नवविवाहिता की मौत पर बढ़ा सस्पेंस, तीन दिन बाद कब्र से निकाला शव

कोरबा। जिले के श्यांग थाना क्षेत्र के छिरहुट गांव में एक 23 वर्षीय नवविवाहिता की संदिग्ध मौत का मामला सामने आने के बाद पुलिस और प्रशासन ने तीन दिन बाद कब्र से शव बाहर निकालकर जांच प्रक्रिया शुरू कर दी है। मृतका की पहचान रायगढ़ जिले के ग्राम कुमा, थाना कापू निवासी घुरई बाई के रूप में हुई है, जिसकी शादी लगभग तीन वर्ष पहले छिरहुट निवासी दिलीप बैगा से हुई थी। दंपती का डेढ़ वर्ष का एक बच्चा भी है। बताया जा रहा है कि 16 जून को घुरई बाई की मौत हो गई थी, जिसके बाद पति और ससुराल पक्ष ने तबीयत खराब होने के कारण मौत होने की बात कहते हुए शव का अंतिम संस्कार दफनाकर कर दिया था। हालांकि घटना के बाद मायके पक्ष ने मौत को संदिग्ध बताते हुए हत्या की आशंका जताई और पुलिस में शिकायत दर्ज कर निष्पक्ष जांच की मांग की।

मायके पक्ष का आरोप है कि मृतका का पति दिलीप बैगा अपनी पत्नी के चरित्र पर संदेह करता था और इसी बात को लेकर दोनों के बीच अक्सर विवाद होता रहता था। परिजनों का कहना है कि इसी विवाद के चलते घुरई बाई की हत्या की गई और साक्ष्य छिपाने के उद्देश्य से जल्दबाजी में शव को दफना दिया गया। शिकायत मिलने के बाद पुलिस ने मामले को गंभीरता से लेते हुए जिला प्रशासन के सहयोग से शव को कब्र से बाहर निकालने की प्रक्रिया शुरू की। शुक्रवार को एसडीओपी, थाना प्रभारी, सीन ऑफ क्राइम टीम और प्रशासनिक अधिकारियों की मौजूदगी में गांव पहुंचकर कब्र की खुदाई कराई गई। इस दौरान बड़ी संख्या में ग्रामीण भी मौके पर मौजूद रहे और पूरी कार्रवाई को देखा। पंचनामा की औपचारिकताएं पूरी करने के बाद शव को पोस्टमार्टम और आवश्यक फोरेंसिक जांच के लिए भेज दिया गया है।

दूसरी ओर मृतका के पति दिलीप बैगा ने अपने ऊपर लगाए गए सभी आरोपों को खारिज किया है। उसका कहना है कि पत्नी की मौत किसी बीमारी के कारण हुई थी और हत्या के आरोप पूरी तरह निराधार हैं। पुलिस ने इस मामले में मर्ग कायम कर मृतका के परिजनों, पति तथा अन्य संबंधित लोगों के बयान दर्ज करना शुरू कर दिया है। अधिकारियों का कहना है कि फिलहाल किसी निष्कर्ष पर पहुंचना जल्दबाजी होगी। मौत के वास्तविक कारणों का पता पोस्टमार्टम रिपोर्ट और फोरेंसिक जांच के बाद ही चल सकेगा। जांच एजेंसियां सभी संभावित पहलुओं को ध्यान में रखते हुए मामले की पड़ताल कर रही हैं। पुलिस का कहना है कि वैज्ञानिक साक्ष्यों और जांच रिपोर्ट के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी ताकि मामले की सच्चाई सामने आ सके। अपराध और जांच प्रक्रिया से संबंधित कानूनी जानकारी के लिए नागरिक राष्ट्रीय अपराध रिकॉर्ड ब्यूरो (NCRB) की आधिकारिक वेबसाइट भी देख सकते हैं।https://ncrb.gov.in?utm_source=chatgpt.com

Annu Dewangan
Author: Annu Dewangan