बारना स्कूल में शिक्षकों की कमी पर तालाबंदी, बारिश में छात्रों का प्रदर्शन

 

कुरुद। धमतरी जिले के कुरुद विधानसभा क्षेत्र के ग्राम बारना स्थित शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय में शिक्षकों की कमी को लेकर सोमवार को छात्र-छात्राओं और ग्रामीणों का आक्रोश सामने आया। शिक्षकों की नियुक्ति की मांग को लेकर विद्यार्थियों और पालकों ने स्कूल में तालाबंदी कर दी और बरसते पानी के बीच छाता लेकर प्रदर्शन किया। आंदोलनकारियों ने नारेबाजी और गीतों के माध्यम से प्रशासन से शिक्षकों की तत्काल व्यवस्था करने की मांग रखी। ग्रामीणों का कहना है कि लंबे समय से स्कूल में विषयवार शिक्षकों की कमी बनी हुई है, जिसका सीधा असर विद्यार्थियों की पढ़ाई पर पड़ रहा है।

प्रदर्शन कर रहे ग्रामीणों और विद्यार्थियों के मुताबिक स्कूल में हिंदी, अंग्रेजी, सामाजिक विज्ञान, रसायन और भूगोल जैसे विषयों के शिक्षकों की कमी है। उनका कहना है कि शिक्षकों की नियुक्ति को लेकर पहले भी प्रशासन और जनप्रतिनिधियों का ध्यान आकर्षित कराया जा चुका है। पिछले महीने 8 जुलाई को पिछड़ा वर्ग आयोग के अध्यक्ष नेहरू निषाद के नेतृत्व में ग्रामीणों ने धमतरी पहुंचकर महापौर रामू रोहरा और संबंधित अधिकारियों को ज्ञापन सौंपा था। ज्ञापन के माध्यम से विद्यालय में शिक्षकों की कमी दूर करने की मांग की गई थी। ग्रामीणों का दावा है कि ज्ञापन सौंपे जाने के बावजूद करीब एक माह बीतने के बाद भी समस्या का समाधान नहीं हुआ, जिसके बाद उन्हें तालाबंदी और प्रदर्शन का रास्ता अपनाना पड़ा।

ग्रामीणों ने कहा कि विद्यालय में विषयवार शिक्षक नहीं होने से विद्यार्थियों की पढ़ाई प्रभावित हो रही है और परीक्षा तथा शैक्षणिक उपलब्धियों पर भी इसका असर पड़ सकता है। आंदोलन में शामिल विद्यार्थियों और पालकों ने प्रशासन से आश्वासन के बजाय शिक्षकों की तत्काल नियुक्ति या वैकल्पिक व्यवस्था करने की मांग की। ग्रामीणों का कहना है कि जब तक पढ़ाई के लिए जरूरी विषयों में शिक्षकों की व्यवस्था नहीं होती, तब तक समस्या बनी रहेगी।

ज्ञात हो कि पिछले महीने नेहरू निषाद की अगुआई में मिश्रीलाल पटेल, रूपचंद साहू, खिलावन प्रजापति, प्रेमनारायण साहू, दौलतराम, रामआधार, कृपाराम, दिनेश साहू, मोतीराम और अरुण ध्रुव सहित ग्रामीणों ने शिक्षकों की नियुक्ति की मांग को लेकर ज्ञापन सौंपा था। इसके बाद भी कार्रवाई नहीं होने से ग्रामीणों में नाराजगी बढ़ी। सोमवार को चंदन प्रजापति, प्रदीप साहू, उमेश पटेल, प्रतिक्षा, ख्याति साहू सहित छात्र-छात्राएं और ग्रामीण आंदोलन में शामिल हुए।

प्रदर्शन की जानकारी मिलने के बाद शिक्षाधिकारी लीलाधर चौधरी और तहसीलदार मधुकर सिरमौर मौके पर पहुंचे और आंदोलनकारियों से चर्चा कर उन्हें समझाने का प्रयास किया। वहीं स्कूल प्रबंधन समिति और ग्रामवासियों ने स्पष्ट रूप से शिक्षकों की तत्काल नियुक्ति की मांग रखी है। फिलहाल प्रशासन और आंदोलनकारियों के बीच बातचीत जारी रही। अब देखना होगा कि विद्यार्थियों की पढ़ाई से जुड़ी इस मांग पर शिक्षा विभाग कितनी जल्दी आवश्यक व्यवस्था करता है। छत्तीसगढ़ स्कूल शिक्षा विभाग की आधिकारिक वेबसाइट पर स्कूल शिक्षा से संबंधित विभागीय सूचनाएं और आदेश भी उपलब्ध हैं।

छत्तीसगढ़ स्कूल शिक्षा विभाग का आधिकारिक पोर्टल

Annu Dewangan
Author: Annu Dewangan