मनरेगा बचाओ संग्राम: कुरुद में कांग्रेस की पदयात्रा, मोदी सरकार और राज्य सरकार पर साधा निशाना

कुरुद | कांग्रेस पार्टी ने इन दिनों देशभर में मनरेगा बचाओ संग्राम छेड़ दिया है। इसी कड़ी में छत्तीसगढ़ प्रदेश कांग्रेस कमेटी  के अध्यक्ष दीपक बैज की अगुआई में कुरुद विधानसभा क्षेत्र के मेघा से पांच गांवों तक विशाल पदयात्रा निकाली गई। इस दौरान कांग्रेस नेताओं और कार्यकर्ताओं ने केंद्र की मोदी सरकार के साथ-साथ राज्य सरकार के दो वर्षों के कार्यकाल की नाकामियों को जनता के सामने रखा।
मनरेगा बचाओ संग्राम के तहत मेघा से पांच गांवों तक पदयात्रा
मंगलवार को महानदी के तट पर बसे गौरव ग्राम मेघा में आयोजित सभा को संबोधित करते हुए दीपक बैज ने कहा कि मनरेगा बचाओ संग्राम केवल एक राजनीतिक आंदोलन नहीं, बल्कि ग्रामीण गरीबों और मजदूरों के अधिकारों की लड़ाई है। उन्होंने आरोप लगाया कि केंद्र सरकार ने मनरेगा जैसी ऐतिहासिक रोजगार गारंटी योजना की आत्मा को खत्म करने का प्रयास किया है।
पदयात्रा मेघा से शुरू होकर अरौद, गिरौद, सौंगा और हरदी गांव तक पहुंची। इस दौरान कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने हाथों में झंडे और बैनर लेकर नारेबाजी की और भाजपा सरकार की कथित विफलताओं को उजागर किया।
दीपक बैज का आरोप: मनरेगा की मूल भावना खत्म की जा रही
सभा को संबोधित करते हुए दीपक बैज ने कहा कि मोदी सरकार ने मनरेगा का नाम बदलकर “विकसित भारत जीराम जी” कर दिया है, जो महात्मा गांधी की सोच को मिटाने की कोशिश है। उन्होंने कहा कि मनरेगा संविधान के अनुच्छेद 21 के तहत मिलने वाले अधिकारों पर आधारित रोजगार गारंटी थी, लेकिन नए फ्रेमवर्क ने इसे शर्तों से बंधी, केंद्र द्वारा नियंत्रित योजना बना दिया है।
दीपक बैज ने बताया कि पहले मनरेगा में 90 प्रतिशत वित्तीय हिस्सेदारी केंद्र सरकार की होती थी, लेकिन अब 40 प्रतिशत खर्च राज्य सरकारों पर डाल दिया गया है। इससे पहले से वित्तीय संकट झेल रही राज्य सरकारों पर अतिरिक्त बोझ बढ़ेगा और आने वाले समय में मनरेगा योजना के खत्म होने का खतरा है। उन्होंने कहा कि यदि ऐसा हुआ तो ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार पूरी तरह से ठप हो जाएगा।
भाजपा पर गरीब विरोधी नीतियों का आरोप
जिला कांग्रेस अध्यक्ष तारणी चन्द्राकर ने कहा कि भाजपा सरकार कॉरपोरेट घरानों के हित में काम कर रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि जानबूझकर मनरेगा में ऐसे बदलाव किए गए हैं, जिससे गरीब मजदूरों को काम मिलना बंद हो जाए। मनरेगा बचाओ संग्राम के माध्यम से कांग्रेस मजदूरों की आवाज़ बुलंद कर रही है।
उन्होंने यह भी कहा कि मोदी सरकार ने सुधार के नाम पर लोकसभा में ऐसा बिल पास किया है, जिससे दुनिया की सबसे बड़ी रोजगार गारंटी योजना धीरे-धीरे समाप्त हो जाएगी। इसका सीधा असर ग्रामीण अर्थव्यवस्था और गरीब परिवारों की रोजी-रोटी पर पड़ेगा।
किसानों की समस्याओं को भी उठाया गया
पूर्व विधायक लेखराम साहू ने केंद्र और राज्य सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि आज किसान खाद, बीज और टोकन के लिए परेशान हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि अधिकारी घर-घर जाकर धान की जांच कर रहे हैं और किसानों को चोर समझा जा रहा है। साहू ने कहा कि यह पहली सरकार है जो किसानों के साथ इस तरह का व्यवहार कर रही है।
उन्होंने कहा कि सरकारी नीतियों से गरीब, मजदूर, व्यापारी और किसान सभी परेशान हैं और कोई भी वर्ग खुश नहीं है।
जिले भर से कांग्रेस नेताओं की भागीदारी
इस पदयात्रा में मगरलोड, कुरुद, भखारा, सिहावा, नगरी और धमतरी से बड़ी संख्या में कांग्रेस नेता और कार्यकर्ता शामिल हुए। सभी ने एक स्वर में मनरेगा बचाओ संग्राम को मजबूत करने और गांव-गांव तक लोगों को जागरूक करने का संकल्प लिया।
निष्कर्ष
कुल मिलाकर, मनरेगा बचाओ संग्राम के जरिए कांग्रेस ने कुरुद विधानसभा में केंद्र और राज्य सरकार की नीतियों के खिलाफ जोरदार संदेश दिया है। यह आंदोलन ग्रामीण मजदूरों, किसानों और गरीबों के अधिकारों की रक्षा के लिए शुरू किया गया है। आने वाले दिनों में यह देखना दिलचस्प होगा कि मनरेगा बचाओ संग्राम कितना प्रभाव डाल पाता है और सरकार इस पर क्या रुख अपनाती है।
Bharti Sahu
Author: Bharti Sahu

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