फिंगरप्रिंट लगाइए, 30 सेकंड में पाइए राशन; छत्तीसगढ़ में आएगा ग्रेन एटीएम

 छत्तीसगढ़। छत्तीसगढ़ में सार्वजनिक वितरण प्रणाली (PDS) के तहत राशन वितरण व्यवस्था को आधुनिक और अधिक सुविधाजनक बनाने की दिशा में राज्य सरकार बड़ा कदम उठाने जा रही है। खाद्य विभाग प्रदेश में ग्रेन एटीएम (अन्नपूर्णा मशीन) की शुरुआत करने की तैयारी में है, जिसके माध्यम से पात्र राशन कार्डधारक फिंगरप्रिंट सत्यापन के बाद महज 30 से 50 सेकंड में अपना निर्धारित राशन प्राप्त कर सकेंगे। यह मशीन बैंक के एटीएम की तरह कार्य करेगी, लेकिन इसमें नकदी के बजाय निर्धारित मात्रा में चावल और अन्य खाद्यान्न उपलब्ध कराया जाएगा। विभाग का मानना है कि इस तकनीक के लागू होने से राशन वितरण प्रक्रिया अधिक पारदर्शी, तेज और सुविधाजनक बनेगी।

प्रारंभिक चरण में इस योजना को पायलट प्रोजेक्ट के रूप में रायपुर, दुर्ग और बिलासपुर में लागू किया जाएगा। तीनों जिला मुख्यालयों में एक-एक ग्रेन एटीएम स्थापित किए जाएंगे। राजधानी रायपुर में रावांभाठा क्षेत्र स्थित आरटीओ कार्यालय के पीछे सरकारी भवन को इसके लिए चयनित किया गया है। खाद्य विभाग और नागरिक आपूर्ति निगम के अधिकारियों द्वारा स्थल का निरीक्षण भी किया जा चुका है। पायलट परियोजना के सफल होने के बाद इसे चरणबद्ध तरीके से प्रदेश के अन्य जिलों तक विस्तारित किया जाएगा। विभाग का उद्देश्य यह है कि राशन कार्डधारकों को उचित मूल्य दुकानों पर लंबी कतारों में खड़े होने की आवश्यकता न पड़े और वे अपनी सुविधा के अनुसार किसी भी समय राशन प्राप्त कर सकें।

नई व्यवस्था पूरी तरह बायोमेट्रिक सत्यापन पर आधारित होगी। लाभार्थी को मशीन की स्क्रीन पर अपना राशन कार्ड नंबर दर्ज करना होगा, जिसके बाद बायोमेट्रिक स्कैनर पर अंगूठा या उंगली लगाकर पहचान सत्यापित करनी होगी। सत्यापन पूरा होते ही मशीन राशन कार्ड में दर्ज पात्र सदस्यों के अनुसार उपलब्ध कोटे की जानकारी स्क्रीन पर प्रदर्शित करेगी। इसके बाद उपभोक्ता मशीन के नीचे बोरी या थैला रखेगा और निर्धारित मात्रा में चावल स्वतः उसमें निकल आएगा। पूरी प्रक्रिया में लगभग 30 से 50 सेकंड का समय लगेगा। विभाग के अनुसार यह व्यवस्था वितरण में मानवीय त्रुटियों को कम करने के साथ-साथ पारदर्शिता भी बढ़ाएगी।

चूंकि ग्रेन एटीएम केंद्र 24 घंटे संचालित किए जाने की योजना है और इनमें बड़ी मात्रा में खाद्यान्न का भंडारण रहेगा, इसलिए प्रत्येक केंद्र पर सुरक्षा के विशेष इंतजाम किए जाएंगे। सुरक्षा गार्डों की तैनाती के साथ निगरानी व्यवस्था भी विकसित की जाएगी ताकि किसी प्रकार की अनियमितता या सुरक्षा संबंधी समस्या न हो। रायपुर के खाद्य नियंत्रक भूपेंद्र मिश्रा ने बताया है कि राजधानी में पहले केंद्र के लिए स्थान का चयन लगभग अंतिम रूप ले चुका है और जल्द ही मशीनों की स्थापना के साथ परीक्षण प्रक्रिया शुरू की जाएगी। उल्लेखनीय है कि ओडिशा, हरियाणा और राजस्थान जैसे राज्यों में इस प्रकार की तकनीक का प्रयोग पहले से किया जा चुका है। यदि छत्तीसगढ़ में यह परियोजना सफल रहती है तो प्रदेश के लाखों राशन कार्डधारकों को अधिक सरल, तेज और पारदर्शी राशन वितरण व्यवस्था का लाभ मिलेगा। सार्वजनिक वितरण प्रणाली और खाद्य विभाग से जुड़ी आधिकारिक जानकारी https://khadya.cg.nic.in/ पर प्राप्त की जा सकती है।

Annu Dewangan
Author: Annu Dewangan