कुरुद सिविल अस्पताल में एक के बाद एक विवाद, व्यवस्थाओं पर उठे गंभीर सवाल

कुरुद । धमतरी जिले के कुरुद स्थित सिविल अस्पताल की व्यवस्थाएं एक बार फिर सवालों के घेरे में हैं। अस्पताल परिसर से जुड़े लगातार सामने आ रहे मामलों ने स्थानीय लोगों और मरीजों के परिजनों की चिंताओं को बढ़ा दिया है। हाल ही में अस्पताल के डस्टबिन में शराब की खाली बोतलें, डिस्पोजल गिलास और पानी के पाउच मिलने का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद अस्पताल की सुरक्षा व्यवस्था और प्रशासनिक निगरानी को लेकर नई बहस शुरू हो गई है। अस्पताल का निरीक्षण करने पहुंचे कुछ लोगों ने दावा किया कि परिसर के डस्टबिन में शराब सेवन से जुड़े सामान मिले, जिससे सरकारी स्वास्थ्य संस्थान की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े हो रहे हैं। हालांकि यह स्पष्ट नहीं हो सका है कि उक्त सामग्री अस्पताल परिसर में किसने फेंकी। मामले की जांच के लिए अस्पताल प्रशासन ने सीसीटीवी फुटेज खंगालने की बात कही है।

इसी बीच अस्पताल की सेवाओं को लेकर भी शिकायतें सामने आई हैं। एक स्थानीय नागरिक ने आरोप लगाया कि बुधवार दोपहर लगभग 1.01 बजे पर्ची काउंटर पहुंचने पर समय समाप्त होने का हवाला देकर पंजीयन करने से मना कर दिया गया, जिससे उन्हें उपचार में परेशानी का सामना करना पड़ा। वहीं 23 जुलाई की रात एक मरीज के परिजनों ने आरोप लगाया था कि ड्यूटी पर तैनात चिकित्सक अस्पताल में मौजूद नहीं थे और फोन पर ही उपचार संबंधी निर्देश दे रहे थे। परिजनों ने इस मामले की शिकायत एसडीएम कार्यालय तथा मुख्यमंत्री हेल्पलाइन में दर्ज कराई थी। इससे पहले अस्पताल में सुरक्षा व्यवस्था को लेकर भी गंभीर घटना सामने आई थी, जब एक युवक महिला वार्ड में चाकू लेकर घुस गया और एक महिला मरीज के साथ कथित रूप से अश्लील हरकत करने लगा। मरीजों और परिजनों के विरोध के बाद अस्पताल में हंगामे की स्थिति बन गई। सुरक्षा गार्ड ने आरोपी को रोकने का प्रयास किया, लेकिन वह अस्पताल परिसर की दीवार फांदकर फरार हो गया। इस घटना ने अस्पताल में सुरक्षा व्यवस्था की प्रभावशीलता पर भी प्रश्नचिह्न लगा दिया था।

अस्पताल प्रशासन पहले भी विवादों का सामना कर चुका है। कुछ समय पूर्व एक स्टाफ नर्स पर महिला चिकित्सक के कथित फर्जी हस्ताक्षर कर मरीज को रेफर किए जाने का आरोप लगा था। शिकायत के बाद संबंधित नर्स को नोटिस जारी कर स्पष्टीकरण मांगा गया था। अस्पताल जनभागीदारी समिति के पूर्व सदस्य तुकेश साहू ने कहा कि अस्पताल परिसर के डस्टबिन में शराब की खाली बोतलें मिलना गंभीर विषय है और इससे सुरक्षा व्यवस्था तथा प्रशासनिक निगरानी पर सवाल उठते हैं। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि रात्रिकालीन ड्यूटी के दौरान स्वास्थ्यकर्मियों की अनुपस्थिति के कारण मरीजों को कई बार परेशानियों का सामना करना पड़ता है। इस पूरे मामले में ब्लॉक मेडिकल ऑफिसर (बीएमओ) डॉ. एच.आर. देवांगन ने कहा कि बैठक से लौटने के बाद पूरे प्रकरण की जांच कराई जाएगी और तथ्यों के आधार पर आवश्यक कार्रवाई की जाएगी। वहीं ब्लॉक प्रोग्राम मैनेजर (बीपीएम) रोहित पाण्डेय ने बताया कि अस्पताल परिसर में लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज की जांच की जा रही है, ताकि संबंधित व्यक्तियों की पहचान की जा सके। साथ ही सुरक्षा गार्डों को निगरानी और अधिक सख्त करने के निर्देश दिए गए हैं। अस्पताल जैसे संवेदनशील सार्वजनिक संस्थानों में पारदर्शिता, सुरक्षा और समयबद्ध स्वास्थ्य सेवाएं सुनिश्चित करना प्रशासन की प्राथमिक जिम्मेदारी है। ऐसे मामलों की निष्पक्ष जांच और आवश्यक कार्रवाई से ही आम लोगों का सरकारी स्वास्थ्य सेवाओं पर विश्वास मजबूत हो सकेगा।

अस्पतालों में मरीजों के अधिकार और सार्वजनिक स्वास्थ्य सेवाओं से संबंधित जानकारी:
https://nhm.gov.in/

Annu Dewangan
Author: Annu Dewangan