रेललाइन कार्य से 12 दिन तक 70 से ज्यादा ट्रेनें प्रभावित

छत्तीसगढ़। बिलासपुर-झारसुगुड़ा रेलखंड में चौथी रेललाइन परियोजना के तहत चांपा स्टेशन में होने वाले तकनीकी कार्य के कारण जून महीने में रेल यात्रियों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ेगा। रेलवे प्रशासन ने जानकारी दी है कि 7 जून से 19 जून तक अलग-अलग तिथियों में 70 से अधिक यात्री और एक्सप्रेस ट्रेनें रद्द रहेंगी, कई ट्रेनों का मार्ग बदला जाएगा, जबकि कुछ ट्रेनों को बीच रास्ते में ही समाप्त किया जाएगा। इसके अलावा कई प्रमुख ट्रेनों का परिचालन देरी से होगा। रेलवे ने यात्रियों से अपील की है कि यात्रा शुरू करने से पहले ट्रेन की स्थिति अवश्य जांच लें, ताकि अनावश्यक परेशानी से बचा जा सके।

रेलवे अधिकारियों के मुताबिक बिलासपुर से झारसुगुड़ा के बीच लगभग 206 किलोमीटर लंबी चौथी रेललाइन का निर्माण कार्य तेजी से जारी है, जिसमें अब तक 180 किलोमीटर से अधिक काम पूरा हो चुका है। अब चांपा स्टेशन को नई रेललाइन से जोड़ने के लिए तकनीकी और सिग्नलिंग संबंधी कार्य किए जाएंगे। रेलवे का कहना है कि परियोजना पूरी होने के बाद इस व्यस्त रेलखंड में ट्रेनों की आवाजाही अधिक सुगम होगी और ट्रेनों की समयबद्धता में सुधार आएगा। हालांकि फिलहाल इस कार्य के चलते दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे के कई प्रमुख रूट प्रभावित रहेंगे।

इस दौरान रायगढ़-बिलासपुर, बिलासपुर-रायगढ़, गेवरारोड-रायपुर, रायपुर-गेवरारोड, कोरबा-रायपुर और रायपुर-कोरबा सहित कई मेमू और पैसेंजर ट्रेनें रद्द रहेंगी। वहीं टाटानगर-बिलासपुर एक्सप्रेस, टाटानगर-इतवारी एक्सप्रेस, दुर्ग-आरा साउथ बिहार एक्सप्रेस, अहमदाबाद-हावड़ा एक्सप्रेस, पुरी-जोधपुर एक्सप्रेस, हटिया-पुणे एक्सप्रेस, पोरबंदर-शालीमार एक्सप्रेस और एलटीटी-कामाख्या एक्सप्रेस जैसी लंबी दूरी की कई ट्रेनों का परिचालन भी प्रभावित रहेगा। कुछ ट्रेनों को परिवर्तित मार्ग से चलाया जाएगा। पुणे-हावड़ा दुरंतो, सीएसएमटी-हावड़ा दुरंतो, ज्ञानेश्वरी एक्सप्रेस और एलटीटी-भुवनेश्वर एक्सप्रेस अब रायपुर-टिटलागढ़-झारसुगुड़ा होकर संचालित की जाएंगी। वहीं गोंदिया-झारसुगुड़ा मेमू केवल बिलासपुर तक चलेगी और कोरबा-अमृतसर छत्तीसगढ़ एक्सप्रेस बिलासपुर से शुरू होगी। कई ट्रेनों के निर्धारित समय में भी बदलाव किया गया है। आजाद हिंद एक्सप्रेस तीन घंटे, सीएसएमटी-हावड़ा एक्सप्रेस ढाई घंटे और जनशताब्दी एक्सप्रेस दो घंटे की देरी से चलेगी।

रेलवे प्रशासन ने बताया कि 8 से 19 जून तक हसदेव एक्सप्रेस को कोरबा-बिलासपुर के बीच पैसेंजर ट्रेन की तरह संचालित किया जाएगा। अधिकारियों का कहना है कि यात्रियों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए लगातार मॉनिटरिंग की जा रही है, लेकिन तकनीकी कार्य के कारण अस्थायी बदलाव जरूरी हैं। रेलवे विशेषज्ञों के अनुसार चौथी रेललाइन बनने से भविष्य में मालगाड़ियों और यात्री ट्रेनों के संचालन में काफी सुधार होगा, जिससे इस रूट पर ट्रेनों की लेटलतीफी कम होने की संभावना है। ट्रेनों की अद्यतन स्थिति और विस्तृत जानकारी के लिए भारतीय रेलवे की आधिकारिक वेबसाइट देखी जा सकती है।

Annu Dewangan
Author: Annu Dewangan