RBI का बड़ा फैसला, Paytm Payments Bank का लाइसेंस रद्द

नई दिल्ली। भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) ने एक महत्वपूर्ण नियामकीय कार्रवाई करते हुए पेटीएम पेमेंट्स बैंक लिमिटेड का बैंकिंग लाइसेंस रद्द कर दिया है, जिससे डिजिटल बैंकिंग क्षेत्र में हलचल तेज हो गई है। आरबीआई द्वारा जारी आदेश के अनुसार यह निर्णय तत्काल प्रभाव से लागू कर दिया गया है और बैंक को बैंकिंग रेगुलेशन एक्ट, 1949 के तहत किसी भी प्रकार की बैंकिंग गतिविधि करने से रोक दिया गया है। केंद्रीय बैंक ने स्पष्ट किया है कि यह कार्रवाई लंबे समय से जारी नियामकीय अनियमितताओं और निर्देशों के पालन में कमी के चलते की गई है। इस निर्णय के तहत अब पेटीएम पेमेंट्स बैंक न तो नए ग्राहक जोड़ सकेगा और न ही किसी प्रकार की बैंकिंग सेवा प्रदान कर पाएगा।

हालांकि आरबीआई ने यह भी स्पष्ट किया है कि इस फैसले का असर पेटीएम के यूपीआई संचालन पर नहीं पड़ेगा, क्योंकि कंपनी इसके लिए अन्य बैंकों के साथ साझेदारी में काम कर रही है। इससे पहले भी आरबीआई ने 11 मार्च 2022 से इस बैंक को नए ग्राहक जोड़ने पर रोक लगा दी थी और इसके बाद 31 जनवरी 2024 तथा 16 फरवरी 2024 को भी कई कड़े प्रतिबंध लगाए गए थे। इनमें मौजूदा खातों, प्रीपेड इंस्ट्रूमेंट्स और वॉलेट्स में नए जमा स्वीकार करने पर रोक शामिल थी। इन लगातार उठाए गए कदमों के बावजूद स्थिति में अपेक्षित सुधार नहीं होने पर अंततः केंद्रीय बैंक को यह कठोर निर्णय लेना पड़ा।

आरबीआई ने अपनी प्रेस रिलीज में कहा है कि बैंक के पास पर्याप्त धनराशि उपलब्ध है, जिससे वह अपने सभी जमाकर्ताओं का पैसा वापस करने में सक्षम है। इसके साथ ही आरबीआई बैंक को बंद करने की प्रक्रिया शुरू करने के लिए उच्च न्यायालय में आवेदन करेगा। नियामक ने उपभोक्ताओं से अपील की है कि वे किसी भी अफवाह पर ध्यान न दें और अपने खातों तथा लेनदेन से संबंधित जानकारी के लिए आधिकारिक स्रोतों पर ही भरोसा करें। इस संबंध में अधिक जानकारी आरबीआई की आधिकारिक वेबसाइट https://www.rbi.org.in पर उपलब्ध है।

यह घटनाक्रम डिजिटल भुगतान और फिनटेक सेक्टर के लिए एक बड़ा संकेत माना जा रहा है, जहां नियामकीय अनुपालन और पारदर्शिता को लेकर सख्ती बढ़ाई जा रही है। विशेषज्ञों का मानना है कि इस फैसले के बाद अन्य फिनटेक कंपनियों को भी अपने संचालन और नियामकीय मानकों को लेकर अधिक सतर्क रहना होगा। वहीं उपभोक्ताओं के लिए यह जरूरी है कि वे अपने वित्तीय लेनदेन के लिए विश्वसनीय और नियामकीय रूप से मजबूत संस्थानों का ही चयन करें।

 

Annu Dewangan
Author: Annu Dewangan