
कुरुद। भारतमाला परियोजना से जुड़े कथित मुआवजा घोटाले की जांच अब रायपुर और अभनपुर से आगे बढ़ते हुए धमतरी जिले के कुरुद तक पहुंच गई है। शुक्रवार तड़के प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) की टीम ने कुरुद के सरोजनी चौक और दाऊ गगाप्रसाद मार्ग स्थित दो कारोबारियों के घर पर दबिश दी और दस्तावेजों की गहन जांच शुरू की। कार्रवाई के दौरान घर के बाहर सुरक्षा घेरा बना दिया गया है और किसी भी व्यक्ति को अंदर-बाहर आने की अनुमति नहीं दी जा रही है।
सूत्रों के अनुसार, ईडी और आर्थिक अपराध अन्वेषण शाखा (EOW) को मिली शिकायत में गंभीर आरोप लगाए गए हैं। शिकायत में दावा किया गया है कि उन्होंने न केवल अभनपुर क्षेत्र में, बल्कि अपने करीबियों के माध्यम से अलग-अलग तहसीलों में भारतमाला परियोजना के तहत करोड़ों रुपए का मुआवजा दिलाने में भूमिका निभाई। जांच एजेंसियों को इस संबंध में दस्तावेजी प्रमाण भी सौंपे गए हैं, जिनके आधार पर कार्रवाई को अंजाम दिया जा रहा है।
विभागीय सूत्र बताते हैं कि अभनपुर के कायाबांधा क्षेत्र में चंद्राकार को खुद भी करोड़ों रुपए का मुआवजा प्राप्त हुआ है। इसके अलावा दुर्ग, पाटन, राजनांदगांव के देवादा और धमतरी जिले के मगरलोड तहसील में भी उनके करीबी लोगों को संदिग्ध तरीके से भारी भरकम मुआवजा मिलने की बात सामने आई है। इन मामलों में जमीन अधिग्रहण की प्रक्रिया और मुआवजा निर्धारण में अनियमितताओं की आशंका जताई जा रही है, जिसकी जांच अब एजेंसियां कर रही हैं।
सुबह करीब तीन वाहनों में पहुंचे एक दर्जन से अधिक अधिकारियों ने घर में प्रवेश कर दस्तावेजों की जांच शुरू की और इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों को भी खंगाला जा रहा है। कार्रवाई के दौरान सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए हैं, ताकि जांच प्रक्रिया में किसी प्रकार का व्यवधान न आए। स्थानीय स्तर पर इस कार्रवाई को लेकर हलचल तेज हो गई है और प्रशासनिक हलकों में भी इसे गंभीरता से देखा जा रहा है।
भारत माला परियोजना देश की प्रमुख सड़क अवसंरचना योजनाओं में से एक है, जिसमें भूमि अधिग्रहण के दौरान पारदर्शिता और उचित मुआवजा सुनिश्चित करना आवश्यक होता है। ऐसे में यदि मुआवजा वितरण में गड़बड़ी के आरोप साबित होते हैं, तो यह न केवल सरकारी धन के दुरुपयोग का मामला होगा, बल्कि आम लोगों के अधिकारों पर भी सवाल खड़े करेगा। जांच एजेंसियों का कहना है कि सभी तथ्यों की बारीकी से पड़ताल की जा रही है और जरूरत पड़ने पर अन्य स्थानों पर भी कार्रवाई की जा सकती है।
इस मामले से जुड़ी अधिक जानकारी और भारतमाला परियोजना की आधिकारिक जानकारी के लिए केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय की वेबसाइट https://morth.nic.in पर भी देखा जा सकता है। फिलहाल जांच जारी है और आने वाले दिनों में इस पूरे मामले में और बड़े खुलासे होने की संभावना जताई जा रही है।







