धमतरी : 98 राइस मिलों द्वारा 86,254.6 मीट्रिक टन धान का किया गया उठाव — यह आंकड़ा धमतरी जिले में खरीफ विपणन वर्ष 2025-26 के दौरान समर्थन मूल्य पर धान खरीदी की मजबूत और सुव्यवस्थित व्यवस्था को दर्शाता है। कलेक्टर श्री अबिनाश मिश्रा के निर्देश पर जिले में धान उपार्जन, मिलिंग और परिवहन की पूरी प्रक्रिया पारदर्शी ढंग से संचालित की जा रही है, जिससे किसानों को समय पर भुगतान और उचित मूल्य सुनिश्चित हो सके।
खरीफ विपणन वर्ष 2025-26: व्यापक तैयारियाँ
धमतरी जिले में समर्थन मूल्य पर धान खरीदी के लिए 74 प्राथमिक कृषि साख सहकारी समितियों एवं आदिम जाति सेवा सहकारी समितियों के माध्यम से कुल 100 धान उपार्जन केंद्र संचालित किए जा रहे हैं। इस व्यवस्था के अंतर्गत कुल 1,29,351 किसानों का पंजीयन किया गया है, जिनका रकबा 1,26,875.62 हेक्टेयर है।
किसानों का वर्गीकरण
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सीमांत किसान: 74,106
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लघु किसान: 52,810
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दीर्घ किसान: 2,436
यह आंकड़े दर्शाते हैं कि नीति का लाभ बड़ी संख्या में छोटे और सीमांत किसानों तक पहुँच रहा है।
धान खरीदी और भुगतान की स्थिति
15 नवंबर 2025 से 28 दिसंबर 2025 तक जिले में 65,891 किसानों से 3,15,872.76 मीट्रिक टन धान की खरीदी की जा चुकी है। खरीदी गई धान की राशि का भुगतान लगातार किसानों को किया जा रहा है।
अब तक:
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58,360 किसानों को
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663.53 करोड़ रुपये
का भुगतान किया जा चुका है।
यह प्रक्रिया डिजिटल और पारदर्शी माध्यम से संचालित हो रही है, जिससे किसानों को किसी प्रकार की परेशानी न हो।
धान उपार्जन केंद्रों की सतत निगरानी
जिले के सभी 100 धान उपार्जन केंद्रों पर खरीदी की प्रक्रिया की निगरानी के लिए जिला स्तरीय अधिकारियों को नोडल अधिकारी नियुक्त किया गया है। ये अधिकारी प्रति सप्ताह व्यवस्थाओं की समीक्षा कर रहे हैं ताकि किसी भी प्रकार की अनियमितता को समय रहते रोका जा सके।
अवैध धान भंडारण और परिवहन पर सख्ती
समर्थन मूल्य पर धान खरीदी के दौरान कोचियों और बिचौलियों की गतिविधियों पर रोक लगाने के लिए जिला प्रशासन पूरी तरह सतर्क है। इसके लिए राजस्व, कृषि, खाद्य, सहकारिता और कृषि उपज मंडी विभाग की संयुक्त उड़नदस्ता टीम गठित की गई है।
सीमा क्षेत्रों में कड़ी निगरानी
अंतरराज्यीय अवैध धान परिवहन रोकने हेतु उड़ीसा सीमा से लगे क्षेत्रों में:
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बोराई (घुटकेल)
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बांसपानी
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बनरौद
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सांकरा
में 24 घंटे निगरानी के लिए चेक पोस्ट स्थापित किए गए हैं।
धान मिलिंग और राइस मिलों की भूमिका
धान के मिलिंग कार्य के लिए जिले में अब तक 169 राइस मिलों का पंजीयन किया गया है। इनमें से:
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160 राइस मिलों को
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8,00,208 मीट्रिक टन धान उठाव की अनुमति दी गई है
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7,17,488 मीट्रिक टन का अनुबंध किया जा चुका है
इसी क्रम में 98 राइस मिलों द्वारा 86,254.6 मीट्रिक टन धान का किया गया उठाव, जो जिले की मिलिंग क्षमता और प्रशासनिक समन्वय को दर्शाता है।
कानूनी कार्रवाई और जब्ती
कलेक्टर मिश्रा के निर्देशानुसार अवैध धान परिवहन और भंडारण के खिलाफ सख्त कार्रवाई जारी है।
अब तक:
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मंडी अधिनियम 1972 के तहत 126 प्रकरण दर्ज
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6,907.70 क्विंटल धान और 2 वाहन जब्त
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कस्टम मिलिंग चावल उपार्जन आदेश 2016 के उल्लंघन पर 22,866.8 क्विंटल धान जब्त कर प्रकरण न्यायालय में प्रस्तुत
इससे साफ है कि प्रशासन नियमों के उल्लंघन पर कोई नरमी नहीं बरत रहा।
प्रशासन का स्पष्ट संदेश
कलेक्टर श्री अबिनाश मिश्रा ने स्पष्ट किया है कि समर्थन मूल्य पर धान खरीदी व्यवस्था को पारदर्शी और सुचारु बनाए रखना जिला प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है। नियम तोड़ने वालों के खिलाफ भविष्य में भी इसी तरह कठोर कार्रवाई जारी रहेगी।
धमतरी जिले में समर्थन मूल्य पर धान खरीदी, मिलिंग और निगरानी की व्यवस्था बेहद मजबूत दिखाई दे रही है। 98 राइस मिलों द्वारा 86,254.6 मीट्रिक टन धान का किया गया उठाव इस बात का प्रमाण है कि प्रशासन, सहकारी समितियाँ और राइस मिलें मिलकर किसानों के हित में प्रभावी ढंग से कार्य कर रही हैं। आने वाले समय में भी इसी सख्ती और पारदर्शिता के साथ धान खरीदी अभियान जारी रहने की उम्मीद है।







