चलती टाटा सफारी में अचानक लगी आग, चालक की सूझबूझ से टला बड़ा हादसा

 

बिलासपुर। शहर के सिविल लाइन थाना क्षेत्र में मंगलवार रात चलती टाटा सफारी में अचानक आग लगने से अफरा-तफरी मच गई। महाराणा प्रताप चौक के पास रिंग रोड पर हुए इस हादसे में चालक की सूझबूझ के चलते वाहन में सवार सभी लोग समय रहते सुरक्षित बाहर निकल गए। राहत की बात यह रही कि घटना में किसी तरह की जनहानि नहीं हुई। आग लगने के बाद कुछ ही देर में वाहन धू-धूकर जलने लगा, जिससे मौके पर कुछ समय के लिए यातायात भी प्रभावित हुआ।

जानकारी के अनुसार टाटा सफारी क्रमांक CG 10 NC 4599 में युवक समेत कुछ लोग किसी काम से रिंग रोड से गुजर रहे थे। इसी दौरान वाहन के इंजन की तरफ से अचानक धुआं निकलता दिखाई दिया। खतरे को भांपते हुए चालक ने बिना देर किए वाहन को सड़क किनारे रोक दिया और उसमें सवार सभी लोगों को बाहर निकाल लिया। वाहन खाली कराने के कुछ ही समय बाद आग की लपटें तेज हो गईं और देखते ही देखते आग ने सफारी के बड़े हिस्से को अपनी चपेट में ले लिया।

घटना की जानकारी मिलते ही आसपास मौजूद लोग भी मौके पर पहुंच गए। स्थानीय युवकों ने तत्काल रेत की मदद से आग बुझाने का प्रयास शुरू किया। इस बीच पुलिस और दमकल विभाग को भी सूचना दी गई। दमकल और पुलिस टीम के पहुंचने से पहले स्थानीय लोगों ने काफी मशक्कत के बाद आग पर काबू पा लिया। आग बुझने के बाद जले हुए वाहन को सड़क से हटाया गया, जिसके बाद रिंग रोड पर यातायात सामान्य हो सका।

प्रारंभिक तौर पर बारिश के कारण वाहन की इंजन वायरिंग में शॉर्ट सर्किट होने की आशंका जताई जा रही है। हालांकि, आग लगने की वास्तविक वजह अभी स्पष्ट नहीं है। वाहन में किसी तकनीकी खराबी के कारण आग लगी या शॉर्ट सर्किट इसकी पुष्टि जांच के बाद ही हो सकेगी। पुलिस मामले की जांच कर रही है।

इस घटना ने एक बार फिर चलते वाहनों में अचानक आग लगने की स्थिति में सावधानी बरतने की जरूरत को सामने रखा है। वाहन से धुआं या जलने की गंध महसूस होने पर चालक को तुरंत सुरक्षित स्थान पर वाहन रोककर सभी यात्रियों को बाहर निकालना चाहिए और आग बुझाने के प्रयास के साथ संबंधित आपातकालीन सेवाओं को सूचना देनी चाहिए। वाहन में अग्निशमन यंत्र रखना भी ऐसी परिस्थितियों में उपयोगी साबित हो सकता है। वाहन सुरक्षा और सड़क सुरक्षा से जुड़ी जानकारी के लिए सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय की आधिकारिक वेबसाइट देखी जा सकती है।

Annu Dewangan
Author: Annu Dewangan