कुरुद | में धान खरीदी को लेकर चक्काजाम एक बार फिर छत्तीसगढ़ की राजनीति और किसान समस्याओं को केंद्र में ले आया है। धमतरी जिले के कुरुद क्षेत्र में धान खरीदी की अव्यवस्था, टोकन सिस्टम की गड़बड़ी और कथित प्रशासनिक दबाव के विरोध में कांग्रेस ने राष्ट्रीय राजमार्ग पर बड़ा प्रदर्शन किया। इस दौरान सैकड़ों कांग्रेसी कार्यकर्ता, किसान, जनप्रतिनिधि और पूर्व-वर्तमान विधायक मौजूद रहे।
धमतरी-कुरुद नेशनल हाईवे पर हुआ चक्काजाम
मंगलवार को कुरुद और धमतरी के बीच संबलपुर नेशनल हाईवे पर कुरुद में धान खरीदी को लेकर चक्काजाम किया गया। कांग्रेस नेताओं और किसानों ने सड़क पर धान से भरे बोरे रखकर आवागमन पूरी तरह बाधित कर दिया। प्रदर्शन का नेतृत्व धमतरी जिला कांग्रेस अध्यक्ष तारणी चन्द्राकर ने किया।
इस आंदोलन में वर्तमान विधायक ओंकार साहू, जिला पंचायत सदस्य नीलम चंद्राकर, प्रभात राव, शारदा साहू, देवव्रत साहू सहित बड़ी संख्या में जनप्रतिनिधि शामिल हुए। नेताओं ने एक स्वर में कहा कि किसान कोई चोर नहीं हैं, लेकिन प्रशासन उनके साथ अपराधियों जैसा व्यवहार कर रहा है।
धान खरीदी व्यवस्था पर उठे गंभीर सवाल
जिलाध्यक्ष तारणी चन्द्राकर ने कहा कि धान खरीदी सत्र की शुरुआत से ही भारी अव्यवस्था बनी हुई है। कभी टोकन जारी नहीं हो रहे, तो कभी खरीदी सीमा घटाई जा रही है। कुरुद में धान खरीदी को लेकर चक्काजाम इसी प्रशासनिक लापरवाही का नतीजा है।
उन्होंने आरोप लगाया कि भौतिक सत्यापन के नाम पर छोटे किसानों को प्रताड़ित किया जा रहा है और जबरन रकबा समर्पण कराया जा रहा है। कांग्रेस के पास सैकड़ों ऐसे आवेदन आए हैं, जिनमें किसानों का धान अब तक नहीं खरीदा गया।
ट्रैक्टर चलाकर आंदोलन में उतरे पूर्व विधायक लेखराम साहू
कुरुद के पूर्व विधायक लेखराम साहू ट्रैक्टर चलाते हुए आंदोलन में शामिल हुए, जो प्रदर्शन का सबसे आकर्षक दृश्य रहा। उन्होंने भाजपा सरकार पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि डबल इंजन की सरकार ने किसानों के साथ धोखा किया है।
उनका कहना था कि 50 क्विंटल का टोकन काटकर सिर्फ 30 क्विंटल धान खरीदा जा रहा है और शेष 20 क्विंटल जबरन सरेंडर कराया जा रहा है। कुरुद में धान खरीदी को लेकर चक्काजाम सरकार की इसी किसान-विरोधी नीति के खिलाफ चेतावनी है।
सरकार पर भ्रष्टाचार और लापरवाही के आरोप
लेखराम साहू ने यह भी कहा कि बीते दो वर्षों में सरकार ने ऐसे “मूसवा” पाल रखे हैं, जिन्होंने करोड़ों का धान निगल लिया। यदि यही हाल रहा, तो आने वाले वर्षों में पूरे छत्तीसगढ़ की कृषि व्यवस्था को भारी नुकसान होगा।
कांग्रेस नेताओं ने आरोप लगाया कि इतिहास में पहली बार ऐसा हो रहा है, जब सरकार किसानों के घर-घर जाकर धान की जांच करवा रही है।
ज्ञापन सौंपकर आंदोलन किया समाप्त
प्रदर्शन के अंत में कांग्रेस नेताओं और किसानों ने राज्यपाल के नाम का ज्ञापन सौंपा। एसडीएम द्वारा समस्याओं के समाधान का आश्वासन दिए जाने के बाद कुरुद में धान खरीदी को लेकर चक्काजाम समाप्त किया गया। हालांकि कांग्रेस ने साफ चेतावनी दी कि यदि व्यवस्था में सुधार नहीं हुआ, तो आने वाले दिनों में इससे भी उग्र आंदोलन किया जाएगा।
आंदोलन में मौजूद प्रमुख नेता
इस मौके पर लक्ष्मी ध्रुव, पंकज महावर, शरद लोहाना, मोहन लालवानी, विपिन साहू, विजय देवांगन, कविता बाबर, आनंद पवार, खिलेंद्र ध्रुव, योगेश शर्मा, गौतम वाधवानी, होमेन्द्र साहू, विनीत बाफना, अनवर रजा, बृजेश जगताप सहित बड़ी संख्या में कांग्रेस कार्यकर्ता उपस्थित थे।
निष्कर्ष
कुल मिलाकर, कुरुद में धान खरीदी को लेकर चक्काजाम सिर्फ एक प्रदर्शन नहीं बल्कि किसानों की गहरी नाराज़गी और प्रशासनिक अव्यवस्था का प्रतीक बन गया है। यदि सरकार ने समय रहते ठोस कदम नहीं उठाए, तो यह आंदोलन आने वाले समय में और व्यापक रूप ले सकता है।







