पत्नी को बचाने दौड़ा पति, करंट ने छीन ली दोनों की जान

बिलासपुर। जिले के मस्तूरी क्षेत्र अंतर्गत ग्राम कर्रा में एक दर्दनाक हादसे ने पूरे गांव को शोक में डुबो दिया। घर के आंगन में कपड़े सुखाने के दौरान करंट की चपेट में आई महिला को बचाने के प्रयास में उसके पति की भी मौत हो गई। इस घटना में पति-पत्नी दोनों ने अपनी जान गंवा दी, जिससे परिवार और गांव के लोगों में गहरा दुख व्याप्त है। प्रारंभिक जांच में हादसे की वजह आंधी-तूफान के बाद टूटे बिजली तार को माना जा रहा है, जिसके संपर्क में आने से कपड़े सुखाने वाला लोहे का तार करंटयुक्त हो गया था।

जानकारी के अनुसार मृतकों की पहचान सचिन चन्द्राकर और उनकी पत्नी रजनी चन्द्राकर के रूप में हुई है। बताया जा रहा है कि रजनी चन्द्राकर शनिवार को घर के आंगन में लगे जीआई तार पर कपड़े सुखाने पहुंची थीं। इसी दौरान उन्होंने जैसे ही तार को छुआ, उसमें प्रवाहित हो रहे करंट की चपेट में आ गईं। अचानक हुई घटना से घबराकर उन्होंने मदद के लिए आवाज लगाई। पत्नी की चीख सुनकर सचिन चन्द्राकर तत्काल मौके पर पहुंचे और उन्हें बचाने का प्रयास किया, लेकिन करंट की तीव्रता इतनी अधिक थी कि वे भी उसकी चपेट में आ गए। कुछ ही क्षणों में दोनों गंभीर रूप से झुलसकर जमीन पर गिर पड़े।

घटना की जानकारी मिलते ही परिजन और ग्रामीण मौके पर पहुंचे तथा दोनों को तत्काल अस्पताल ले जाया गया। हालांकि चिकित्सकों ने जांच के बाद उन्हें मृत घोषित कर दिया। पति-पत्नी की एक साथ मौत की खबर फैलते ही गांव में मातम का माहौल बन गया। ग्रामीणों ने बताया कि दोनों का परिवार सामान्य और खुशहाल जीवन व्यतीत कर रहा था, लेकिन एक पल की दुर्घटना ने पूरे परिवार की खुशियां छीन लीं।

प्रारंभिक जांच में यह तथ्य सामने आया है कि एक दिन पहले क्षेत्र में आए तेज आंधी-तूफान के दौरान बिजली का सर्विस वायर टूटकर नीचे गिर गया था। यह तार कपड़े सुखाने के लिए लगाए गए लोहे के जीआई तार के संपर्क में आ गया, जिससे उसमें लगातार करंट प्रवाहित होने लगा। घटना के समय परिवार के लोगों को इसकी जानकारी नहीं थी। इसी कारण यह हादसा हुआ। पुलिस ने मर्ग कायम कर मामले की जांच शुरू कर दी है और विद्युत विभाग से भी तकनीकी जानकारी जुटाई जा रही है।

यह घटना बिजली सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े करती है। विशेषज्ञों का कहना है कि आंधी-तूफान या खराब मौसम के बाद घरों के आसपास टूटे या झुके बिजली तारों की जांच अवश्य करनी चाहिए। विद्युत सुरक्षा संबंधी दिशा-निर्देशों और सावधानियों की जानकारी केंद्रीय विद्युत प्राधिकरण की आधिकारिक वेबसाइट https://cea.nic.in पर भी उपलब्ध है। ग्रामीण क्षेत्रों में ऐसे हादसों की पुनरावृत्ति रोकने के लिए बिजली लाइनों की नियमित निगरानी और समय पर मरम्मत आवश्यक मानी जा रही है।

Annu Dewangan
Author: Annu Dewangan