हरेली से पहले साय सरकार की बड़ी सौगात, कर्मचारियों को मिलेगा ब्याजमुक्त एडवांस

छत्तीसगढ़। हरेली त्योहार से पहले छत्तीसगढ़ के सरकारी कर्मचारियों के लिए राज्य सरकार ने राहत देने वाली नई व्यवस्था शुरू की है। वित्त विभाग ने ई-कोष पोर्टल के माध्यम से शासकीय कर्मचारियों के लिए वेतन के विरुद्ध अल्पावधि ऋण यानी Short Term Credit की सुविधा शुरू की है। इस व्यवस्था के तहत कर्मचारी मेडिकल इमरजेंसी, बच्चों की पढ़ाई, घरेलू जरूरत या अचानक सामने आए दूसरे खर्चों के लिए बिना लंबी कागजी प्रक्रिया के अग्रिम राशि प्राप्त कर सकेंगे। योजना की खास बात यह है कि पूरी प्रक्रिया डिजिटल रखी गई है और स्वीकृत राशि सीधे कर्मचारी के बैंक खाते में भेजे जाने की व्यवस्था है।

नई व्यवस्था का उद्देश्य कर्मचारियों को आकस्मिक आर्थिक जरूरतों के समय निजी स्तर पर महंगे ब्याज वाले कर्ज या साहूकारों पर निर्भर होने से बचाना बताया गया है। अब तक ऐसी जरूरतों के लिए कर्मचारियों को कई बार कार्यालयीन प्रक्रिया पूरी करने या बैंक से व्यक्तिगत ऋण लेने की जरूरत पड़ती थी। नई व्यवस्था में वेतन के आधार पर मिलने वाली अल्पावधि ऋण सुविधा से कर्मचारी अपनी तत्काल जरूरत पूरी कर सकेंगे और इसकी वसूली उनके वेतन से निर्धारित मासिक किस्तों के रूप में की जाएगी। उपलब्ध जानकारी के अनुसार इस व्यवस्था से राज्य सरकार के खजाने पर अतिरिक्त वित्तीय बोझ नहीं पड़ेगा, क्योंकि कर्मचारी द्वारा ली गई राशि की वापसी वेतन से की जाएगी।

अल्पावधि ऋण के लिए कर्मचारियों को ई-कोष पोर्टल के Employee Corner में जाकर ऑनलाइन प्रक्रिया पूरी करनी होगी। आधिकारिक ई-कोष कर्मचारी पोर्टल पर कर्मचारी को Employee Code और मोबाइल नंबर के माध्यम से OTP आधारित लॉगिन की सुविधा दी गई है। Ekosh Online आवेदन प्रक्रिया में कर्मचारी की पहचान का सत्यापन, e-KYC और डिजिटल सहमति जैसी प्रक्रियाएं शामिल की गई हैं। स्वीकृति मिलने के बाद राशि कर्मचारी के पंजीकृत बैंक खाते में भेजे जाने की व्यवस्था बताई गई है। कर्मचारी आधिकारिक e-Kosh Employee Corner के माध्यम से संबंधित सुविधा और प्रक्रिया की जानकारी देख सकते हैं।

वित्त विभाग ने डिजिटल प्रक्रिया को सुरक्षित रखने के लिए मानक संचालन प्रक्रिया (SOP) तैयार किए जाने की जानकारी दी है। इसका उद्देश्य कर्मचारी के व्यक्तिगत और वित्तीय डेटा की सुरक्षा के साथ-साथ ऑनलाइन सत्यापन की प्रक्रिया को व्यवस्थित रखना है। डिजिटल व्यवस्था लागू होने से आवेदन और स्वीकृति की प्रक्रिया में पारदर्शिता बढ़ने की उम्मीद है। हालांकि, कर्मचारियों को किसी भी ऑनलाइन प्रक्रिया में अपना OTP, बैंक संबंधी गोपनीय जानकारी या लॉगिन विवरण किसी अन्य व्यक्ति के साथ साझा नहीं करना चाहिए।

हरेली छत्तीसगढ़ का प्रमुख पारंपरिक त्योहार है और इससे पहले कर्मचारियों के लिए शुरू की गई यह सुविधा तत्काल आर्थिक जरूरतों के लिहाज से महत्वपूर्ण मानी जा रही है। सरकार की इस पहल से कर्मचारियों को आपात स्थिति में अपेक्षाकृत आसान तरीके से राशि उपलब्ध कराने का रास्ता तैयार हुआ है। योजना के तहत ऋण की पात्रता, अधिकतम राशि, पुनर्भुगतान अवधि और अन्य शर्तें संबंधित वित्त विभाग के दिशा-निर्देशों के अनुसार लागू होंगी। इसलिए आवेदन करने से पहले कर्मचारी ई-कोष पोर्टल पर उपलब्ध आधिकारिक नियम और प्रक्रिया जरूर जांच लें।

Annu Dewangan
Author: Annu Dewangan