कुरुद | छत्तीसगढ़ के धमतरी जिले स्थित सीतानदी टाइगर रिजर्व में तेंदुए का जोड़ा देखे जाने से वन्यजीव प्रेमियों और वन विभाग में उत्साह का माहौल है। नियमित गश्त के दौरान वन विभाग की टीम ने टाइगर रिजर्व के पहाड़ी और घास वाले क्षेत्र में तेंदुए के एक स्वस्थ जोड़े को कैमरे में कैद किया। यह दृश्य न केवल रोमांचक है, बल्कि यह क्षेत्र में वन्यजीव संरक्षण की सफलता का भी संकेत देता है।
रुटीन गश्त में सामने आई बड़ी उपलब्धि
उदंती–सीतानदी टाइगर रिजर्व धमतरी के उप निदेशक वरुण जैन के अनुसार, वन विभाग की टीम रविवार रात नियमित निरीक्षण और पेट्रोलिंग के लिए निकली थी। इसी दौरान जंगल में लगाए गए कैमरों में सीतानदी टाइगर रिजर्व में तेंदुए का जोड़ा कैद हुआ। वीडियो फुटेज में नर और मादा तेंदुआ एक साथ चहलकदमी करते और उछलकूद करते नजर आ रहे हैं, जो इस बात का प्रमाण है कि दोनों पूरी तरह स्वस्थ हैं और उनका प्राकृतिक व्यवहार सामान्य है।
एसडीओ के नेतृत्व में हुआ निरीक्षण
टीम एसडीओ के नेतृत्व में जंगल का निरीक्षण कर रही थी। पहाड़ी इलाका और घास से ढका क्षेत्र तेंदुओं के लिए अनुकूल माना जाता है। ऐसे में इस क्षेत्र में तेंदुए की मौजूदगी यह दर्शाती है कि रिजर्व में भोजन, पानी और सुरक्षित आवास की पर्याप्त व्यवस्था है।
वन्यजीव संरक्षण की दिशा में सकारात्मक संकेत
वन विशेषज्ञों का मानना है कि सीतानदी टाइगर रिजर्व में तेंदुए का जोड़ा दिखना जैव विविधता के लिहाज से एक बेहद सकारात्मक संकेत है। नियमित गश्त और निगरानी से न केवल जंगली जानवर सुरक्षित रहते हैं, बल्कि अवैध शिकारियों का खतरा भी काफी हद तक कम हो जाता है।
धमतरी–कांकेर वन क्षेत्र में क्यों दिखते हैं तेंदुए?
धमतरी और कांकेर के वन क्षेत्रों में भोजन और पानी के भरपूर स्रोत मौजूद हैं। इसी कारण यहां अक्सर तेंदुए देखे जाते हैं। इसके अलावा, इस क्षेत्र के रिजर्व फॉरेस्ट में कई दुर्लभ जीव-जंतु भी पाए जाते हैं, जो पारिस्थितिकी तंत्र को संतुलित बनाए रखते हैं।
ग्रामीणों के लिए वन विभाग की एडवाइजरी
वन विभाग ने एहतियात के तौर पर सीतानदी टाइगर रिजर्व के आसपास रहने वाले ग्रामीणों को सतर्क रहने की अपील की है। विभाग का कहना है कि इलाके में तेंदुए का जोड़ा सक्रिय है, इसलिए रात के समय अकेले जंगल की ओर न जाएं, पशुओं को सुरक्षित स्थान पर रखें और किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तुरंत वन विभाग को दें।
उदंती–सीतानदी टाइगर रिजर्व का महत्व
उदंती–सीतानदी टाइगर रिजर्व छत्तीसगढ़ के प्रमुख वन्यजीव अभयारण्यों में से एक है। यह क्षेत्र न केवल बाघों बल्कि तेंदुए, भालू, हिरण और कई अन्य दुर्लभ प्रजातियों का प्राकृतिक घर है। यहां की समृद्ध जैव विविधता राज्य की पहचान को और मजबूत करती है।
वन विभाग की सतत निगरानी बनी ताकत
वन विभाग द्वारा लगातार की जा रही पेट्रोलिंग, कैमरा ट्रैपिंग और निगरानी से यह सुनिश्चित हो रहा है कि वन्यजीव सुरक्षित रहें। सीतानदी टाइगर रिजर्व में तेंदुए का जोड़ा दिखना इस बात का प्रमाण है कि संरक्षण प्रयास सही दिशा में आगे बढ़ रहे हैं।
सीतानदी टाइगर रिजर्व में तेंदुए का जोड़ा दिखना न सिर्फ वन विभाग की मेहनत का परिणाम है, बल्कि यह छत्तीसगढ़ के वन्यजीव संरक्षण के उज्ज्वल भविष्य की ओर भी इशारा करता है। यदि इसी तरह निगरानी और जागरूकता बनी रही, तो यह क्षेत्र आने वाले समय में और भी समृद्ध वन्यजीव विविधता का गवाह बनेगा।







