (मुख्य आरोपी, आपराधिक रिकॉर्ड)
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रंजू सेंडे (50 वर्ष) – निवासी गोंदिया
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संगीता पाथरे (40 वर्ष) – निवासी नागपुर
इनके पास से कुल 8,680 रुपये नकद बरामद किए गए हैं। पूछताछ में खुलासा हुआ कि बाकी रकम आरोपी महिलाओं ने पहले ही खर्च कर दी थी।
पुराना आपराधिक रिकॉर्ड और पेशेवर तरीका
जांच के दौरान यह भी सामने आया कि मुख्य आरोपी प्रिया इंदुरकर पहले से ही रायपुर के गोलबाजार थाना क्षेत्र में चोरी के एक मामले में वांछित थी। धमतरी ई-रिक्शा चोरी गिरोह का तरीका पूरी तरह पेशेवर था—भीड़भाड़ वाले साधनों में सफर करना, यात्रियों का ध्यान भटकाना और फिर पलक झपकते ही चोरी को अंजाम देना।
पुलिस अब यह भी जांच कर रही है कि इस गिरोह ने धमतरी के अलावा अन्य जिलों में भी ऐसी वारदातों को अंजाम दिया है या नहीं।
धमतरी पुलिस की जनता से अपील
इस मामले के खुलासे के बाद धमतरी पुलिस ने आम नागरिकों के लिए एडवाइजरी जारी की है:
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ई-रिक्शा या सार्वजनिक परिवहन में अपने बैग और पर्स पर नजर रखें
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अनावश्यक धक्का-मुक्की करने वालों से सतर्क रहें
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किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तुरंत डायल 112 या 100 पर दें
इस तरह की सतर्कता से धमतरी ई-रिक्शा चोरी गिरोह जैसे अपराधों पर लगाम लगाई जा सकती है।
धमतरी पुलिस द्वारा धमतरी ई-रिक्शा चोरी गिरोह का पर्दाफाश शहर की कानून व्यवस्था के लिए एक बड़ी सफलता मानी जा रही है। समय रहते की गई कार्रवाई से न केवल यात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित हुई है, बल्कि अंतर्राज्यीय अपराधियों को भी कड़ा संदेश मिला है। आम जनता की सतर्कता और पुलिस की सक्रियता से भविष्य में धमतरी ई-रिक्शा चोरी गिरोह जैसे अपराधों पर प्रभावी नियंत्रण संभव है।







