बिलासपुर। साइबर ठगों ने इस बार एक अधिवक्ता को निशाना बनाते हुए उनके बैंक खाते और क्रेडिट कार्ड से 1 लाख 42 हजार 500 रुपए की ऑनलाइन ठगी कर ली। हैरानी की बात यह है कि घटना उस समय हुई, जब अधिवक्ता कोर्ट में पैरवी कर रहे थे और उनका मोबाइल फोन ऑटोमैटिक अपडेट हो रहा था। मोबाइल अपडेट के दौरान फोन हैक होने की आशंका जताई जा रही है। शिकायत मिलने के बाद तारबाहर थाना पुलिस ने अज्ञात साइबर ठगों के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार तारबाहर थाना क्षेत्र के विद्यानगर निवासी खेलन सोनवानी पेशे से अधिवक्ता हैं। उन्होंने अपनी शिकायत में बताया कि 27 मई की दोपहर करीब 2 बजे वे कोर्ट परिसर में मौजूद थे। इसी दौरान उनके मोबाइल में ऑटोमैटिक अपडेट की प्रक्रिया शुरू हुई। कुछ समय बाद उन्हें बैंक खाते और क्रेडिट कार्ड से हुए संदिग्ध लेनदेन की जानकारी मिली। जांच करने पर पता चला कि उनके अमेजन-पे और मोबाइल बैंकिंग खाते से 37,500-37,500 रुपए की दो अलग-अलग ट्रांजैक्शन कर कुल 75 हजार रुपए निकाल लिए गए। इसके अलावा उनके क्रेडिट कार्ड का दुरुपयोग कर 67,500 रुपए की अतिरिक्त राशि खर्च कर दी गई। इस तरह साइबर ठगों ने कुल 1 लाख 42 हजार 500 रुपए की ठगी को अंजाम दिया।
प्रारंभिक जांच में यह बात सामने आई है कि ठगों ने सीधे बैंक खाते में रकम ट्रांसफर करने के बजाय एक सुनियोजित तरीके का इस्तेमाल किया। उन्होंने पहले ऑनलाइन गिफ्ट कार्ड खरीदे और बाद में उन गिफ्ट कार्ड को एक प्रतिष्ठित गेमिंग प्लेटफॉर्म से जुड़े ई-वॉलेट में ट्रांसफर कर राशि को कैश कराया। इस तरीके का उपयोग आमतौर पर साइबर अपराधी अपनी पहचान छिपाने और पैसों के स्रोत को ट्रैक होने से बचाने के लिए करते हैं। शिकायत में एक संदिग्ध ईमेल आईडी का भी उल्लेख किया गया है, जिसकी जांच पुलिस और साइबर विशेषज्ञों द्वारा की जा रही है।
पीड़ित अधिवक्ता ने ट्रांजैक्शन से जुड़े दस्तावेजों और बैंक विवरण के साथ राष्ट्रीय साइबर अपराध पोर्टल और स्थानीय थाने में शिकायत दर्ज कराई है। पुलिस अब बैंकिंग रिकॉर्ड, डिजिटल ट्रांजैक्शन और संदिग्ध ईमेल के आधार पर आरोपियों तक पहुंचने का प्रयास कर रही है। लगातार बढ़ रहे साइबर अपराधों के बीच विशेषज्ञ लोगों को मोबाइल अपडेट, अनजान लिंक, संदिग्ध ऐप और बैंकिंग संबंधी ओटीपी व पासवर्ड साझा करने से बचने की सलाह दे रहे हैं। किसी भी प्रकार की ऑनलाइन धोखाधड़ी की स्थिति में तुरंत शिकायत दर्ज कराने से रकम वापस मिलने की संभावना बढ़ जाती है। साइबर अपराध से जुड़ी शिकायत दर्ज करने और जानकारी प्राप्त करने के लिए राष्ट्रीय साइबर अपराध रिपोर्टिंग पोर्टल राष्ट्रीय साइबर अपराध रिपोर्टिंग पोर्टल पर संपर्क किया जा सकता है। https://cybercrime.gov.in?utm_source=chatgpt.com







