बालोद। दल्लीराजहरा क्षेत्र में सीवरेज पाइपलाइन विस्तार कार्य के दौरान मंगलवार शाम हुए दर्दनाक हादसे में तीन मजदूरों की मौत ने सुरक्षा व्यवस्था और निर्माण कार्यों में बरती जा रही लापरवाही पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। दास पान ठेला चौक के पास बीएसपी के सीवरेज लाइन प्रोजेक्ट के तहत चल रही खुदाई के दौरान अचानक मिट्टी धंस गई, जिससे गहरे गड्ढे में काम कर रहे तीन मजदूर मलबे में दब गए। हादसे में किशुन कुमार, राकेश कुमार और बैशाखिन की मौके पर ही मौत हो गई। मृतकों में दो पुरुष और एक महिला शामिल हैं। घटना के बाद पूरे इलाके में अफरा-तफरी मच गई और बड़ी संख्या में लोग घटनास्थल पर जुट गए। स्थानीय लोगों के अनुसार हादसे के समय मजदूर करीब 10 से 12 फीट गहरे गड्ढे में पाइप फिटिंग का काम कर रहे थे, लेकिन वहां सुरक्षा के पर्याप्त इंतजाम नहीं थे। बताया जा रहा है कि खुदाई के दौरान इस्तेमाल की जा रही चेन मोल्डिंग मशीन की चेन अचानक टूट गई, जिससे तेज झटका लगा और देखते ही देखते मिट्टी भरभराकर मजदूरों के ऊपर गिर गई।
प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक हादसा इतना अचानक हुआ कि मजदूरों को बाहर निकलने का मौका तक नहीं मिल सका। आसपास मौजूद लोगों ने तत्काल बचाव कार्य शुरू किया, लेकिन भारी मात्रा में मिट्टी धंस जाने के कारण राहत कार्य प्रभावित हुआ। सूचना मिलने के बाद पुलिस और प्रशासनिक टीम मौके पर पहुंची तथा मलबा हटाकर मजदूरों को बाहर निकाला गया, लेकिन तब तक उनकी मौत हो चुकी थी। घटना के बाद मृतकों के परिजनों और आदिवासी संगठनों में भारी आक्रोश देखा गया। पीड़ित परिवारों ने मुआवजे और जिम्मेदार अधिकारियों पर कार्रवाई की मांग को लेकर अस्पताल के बाहर धरना शुरू कर दिया। स्थानीय लोगों का आरोप है कि निर्माण कार्य में सुरक्षा मानकों का पालन नहीं किया जा रहा था और मजदूरों को बिना सुरक्षा उपकरणों के गहरे गड्ढे में काम कराया जा रहा था।
इस हादसे के बाद श्रमिक सुरक्षा और निर्माण स्थलों पर निगरानी को लेकर प्रशासन की भूमिका पर भी सवाल उठने लगे हैं। श्रम कानूनों के जानकारों का कहना है कि इस प्रकार के निर्माण कार्यों में सुरक्षा उपकरण, मजबूत सपोर्ट सिस्टम और तकनीकी निगरानी अनिवार्य होती है, ताकि मिट्टी धंसने जैसी घटनाओं से बचा जा सके। प्रशासन ने मामले की जांच शुरू कर दी है और संबंधित एजेंसियों से रिपोर्ट मांगी गई है। अधिकारियों का कहना है कि जांच रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। इस घटना ने एक बार फिर यह सवाल खड़ा कर दिया है कि बड़े निर्माण प्रोजेक्ट्स में श्रमिकों की सुरक्षा को लेकर कितनी गंभीरता बरती जा रही है। श्रमिक सुरक्षा और निर्माण नियमों से जुड़ी अधिक जानकारी के लिए Ministry of Labour and Employment देखा जा सकता है।







