कुरूद । अजय चंद्राकर स्किल डेवलपमेंट को लेकर लगातार जोर देते रहे हैं और इसी क्रम में उन्होंने ग्राम मोगरा के ग्रामीणों से संवाद करते हुए कहा कि समय के साथ भौतिक चीजें बदलती रहेंगी, लेकिन बच्चों की शिक्षा और कौशल विकास ही भविष्य को मजबूत बनाता है। उन्होंने कहा कि सड़कों, नालियों और बिल्डिंगों के साथ-साथ हमें नई जनरेशन को बदलते दौर के लिए तैयार करना होगा। विकास की जिम्मेदारी उन्होंने खुद ली और लोगों से सहमति मांगी कि वे समाज और गांव के विकास का जिम्मा उन्हें सौंपें।
मोगरा में सेन समाज सामुदायिक भवन का भूमिपूजन
कुरूद जनपद के ग्राम पंचायत मोगरा में सेन समाज सामुदायिक भवन के भूमिपूजन कार्यक्रम का शुभारंभ किया गया, जिसमें पूर्व कैबिनेट मंत्री अजय चंद्राकर शामिल हुए। कार्यक्रम में उन्होंने कहा कि सेन समाज सेवा-भाव से जुड़ा हुआ रहा है, लेकिन समय के साथ समाज में तेजी से बदलाव दिख रहा है। नई शिक्षा व्यवस्था और अजय चंद्राकर स्किल डेवलपमेंट की पहलों ने क्षेत्र के युवाओं के लिए बड़े अवसर तैयार किए हैं।
उन्होंने बताया कि कुरूद क्षेत्र में कई शैक्षणिक और तकनीकी संस्थानों की स्थापना की गई है, जहां बच्चे आधुनिक शिक्षा प्राप्त कर समाज में आने वाली नई चुनौतियों का सामना कर सकते हैं।
युवाओं के लिए स्किल डेवलपमेंट को बताया अनिवार्य
अजय चंद्राकर ने स्पष्ट कहा कि आज के समय में सभी को नौकरी मिलना आसान नहीं है। इसलिए अजय चंद्राकर स्किल डेवलपमेंट मॉडल के अनुसार युवाओं में कौशल विकास को बढ़ावा देना होगा। स्किल-आधारित सीख युवाओं को आत्मनिर्भर बनाएगी और रोजगार के नए रास्ते खोलेगी।
उन्होंने यह भी कहा कि यदि समाज और परिवार अपने बच्चों को कौशल आधारित शिक्षा दिलाने पर फोकस करें, तो आने वाली पीढ़ी न केवल प्रतिस्पर्धी बनेगी, बल्कि अपने क्षेत्र को आगे बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका भी निभाएगी।
क्षेत्रीय विकास में जनता की भागीदारी आवश्यक
अजय चंद्राकर ने उपस्थित ग्रामीणों से कहा कि गांव और समाज के विकास के लिए उनका पूर्ण सहयोग जरूरी है। उन्होंने भरोसा दिलाया कि विकास कार्यों में किसी प्रकार की कमी नहीं आने दी जाएगी। सड़क, नाली, बिजली और भवन जैसे भौतिक विकास के साथ-साथ सामाजिक और कौशल विकास पर विशेष ध्यान दिया जाएगा।
कार्यक्रम में उपस्थित रहे जनप्रतिनिधि और ग्रामीण
इस कार्यक्रम में सरपंच यमुना साहू, भाजपा मंडल अध्यक्ष कृष्णकांत साहू, शिवदयाल, बीरसिंग, मेवाराम साहू, कोदूराम चंद्राकर, राजेंद्र सेन, डोमार ध्रुव, प्रभाकर सेन, गिरधर साहू, चेतनानंद, चम्पूराम, कलिंद्री, सुखिया बाई, गंगा, देवबती, रोहणी बाई सहित बड़ी संख्या में ग्रामीण मौजूद थे।
अजय चंद्राकर स्किल डेवलपमेंट पर हमेशा फोकस करते आए हैं, और मोगरा में दिया गया उनका संदेश भी यही दर्शाता है कि आने वाला समय कौशल आधारित शिक्षा का है। यदि समाज, गांव और परिवार मिलकर युवाओं को आधुनिक कौशल सिखाने में आगे आएँ, तो पूरा क्षेत्र तेजी से प्रगतिशील बन सकता है।







