सीएम हेल्पलाइन में गूंजी कुरूद की पंचायतों की शिकायतें, सफाई और जल निकासी पर सवाल

धमतरी। धमतरी जिले के कुरूद विकासखंड की कई ग्राम पंचायतों में मूलभूत सुविधाओं को लेकर ग्रामीणों की नाराजगी अब मुख्यमंत्री हेल्पलाइन तक पहुंच गई है। नियमित साफ-सफाई, जल निकासी, नल-जल योजना और सार्वजनिक स्वास्थ्य से जुड़ी समस्याओं के समाधान नहीं होने पर ग्रामीणों ने सीधे सीएम हेल्पलाइन में शिकायत दर्ज कर प्रशासन से हस्तक्षेप की मांग की है। लगातार सामने आ रही इन शिकायतों ने संबंधित ग्राम पंचायतों के साथ-साथ जनपद पंचायत की कार्यप्रणाली पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं। बरसात के मौसम में जलभराव, गंदगी और नालियों की उचित व्यवस्था नहीं होने से ग्रामीणों में संक्रामक बीमारियों के फैलने की आशंका भी बढ़ गई है, जिसे लेकर लोगों ने समय रहते प्रभावी कार्रवाई की मांग की है।

जनपद पंचायत कुरूद अंतर्गत ग्राम पंचायत मरौद निवासी आत्माराम सिन्हा ने शिकायत में बताया है कि गांव में नियमित साफ-सफाई नहीं होने और गंदे पानी के जमाव से संक्रमण फैलने का खतरा बना हुआ है। वहीं नरेश यादव ने वार्ड क्रमांक 1 से 20 तक सड़कों के किनारे प्लास्टिक कचरा जमा होने, नालियों के जाम रहने और सफाई व्यवस्था ठप होने के कारण दुर्गंध फैलने की शिकायत दर्ज कराई है। ग्राम पंचायत मुरा के ओमप्रकाश ने नल-जल योजना के तहत निकासी व्यवस्था की कमी का मुद्दा उठाते हुए बताया कि गंदा पानी नालियों के माध्यम से खेतों तक पहुंच रहा है। नालियों की नियमित सफाई नहीं होने से कचरा जमा हो रहा है और जल निकासी प्रभावित हो रही है। इसी प्रकार ग्राम पंचायत सिर्वे के ड्रोन कुमार साहू ने आरोप लगाया है कि स्कूल परिसर की बाउंड्री के भीतर कच्ची नाली का निर्माण कर दिया गया है, जिससे दुर्गंध और बीमारी फैलने की आशंका बढ़ गई है। शिकायत में यह भी उल्लेख किया गया है कि नाली हटाने की मांग करने पर विवाद की स्थिति उत्पन्न हुई।

ग्राम पंचायत सिलौटी के एक ग्रामीण ने पूरे गांव में नियमित साफ-सफाई नहीं होने और गंदे पानी के जमाव से स्वास्थ्य संबंधी खतरे की शिकायत की है। वहीं ग्राम पंचायत जोरातराई के महेंद्र साहू ने मुख्यमंत्री हेल्पलाइन के माध्यम से नल-जल योजना के अंतर्गत नया कनेक्शन नहीं मिलने तथा नियमित पेयजल आपूर्ति बाधित रहने की समस्या उठाई है। ग्रामीणों का कहना है कि पेयजल और स्वच्छता जैसी बुनियादी सुविधाओं में सुधार के लिए कई बार स्थानीय स्तर पर शिकायत की गई, लेकिन अपेक्षित समाधान नहीं मिला। लगातार बढ़ती शिकायतें यह संकेत देती हैं कि ग्रामीण क्षेत्रों में बुनियादी सेवाओं की निगरानी और क्रियान्वयन को और अधिक प्रभावी बनाने की आवश्यकता है, विशेषकर वर्षाकाल में जब जलजनित बीमारियों का खतरा अधिक रहता है।

इस संबंध में जनपद पंचायत कुरूद की अध्यक्ष गितेश्वरी साहू ने बताया कि संबंधित ग्राम पंचायतों को शिकायतों का शीघ्र निराकरण करने के निर्देश दिए गए हैं और समस्याओं के समाधान के लिए आवश्यक कार्रवाई की जा रही है। दूसरी ओर कुरूद ब्लॉक सरपंच संघ के अध्यक्ष हरिशंकर साहू ने कहा कि मुख्यमंत्री हेल्पलाइन में दर्ज अधिकांश शिकायतें वर्षा ऋतु के दौरान सफाई और जल निकासी से जुड़ी हैं। उन्होंने बताया कि पंचायतों के पास पर्याप्त वित्तीय संसाधन उपलब्ध नहीं होने के कारण कई स्थानों पर आवश्यक कार्य समय पर नहीं हो पा रहे हैं। उन्होंने पंचायतों को पर्याप्त निधि उपलब्ध कराने की आवश्यकता पर भी जोर दिया। मुख्यमंत्री हेल्पलाइन से संबंधित अधिक जानकारी और शिकायत दर्ज करने के लिए आधिकारिक पोर्टल https://cmhelpline.cg.nic.in/ का उपयोग किया जा सकता है।

Annu Dewangan
Author: Annu Dewangan