टेलीग्राम पर हटी पाबंदी, लेकिन अभी भी लागू हैं सख्त शर्तें

नई दिल्ली। देशभर में टेलीग्राम का उपयोग करने वाले करोड़ों यूजर्स के लिए राहत की खबर सामने आई है। नीट-यूजी री-एग्जाम के दौरान लगाए गए अस्थायी प्रतिबंध के बाद अब मैसेजिंग प्लेटफॉर्म टेलीग्राम को दोबारा डाउनलोड और उपयोग के लिए उपलब्ध करा दिया गया है। सरकारी स्तर पर लिए गए इस फैसले के बाद 23 जून से ऐप एक बार फिर गूगल प्ले स्टोर और एप्पल ऐप स्टोर पर दिखाई देने लगा है। हालांकि प्लेटफॉर्म की सेवाएं बहाल होने के बावजूद कुछ तकनीकी प्रतिबंध अभी भी लागू रहेंगे। जानकारी के अनुसार 30 जून 2026 तक भारतीय यूजर्स के लिए संदेशों में बदलाव या एडिट करने की सुविधा सीमित रहेगी, ताकि परीक्षा और अन्य संवेदनशील मामलों से जुड़ी भ्रामक सूचनाओं पर नियंत्रण रखा जा सके।

सरकारी सूत्रों के मुताबिक यह कार्रवाई परीक्षा से जुड़ी अफवाहों और कथित पेपर लीक के दावों को रोकने के उद्देश्य से की गई थी। जांच एजेंसियों और संबंधित विभागों की रिपोर्ट में यह आशंका जताई गई थी कि कुछ असामाजिक तत्व टेलीग्राम के एडिट मैसेज फीचर का इस्तेमाल कर पुराने संदेशों में बाद में बदलाव करके यह दिखाने की कोशिश कर रहे थे कि परीक्षा का प्रश्नपत्र पहले ही लीक हो चुका था। इससे छात्रों और अभिभावकों के बीच भ्रम की स्थिति बन रही थी। इसी को देखते हुए केंद्र सरकार ने सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम के तहत आवश्यक कदम उठाए। अधिकारियों का मानना है कि ऐसी गतिविधियां न केवल परीक्षा प्रक्रिया की विश्वसनीयता को प्रभावित करती हैं बल्कि सोशल मीडिया पर गलत जानकारी फैलाने का माध्यम भी बनती हैं।

मामले को लेकर कानूनी स्तर पर भी चर्चा हुई। टेलीग्राम से जुड़ी याचिका पर सुनवाई के दौरान अदालत ने परीक्षा की निष्पक्षता और सार्वजनिक हित को महत्वपूर्ण मानते हुए सरकार की कार्रवाई को उचित ठहराया। इसके बाद निर्धारित अवधि पूरी होने पर सेवाओं को चरणबद्ध तरीके से बहाल किया गया। अब अधिकांश क्षेत्रों में यूजर्स बिना किसी अतिरिक्त तकनीकी उपाय के टेलीग्राम का उपयोग कर पा रहे हैं। ग्रुप चैट, फाइल शेयरिंग और कॉलिंग जैसी सुविधाएं सामान्य रूप से उपलब्ध हैं, लेकिन प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि संदिग्ध गतिविधियों पर निगरानी जारी रहेगी। साइबर सुरक्षा एजेंसियां विभिन्न सार्वजनिक चैनलों और समूहों पर नजर बनाए रखेंगी ताकि परीक्षा परिणाम, प्रवेश प्रक्रिया या काउंसलिंग से जुड़ी कोई भ्रामक सूचना प्रसारित न हो सके। विशेषज्ञों का मानना है कि इस घटनाक्रम के बाद डिजिटल प्लेटफॉर्म्स पर सुरक्षा और पारदर्शिता को लेकर नई बहस शुरू हो सकती है तथा भविष्य में सोशल मीडिया कंपनियों को अपने सिस्टम में और मजबूत सुरक्षा उपाय लागू करने पड़ सकते हैं। टेलीग्राम से जुड़ी आधिकारिक जानकारी प्लेटफॉर्म की वेबसाइट Telegram Official Website पर देखी जा सकती है। https://telegram.org?utm_source=chatgpt.com

Annu Dewangan
Author: Annu Dewangan