भीषण गर्मी में रिकॉर्ड बिजली खपत, बढ़ते बिलों से उपभोक्ता परेशान

रायपुर। प्रदेश में भीषण गर्मी के असर ने बिजली व्यवस्था पर दबाव बढ़ा दिया है, जिसके चलते बिजली की मांग रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गई है और उपभोक्ताओं को बढ़े हुए बिलों का सामना करना पड़ रहा है। अप्रैल माह में ही बिजली की मांग 7083 मेगावाट के ऐतिहासिक स्तर तक पहुंच गई, जो पिछले वर्ष मई 2024 की तुलना में लगभग 700 मेगावाट अधिक है। तापमान में लगातार वृद्धि, घरों में एसी और कूलर का बढ़ता उपयोग तथा रबी फसल की सिंचाई के लिए कृषि पंपों का लगातार संचालन इस उछाल के प्रमुख कारण माने जा रहे हैं। जहां सर्दियों के महीनों में मांग 4500 से 5000 मेगावाट के बीच रहती थी, वहीं अप्रैल के मध्य में यह तेजी से बढ़कर 7000 मेगावाट के पार पहुंच गई, जो करीब 10 प्रतिशत की वार्षिक वृद्धि को दर्शाता है।

राज्य की कुल उत्पादन क्षमता लगभग 2978.70 मेगावाट है, जबकि केंद्रीय सेक्टर से 3380 मेगावाट की आपूर्ति अनुबंध के तहत मिलती है और सौर ऊर्जा संयंत्रों से प्रतिदिन करीब 700 मेगावाट बिजली का उत्पादन हो रहा है। इसके बावजूद शाम 6 बजे से रात 12 बजे तक के पीक आवर में मांग आपूर्ति से अधिक हो जाती है, जिससे सिस्टम पर अतिरिक्त दबाव बनता है। रात के समय सौर ऊर्जा उपलब्ध न होने के कारण स्थिति और चुनौतीपूर्ण हो जाती है। ऐसे में आपूर्ति बनाए रखने के लिए सरकार को “वन नेशन, वन ग्रिड” के माध्यम से 10 से 12 रुपये प्रति यूनिट की ऊंची दर पर बिजली खरीदनी पड़ रही है, जबकि राज्य में उत्पादित बिजली की लागत औसतन 4 से 8 रुपये प्रति यूनिट है। इसका सीधा असर उपभोक्ताओं के बिजली बिलों पर भी पड़ रहा है, जिससे आम लोगों में असंतोष बढ़ रहा है।

बढ़ते लोड का असर बिजली के बुनियादी ढांचे पर भी साफ दिखाई देने लगा है। अप्रैल माह में रायपुर शहर में ही लोड बढ़ने के कारण 2 से 3 बड़े ट्रांसफार्मर जलने की घटनाएं सामने आई हैं। विशेषकर देर रात जब एसी और कूलर का उपयोग चरम पर होता है, तब ट्रांसफार्मर फेल होने और बिजली आपूर्ति बाधित होने की शिकायतें बढ़ जाती हैं। प्रदेश में बिजली उपभोक्ताओं की संख्या भी तेजी से बढ़कर 65.91 लाख तक पहुंच गई है, वहीं कृषि पंपों की संख्या में भी लगातार वृद्धि दर्ज की जा रही है, जिससे कुल मांग पर अतिरिक्त दबाव पड़ रहा है।

विशेषज्ञों का मानना है कि यदि आने वाले दिनों में तापमान में और वृद्धि होती है, तो बिजली की मांग और अधिक बढ़ सकती है, जिससे आपूर्ति प्रबंधन और चुनौतीपूर्ण हो जाएगा। ऐसे में ऊर्जा विभाग द्वारा उपभोक्ताओं से अपील की जा रही है कि वे अनावश्यक बिजली उपयोग से बचें और ऊर्जा संरक्षण के उपाय अपनाएं, ताकि सिस्टम पर दबाव कम किया जा सके। बिजली से जुड़ी विस्तृत जानकारी और उपभोक्ता सेवाओं के लिए https://cspdcl.co.in पर भी जानकारी प्राप्त की जा सकती है, जहां बिल, आपूर्ति और शिकायतों से संबंधित सुविधाएं उपलब्ध हैं।

 

Annu Dewangan
Author: Annu Dewangan