रायपुर । छत्तीसगढ़ में मानसून एक बार फिर पूरी तरह सक्रिय हो गया है। मौसम विज्ञान केंद्र रायपुर के अनुसार आगामी तीन दिनों तक प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में बारिश का सिलसिला जारी रहने की संभावना है। मानसूनी तंत्र के मजबूत होने से कई जिलों में मध्यम से भारी वर्षा होने का अनुमान जताया गया है, जबकि कुछ क्षेत्रों में गरज-चमक, तेज हवाओं और आकाशीय बिजली गिरने की आशंका को देखते हुए ऑरेंज और यलो अलर्ट जारी किया गया है। मौसम विभाग ने विशेष रूप से उत्तर छत्तीसगढ़ के जिलों में लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी है। लगातार हो रही बारिश से जहां किसानों को खरीफ फसलों के लिए राहत मिलने की उम्मीद है, वहीं निचले इलाकों में जलभराव और बिजली गिरने जैसी घटनाओं की आशंका को देखते हुए प्रशासन ने भी आवश्यक सावधानी बरतने की अपील की है।
पिछले 24 घंटों के दौरान प्रदेश के कई हिस्सों में हल्की से मध्यम बारिश दर्ज की गई, जबकि उत्तर छत्तीसगढ़ के कुछ क्षेत्रों में स्थानीय मौसम तंत्र के प्रभाव से तेज वर्षा हुई। मौसम विभाग के अनुसार वर्तमान में मानसूनी द्रोणिका अपनी सामान्य स्थिति में बनी हुई है, जिसके कारण बंगाल की खाड़ी से लगातार नमी प्रदेश में पहुंच रही है। इसी वजह से राज्य के अधिकांश जिलों में बादलों का प्रभाव बना रहेगा और अगले तीन दिनों तक बारिश की गतिविधियां जारी रहने की संभावना है। मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि 5 से 7 अगस्त के बीच कई स्थानों पर गरज-चमक के साथ तेज बौछारें पड़ सकती हैं। विशेष रूप से सरगुजा संभाग और उत्तर छत्तीसगढ़ के जिलों में कहीं-कहीं भारी वर्षा होने की संभावना है। ऐसे में खुले मैदानों, पेड़ों के नीचे और बिजली के खंभों के आसपास खड़े होने से बचने की सलाह दी गई है। ग्रामीण क्षेत्रों में खेतों में कार्य करने वाले किसानों और पशुपालकों से भी मौसम की स्थिति को देखते हुए सतर्कता बरतने का आग्रह किया गया है।
मौसम विभाग के पूर्वानुमान के अनुसार 8 अगस्त से वर्षा की तीव्रता और इसका दायरा धीरे-धीरे कम हो सकता है, हालांकि स्थानीय प्रभाव के कारण कई स्थानों पर हल्की बारिश का दौर जारी रहने की संभावना बनी रहेगी। विभाग ने 10 और 11 अगस्त के लिए फिलहाल किसी विशेष मौसम चेतावनी जारी नहीं की है। आगामी पांच दिनों के दौरान प्रदेश के अधिकतम और न्यूनतम तापमान में किसी बड़े बदलाव की संभावना भी नहीं जताई गई है। बारिश का प्रभाव कम होने के बाद तापमान में मामूली वृद्धि दर्ज हो सकती है। मौसम विशेषज्ञों का कहना है कि लगातार बदलती मौसमी परिस्थितियों को देखते हुए नागरिकों को मौसम विभाग की आधिकारिक चेतावनियों और स्थानीय प्रशासन के निर्देशों का पालन करना चाहिए। विशेषकर नदी-नालों के आसपास रहने वाले लोगों, यात्रियों और ग्रामीण क्षेत्रों में रहने वाले नागरिकों को मौसम संबंधी अपडेट पर नजर बनाए रखने की सलाह दी गई है, ताकि किसी भी संभावित आपदा से समय रहते बचाव किया जा सके।
मौसम विभाग की आधिकारिक जानकारी के लिए: https://mausam.imd.gov.in/







