धमतरी । बच्चों के समग्र विकास, सुरक्षा और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा सुनिश्चित करने के उद्देश्य से कलेक्टर श्री अबिनाश मिश्रा की अध्यक्षता में कलेक्ट्रेट सभाकक्ष में आश्रम-छात्रावास अधीक्षकों की बैठक आयोजित की गई। इस बैठक में जिले के सभी आश्रम एवं छात्रावासों की व्यवस्थाओं की गहन समीक्षा की गई। कलेक्टर ने स्पष्ट कहा कि बच्चे देश का भविष्य हैं और उनकी देखभाल केवल प्रशासनिक दायित्व नहीं, बल्कि सामाजिक जिम्मेदारी भी है।
बच्चों की सुरक्षा और मूलभूत सुविधाओं पर विशेष फोकस
आश्रम-छात्रावास अधीक्षकों की बैठक में कलेक्टर श्री मिश्रा ने सुरक्षा व्यवस्था को सर्वोच्च प्राथमिकता देने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि प्रत्येक आश्रम-छात्रावास में सीसीटीवी कैमरे पूरी तरह क्रियाशील होने चाहिए तथा उनकी नियमित मॉनिटरिंग की जाए। इसके साथ ही चौकीदारों और महिला होमगार्ड की तैनाती सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए गए, ताकि बच्चों को सुरक्षित वातावरण मिल सके।
स्वास्थ्य जांच और मौसमी आवश्यकताओं की समीक्षा
बैठक में बच्चों के नियमित स्वास्थ्य परीक्षण पर भी चर्चा की गई। कलेक्टर ने निर्देश दिए कि सभी आश्रमों में समय-समय पर मेडिकल चेकअप अनिवार्य रूप से कराया जाए।
इसके साथ ही मौसमी आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए गर्म कपड़े, स्वेटर और यूनिफॉर्म वितरण की प्रगति की समीक्षा की गई। आश्रम-छात्रावास अधीक्षकों की बैठक में यह स्पष्ट किया गया कि किसी भी बच्चे को बुनियादी जरूरतों से वंचित नहीं रखा जाएगा।
शैक्षणिक और बौद्धिक विकास को लेकर अहम निर्देश
कलेक्टर श्री मिश्रा ने कहा कि शिक्षा केवल किताबों तक सीमित नहीं होनी चाहिए। आश्रम-छात्रावास अधीक्षकों की बैठक में उन्होंने सभी अधीक्षकों को लाइब्रेरी व्यवस्था मजबूत करने और बच्चों को नियमित अध्ययन के लिए प्रेरित करने के निर्देश दिए।
कंप्यूटर लैब और डिजिटल शिक्षा पर जोर
बैठक में स्मार्ट कंप्यूटर लैब की स्थिति की भी समीक्षा की गई। कलेक्टर ने कहा कि जिन आश्रम-छात्रावासों में कंप्यूटर लैब उपलब्ध है, वहां बच्चों को बेसिक कंप्यूटर प्रशिक्षण अनिवार्य रूप से दिया जाए।
उन्होंने यह भी निर्देश दिए कि जिन आश्रमों में टीवी उपलब्ध नहीं है, वहां शीघ्र व्यवस्था की जाए, ताकि बच्चे देश-दुनिया की गतिविधियों से जुड़े रह सकें।
अधीक्षकों को मिलेगा विशेष प्रबंधन प्रशिक्षण
आश्रम-छात्रावास अधीक्षकों की बैठक में कलेक्टर ने एक महत्वपूर्ण घोषणा करते हुए बताया कि सभी अधीक्षकों को आईएएम (IIM/प्रशासनिक प्रशिक्षण संस्थान) में एक सप्ताह का विशेष प्रशिक्षण दिया जाएगा। इस प्रशिक्षण का उद्देश्य अधीक्षकों की प्रबंधन क्षमता, नेतृत्व कौशल और संवेदनशीलता को और अधिक मजबूत करना है, ताकि वे बच्चों के साथ परिवार जैसा व्यवहार सुनिश्चित कर सकें।
उत्कृष्ट कार्य करने वाली अधीक्षिकाओं का सम्मान
बैठक के दौरान भोथापारा और सलोनी आश्रमों की अधीक्षिकाओं को उत्कृष्ट व्यवस्थाओं और विद्यार्थियों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए सम्मानित किया गया। कलेक्टर ने इसे अन्य अधीक्षकों के लिए प्रेरणास्रोत बताया और कहा कि सकारात्मक प्रतिस्पर्धा से व्यवस्था और बेहतर होगी।
बैठक में ये अधिकारी रहे उपस्थित
इस आश्रम-छात्रावास अधीक्षकों की बैठक में डिप्टी कलेक्टर डॉ. कल्पना ध्रुव, सहायक आयुक्त आदिवासी विकास श्री विमल साहू सहित जिले के सभी आश्रम-छात्रावास अधीक्षक उपस्थित रहे।
कुल मिलाकर, आश्रम-छात्रावास अधीक्षकों की बैठक बच्चों के सुरक्षित भविष्य, बेहतर शिक्षा और सर्वांगीण विकास की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम साबित हुई। कलेक्टर द्वारा दिए गए निर्देशों से स्पष्ट है कि प्रशासन बच्चों को केवल सुविधा नहीं, बल्कि स्नेहपूर्ण और प्रेरणादायक वातावरण देने के लिए प्रतिबद्ध है। आने वाले समय में इन प्रयासों से आश्रम-छात्रावासों की गुणवत्ता में निश्चित रूप से सुधार देखने को मिलेगा।







