निर्माणाधीन पुल का गर्डर गिरा, जांच पर उठे सवाल, विपक्ष आंदोलन की तैयारी में

कुरूद। महानदी पर निर्माणाधीन हाई लेवल पुल का गर्डर गिरने की घटना अब राजनीतिक और प्रशासनिक दोनों स्तर पर चर्चा का विषय बन गई है। 27 जून को हुए इस हादसे के बाद निर्माण कार्य की गुणवत्ता, निगरानी व्यवस्था और जांच प्रक्रिया को लेकर कई सवाल खड़े हो गए हैं। विपक्ष ने इस मुद्दे को गंभीर जनहित से जुड़ा बताते हुए आंदोलन की तैयारी शुरू कर दी है। घटना के कई दिन बीत जाने के बाद भी सेतु निगम की ओर से जांच की स्थिति और अब तक की गई कार्रवाई के संबंध में कोई स्पष्ट जानकारी सार्वजनिक नहीं की गई है, जिससे स्थानीय लोगों में असंतोष बढ़ रहा है।

कुरुद विधानसभा क्षेत्र के अंतर्गत महानदी पर करीब 46.97 करोड़ रुपये की लागत से हाई लेवल पुल का निर्माण जनवरी 2025 से किया जा रहा है। यह पुल कुरुद और मगरलोड क्षेत्र के बीच आवागमन की दृष्टि से महत्वपूर्ण माना जा रहा है और इसके बनने से हजारों लोगों को बेहतर संपर्क सुविधा मिलने की उम्मीद है। लेकिन निर्माण कार्य के दौरान लगभग 10 से 12 टन वजनी गर्डर को क्रेन की मदद से पिल्लरों पर स्थापित करते समय उसके नीचे गिरकर टूट जाने की घटना ने पूरे प्रोजेक्ट की गुणवत्ता पर सवाल खड़े कर दिए हैं। निर्माणाधीन पुल में इस तरह की घटना को लेकर लोगों के मन में भविष्य की सुरक्षा को लेकर भी चिंता बढ़ गई है।

जिला पंचायत सदस्य नीलम चंद्राकर ने घटना स्थल का निरीक्षण करने के बाद निर्माण कार्य में अनियमितता का आरोप लगाया है। उनका कहना है कि यदि निर्माण के दौरान ही इतने भारी गर्डर का संतुलन बिगड़कर गिर जाना और उसका टूट जाना सामने आ रहा है, तो भविष्य में पुल के उपयोग के दौरान गंभीर हादसे की आशंका से इनकार नहीं किया जा सकता। उन्होंने आरोप लगाया कि घटना के बाद टूटे हुए गर्डर के मलबे को मशीनों के माध्यम से दबाकर साक्ष्य छिपाने का प्रयास किया गया, जिससे मामले की निष्पक्ष जांच प्रभावित हो सकती है। उन्होंने पूरे मामले की उच्च स्तरीय जांच कराने और दोषी अधिकारियों तथा संबंधित एजेंसी के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की है।

स्थानीय लोगों का भी कहना है कि करोड़ों रुपये की लागत से बनने वाले सार्वजनिक निर्माण कार्यों में गुणवत्ता और सुरक्षा मानकों से किसी भी प्रकार का समझौता नहीं होना चाहिए। विशेषज्ञों का मानना है कि इस तरह की घटनाओं की तकनीकी जांच और जिम्मेदारी तय करना आवश्यक है, ताकि भविष्य में किसी बड़े हादसे की संभावना को रोका जा सके। सार्वजनिक निर्माण परियोजनाओं और राज्य की अधोसंरचना योजनाओं से जुड़ी जानकारी के लिए छत्तीसगढ़ लोक निर्माण विभाग की आधिकारिक वेबसाइट पर विस्तृत जानकारी उपलब्ध है।

इस संबंध में सेतु निगम के कार्यपालन अभियंता एस.के. गुप्ता से संपर्क करने का प्रयास किया गया, लेकिन उन्होंने बैठक में व्यस्त होने की बात कहकर फोन काट दिया। वहीं परियोजना से जुड़े अन्य तकनीकी अधिकारियों से भी संपर्क नहीं हो सका। ऐसे में जांच की दिशा, तकनीकी रिपोर्ट और आगे की कार्रवाई को लेकर स्थिति अभी स्पष्ट नहीं हो पाई है। विपक्ष ने संकेत दिए हैं कि यदि मामले में पारदर्शी जांच और जवाबदेही तय नहीं की गई तो आने वाले दिनों में इस मुद्दे को लेकर व्यापक जनआंदोलन किया जाएगा।https://pwd.cg.gov.in?utm_source=chatgpt.com

Annu Dewangan
Author: Annu Dewangan