रायपुर : बस्तर को हिंसा मुक्त कर शांति, विकास और विश्वास के मार्ग पर आगे बढ़ाना राज्य सरकार का दृढ़ संकल्प है। यह बात मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर साझा संदेश के माध्यम से कही। उन्होंने जिला सुकमा के गोंदीगुड़ा क्षेत्र में सुरक्षा बलों द्वारा की गई सटीक, साहसिक और सफल कार्रवाई की सराहना करते हुए कहा कि यह ऑपरेशन माओवादी नेटवर्क के लिए करारा झटका है और यह संकेत देता है कि अब बस्तर में हिंसा के दिन समाप्ति की ओर हैं।
सुकमा ऑपरेशन से माओवादी नेटवर्क को बड़ा झटका
मुख्यमंत्री ने कहा कि सुकमा जिले के गोंदीगुड़ा क्षेत्र में सुरक्षा बलों की यह कार्रवाई पूरी तरह योजनाबद्ध और खुफिया जानकारी पर आधारित थी। इस अभियान से यह स्पष्ट हो गया है कि बस्तर को हिंसा मुक्त बनाने के लिए राज्य और केंद्र सरकार पूरी तरह प्रतिबद्ध हैं। लगातार दबाव और प्रभावी रणनीति के चलते माओवादियों की संरचना कमजोर होती जा रही है और उनकी हिंसक साजिशें अब पहले जैसी प्रभावी नहीं रहीं।
केंद्र और राज्य सरकार की साझा रणनीति
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा कि यशस्वी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के स्पष्ट नेतृत्व और सख्त नीति का ही परिणाम है कि बस्तर क्षेत्र में निर्णायक परिवर्तन दिखाई दे रहा है। सुरक्षा बलों की सतत कार्रवाई, राज्य सरकार की संवेदनशील पुनर्वास नीति और स्थानीय जनता के सहयोग से बस्तर को हिंसा मुक्त करने की दिशा में ठोस सफलता मिल रही है।
उन्होंने यह भी कहा कि सरकार केवल सुरक्षा कार्रवाई तक सीमित नहीं है, बल्कि विकास, शिक्षा, स्वास्थ्य और रोजगार जैसे क्षेत्रों में भी तेजी से काम किया जा रहा है, ताकि स्थानीय लोगों को मुख्यधारा से जोड़ा जा सके।
हिंसा छोड़ने वालों के लिए पुनर्वास और सम्मानजनक भविष्य
मुख्यमंत्री साय ने दो टूक संदेश देते हुए कहा कि जो लोग हिंसा का रास्ता छोड़कर समाज की मुख्यधारा से जुड़ना चाहते हैं, उनके लिए राज्य सरकार पुनर्वास, आजीविका, सुरक्षा और सम्मानजनक जीवन सुनिश्चित करेगी। सरकार मानवीय दृष्टिकोण के साथ ऐसे सभी लोगों के साथ खड़ी है।
हथियार छोड़ो, विकास से जुड़ो
उन्होंने स्पष्ट किया कि बस्तर को हिंसा मुक्त बनाने का लक्ष्य तभी पूरा होगा जब स्थानीय युवा हिंसा के रास्ते को छोड़कर शिक्षा, रोजगार और विकास की दिशा में आगे बढ़ेंगे। वहीं जो लोग अब भी हथियार और भय के रास्ते पर चलेंगे, उनके प्रति सरकार किसी भी प्रकार की सहानुभूति नहीं रखेगी।
स्थानीय जनता की भूमिका और जनभागीदारी
मुख्यमंत्री ने कहा कि बस्तर में शांति स्थापना में स्थानीय जनता की भूमिका सबसे अहम है। ग्रामीणों का सहयोग, जनभागीदारी और विश्वास ही इस बदलाव की सबसे बड़ी ताकत है। सरकार का उद्देश्य है कि बस्तर को विकास की मुख्यधारा से जोड़कर एक सुरक्षित और समृद्ध क्षेत्र बनाया जाए।
बस्तर का उज्ज्वल भविष्य
मुख्यमंत्री साय ने विश्वास जताया कि शांति, विकास और जनसहयोग के संयुक्त प्रयासों से बस्तर को हिंसा मुक्त बनाकर एक नया अध्याय लिखा जाएगा। आने वाले समय में बस्तर शिक्षा, स्वास्थ्य, उद्योग और पर्यटन के क्षेत्र में नई पहचान बनाएगा।
कुल मिलाकर, राज्य और केंद्र सरकार की संयुक्त रणनीति, सुरक्षा बलों की प्रभावी कार्रवाई और स्थानीय जनता के सहयोग से बस्तर को हिंसा मुक्त बनाने का सपना अब साकार होता नजर आ रहा है। शांति और विकास के इस नए दौर में बस्तर तेजी से एक सुरक्षित, समृद्ध और उज्ज्वल भविष्य की ओर बढ़ रहा है।







