अटल विजय द्वार कुरुद के रखरखाव पर उठे सवाल, नगर की पहचान से जुड़ी धरोहर पर ध्यान देने की मांग

कुरुद | अटल विजय द्वार कुरुद नगर की पहचान और गौरव का प्रतीक माना जाता है, लेकिन इसके रखरखाव को लेकर अब स्थानीय स्तर पर गंभीर चर्चा शुरू हो गई है। करीब डेढ़ करोड़ रुपये की लागत से निर्मित यह भव्य नगर प्रवेश द्वार कुरुद बायपास सड़क पर स्थित है, जहां से प्रतिदिन हजारों वाहन नगर में प्रवेश करते हैं। समय के साथ इसकी देखरेख पर अपेक्षित ध्यान नहीं दिए जाने से नागरिकों में असंतोष देखा जा रहा है।

यह द्वार 24 जनवरी 2017 को तत्कालीन पंचायत एवं ग्रामीण विकास मंत्री अजय चन्द्राकर द्वारा लोकार्पित किया गया था। अटल विजय द्वार कुरुद का निर्माण राजस्थानी स्थापत्य शैली में किया गया है, जो इसे अन्य प्रवेश द्वारों से अलग और विशिष्ट बनाता है।

राजस्थानी शैली में बना भव्य प्रवेश द्वार

जानकारी के अनुसार अटल विजय द्वार कुरुद का निर्माण पर्यटन मंत्री के रूप में अजय चन्द्राकर के कार्यकाल के दौरान कराया गया था। इस द्वार के निर्माण में राजस्थान के कुशल कारीगरों ने विशेष शिल्प कला का उपयोग किया है। राजस्थानी पत्थरों से बनी यह संरचना अपनी भव्यता और कलात्मकता के कारण दूर से ही आकर्षित करती है।

निर्माण कार्य लोक निर्माण से जुड़े आरईएस विभाग द्वारा कराया गया था। निर्माण पूर्ण होने के बाद इसके रखरखाव की जिम्मेदारी नगरीय निकाय को सौंपी गई थी, ताकि इसे लंबे समय तक सुरक्षित और आकर्षक बनाए रखा जा सके।

समय के साथ कम होती गई देखरेख

स्थानीय नागरिकों का कहना है कि अटल विजय द्वार कुरुद की नियमित देखरेख नहीं हो पा रही है। पहले इस द्वार पर आकर्षक प्रकाश व्यवस्था और फव्वारे लगाए गए थे, जो रात के समय इसकी सुंदरता को और बढ़ाते थे। वर्तमान में ये फव्वारे बंद पड़े हैं और लाइटिंग सिस्टम भी अधिकांशतः निष्क्रिय है।

कुछ हिस्सों में रंग-रोगन भी फीका पड़ चुका है, जिससे द्वार की भव्यता प्रभावित हो रही है। नागरिकों का मानना है कि यदि समय रहते मरम्मत और सौंदर्यीकरण कार्य नहीं किया गया, तो यह संरचना धीरे-धीरे अपनी पहचान खो सकती है।

सुरक्षा और सौंदर्यीकरण को लेकर सुझाव

नगरवासियों ने अटल विजय द्वार कुरुद के संरक्षण के लिए कई सुझाव दिए हैं। इनमें प्रमुख रूप से—

प्रकाश और फव्वारों की पुनः व्यवस्था

द्वार पर फिर से आधुनिक लाइटिंग सिस्टम और फव्वारे चालू किए जाएं, ताकि रात में यह नगर का आकर्षण केंद्र बन सके।

रंग-रोगन और उद्यान विकास

समय-समय पर रंग-रोगन कर संरचना को नया रूप दिया जाए। साथ ही आसपास छोटे उद्यान विकसित कर इसे सौंदर्य की दृष्टि से और बेहतर बनाया जा सकता है।

सीसीटीवी कैमरे लगाने की मांग

सुरक्षा की दृष्टि से सीसीटीवी कैमरे लगाए जाने की भी मांग उठ रही है, जिससे असामाजिक गतिविधियों पर नजर रखी जा सके।

नगर का प्रमुख प्रवेश मार्ग

अटल विजय द्वार कुरुद नगर का प्रमुख प्रवेश मार्ग होने के कारण इसका महत्व और भी बढ़ जाता है। इस मार्ग से राजिम, आरंग, सिमगा, गरियाबंद, नगरी, मगरलोड और भारतमाला सड़क परियोजना से जुड़े वाहन प्रतिदिन गुजरते हैं। बाहरी क्षेत्रों से आने वाले लोगों के लिए यह द्वार कुरुद की पहली पहचान बनता है।

स्थानीय लोगों का कहना है कि नगर की छवि और सांस्कृतिक पहचान से जुड़े इस ढांचे का संरक्षण प्रशासन की प्राथमिकता होनी चाहिए।

 नगर की पहचान से जुड़ी ऐतिहासिक संरचना

विशेषज्ञों का मानना है कि अटल विजय द्वार कुरुद केवल एक प्रवेश द्वार नहीं, बल्कि नगर के विकास और सांस्कृतिक दृष्टिकोण का प्रतीक है। यदि इसका सही ढंग से संरक्षण और प्रचार किया जाए, तो यह भविष्य में पर्यटन की दृष्टि से भी महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है।

 

Bharti Sahu
Author: Bharti Sahu

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