सरगुजा। अंबिकापुर मेडिकल कॉलेज अस्पताल से स्वास्थ्य विभाग की डिजिटल व्यवस्था पर सवाल खड़े करने वाला मामला सामने आया है। जशपुर जिले के कटंगखार निवासी पुलिस आरक्षक देवनारायण राम की 30 जून को उपचार के दौरान मौत हो गई थी। अस्पताल की ओर से परिजनों को मृत्यु प्रमाण पत्र भी जारी किया गया। लेकिन मौत के 42 दिन बाद उनके मोबाइल नंबर पर आयुष्मान सारथी योजना की ओर से ऐसा संदेश पहुंचा, जिसमें उन्हें स्वस्थ होकर घर जाने की शुभकामना दी गई। इस संदेश के सामने आने के बाद परिजन हैरान हैं और अस्पताल की रिकॉर्ड व्यवस्था पर सवाल उठा रहे हैं।
जानकारी के मुताबिक आरक्षक देवनारायण राम को 26 जून को गंभीर हालत में अंबिकापुर मेडिकल कॉलेज अस्पताल में भर्ती कराया गया था। उनकी पत्नी सीमा कुजूर स्वास्थ्य विभाग में स्टाफ नर्स हैं और उन्होंने ही पति को उपचार के लिए अस्पताल में भर्ती कराया था। इलाज के दौरान 30 जून को देवनारायण राम की मृत्यु हो गई। इसके बाद अस्पताल की प्रक्रिया के तहत परिजनों को मृत्यु प्रमाण पत्र सौंपा गया और अंतिम संस्कार भी कर दिया गया। सरकारी व्यवस्था में मृत्यु दर्ज होने के बावजूद 42 दिन बाद उनके मोबाइल पर आया डिस्चार्ज संबंधी संदेश अब पूरे मामले को गंभीर बना रहा है।
मृतक की पत्नी के मोबाइल पर पहुंचे संदेश में लिखा था कि “प्रिय देवनारायण राम, हमें खुशी है कि आप स्वस्थ होकर घर जा रहे हैं।” परिजनों के अनुसार इस संदेश को देखकर उन्हें समझ नहीं आया कि मृत व्यक्ति के नाम पर स्वास्थ्य विभाग की ओर से ऐसा संदेश कैसे जारी हो गया। अब सवाल यह है कि अस्पताल के मरीज रिकॉर्ड और आयुष्मान योजना के डिजिटल सिस्टम में देवनारायण राम की स्थिति क्या दर्ज थी और डिस्चार्ज का संदेश इतने दिनों बाद किस प्रक्रिया के तहत जारी हुआ।
मामले ने आयुष्मान योजना के तहत मरीजों की भर्ती, उपचार और डिस्चार्ज से जुड़े डिजिटल रिकॉर्ड की शुद्धता पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं। यदि मरीज की मृत्यु 30 जून को दर्ज हो चुकी थी, तो उसके बाद भी सिस्टम में उपचार या डिस्चार्ज से संबंधित प्रक्रिया कैसे चलती रही, इसकी जांच जरूरी है। हालांकि केवल एसएमएस के आधार पर किसी आर्थिक अनियमितता या आयुष्मान क्लेम में गड़बड़ी को साबित नहीं किया जा सकता। इसके लिए अस्पताल के भर्ती रिकॉर्ड, मृत्यु रिकॉर्ड, डिस्चार्ज डेटा और संबंधित योजना के क्लेम रिकॉर्ड की जांच आवश्यक होगी।
मृतक की पत्नी सीमा कुजूर ने इस मामले को लेकर वीडियो जारी कर जवाबदेही तय करने और न्याय की मांग की है। फिलहाल उपलब्ध जानकारी के आधार पर यह स्पष्ट नहीं है कि संदेश तकनीकी त्रुटि के कारण भेजा गया, रिकॉर्ड अपडेट में देरी हुई या अस्पताल स्तर पर कोई लापरवाही हुई। इसकी वास्तविक वजह जांच के बाद ही सामने आएगी। जिला प्रशासन की आधिकारिक वेबसाइट पर अंबिकापुर स्थित गवर्नमेंट मेडिकल कॉलेज अस्पताल की जानकारी उपलब्ध है।
यह मामला इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि सरकारी स्वास्थ्य सेवाओं में डिजिटल रिकॉर्ड मरीज के उपचार, डिस्चार्ज और योजना के भुगतान से जुड़े महत्वपूर्ण दस्तावेज होते हैं। ऐसे में रिकॉर्ड में किसी भी तरह की त्रुटि न केवल परिजनों के लिए परेशानी का कारण बन सकती है, बल्कि सरकारी योजनाओं की पारदर्शिता पर भी सवाल खड़े कर सकती है। सरगुजा जिला प्रशासन की आधिकारिक वेबसाइट







