ग्राम चरमुडिया में युवाओं ने खोला नशे के खिलाफ मोर्चा, अवैध कारोबारियों को दी चेतावनी

कुरुद | ग्राम पंचायत चरमुडिया में बढ़ती नशाखोरी और उससे उपज रही सामाजिक समस्याओं को देखते हुए सतनामी समाज के युवाओं ने नशे के खिलाफ मोर्चा खोलने का ऐलान किया है। पंचायत और ग्रामीणों की तमाम कोशिशों के बावजूद अवैध शराब और नशीले पदार्थों का कारोबार पूरी तरह बंद नहीं हो पाने से आक्रोशित युवाओं ने अब इस मुहिम को निर्णायक रूप देने का संकल्प लिया है।

गांव में बढ़ते नशे के कारण चोरी, लूट और असामाजिक गतिविधियों में लगातार इजाफा हो रहा है, जिससे ग्रामीणों की शांति और सुरक्षा पर खतरा मंडरा रहा है। इसी को देखते हुए ग्रामीणों ने एकजुट होकर नशे के खिलाफ मोर्चा को जनआंदोलन का रूप देने की दिशा में कदम बढ़ाया।

लंबे समय से फल-फूल रहा था अवैध नशे का कारोबार

कुरुद से लगे ग्राम पंचायत चरमुडिया में अवैध शराब, गांजा और अन्य नशीले पदार्थों की बिक्री लंबे समय से हो रही थी। इसका सीधा असर गांव के युवाओं और सामाजिक माहौल पर पड़ा है। नशे की लत के कारण कई युवा गलत रास्ते पर जा रहे हैं और आपराधिक घटनाओं में भी बढ़ोतरी देखी जा रही है।

ग्रामीणों का कहना है कि कई बार प्रशासन और पंचायत को शिकायत करने के बावजूद यह समस्या पूरी तरह खत्म नहीं हो पाई। इसी कारण अब समाज के युवाओं ने स्वयं आगे आकर नशे के खिलाफ मोर्चा संभालने का निर्णय लिया।

रैली निकालकर नशे की बिक्री का किया विरोध

सतनामी समाज चरमुडिया एवं ग्रामवासियों ने शराब और नशीले पदार्थों की बिक्री के विरोध में गांव में रैली निकाली। रैली के दौरान ग्रामीणों ने उन ठिकानों पर जाकर समझाइश दी, जहां नशा पदार्थ, डिस्पोजल और पानी पाउच के माध्यम से अवैध गतिविधियां संचालित हो रही थीं।

ग्रामीणों ने दुकानदारों और अवैध विक्रेताओं को सख्त चेतावनी दी कि यदि गांव की सुख-शांति भंग करने वाले ऐसे कार्य बंद नहीं किए गए, तो ग्रामीण स्तर पर कठोर कदम उठाए जाएंगे। यह पहल नशे के खिलाफ मोर्चा को मजबूत करने की दिशा में अहम मानी जा रही है।

सरपंच का बयान

ग्राम सरपंच नीतू तेजेन्द्र तोड़ेकर ने बताया कि पंचायत द्वारा महिला कमांडो का गठन किया गया है और पुलिस प्रशासन के सहयोग से लगातार अवैध शराब और नशा बेचने वालों पर कार्रवाई की जा रही है। बावजूद इसके, यह अवैध धंधा पूरी तरह समाप्त नहीं हो पाया है।

उन्होंने कहा कि अब युवा वर्ग के सक्रिय सहयोग से इस अभियान को और तेज किया जाएगा, ताकि गांव में नशे के खिलाफ मोर्चा को स्थायी सफलता मिल सके और अवैध बिक्री पर पूर्ण प्रतिबंध लगाया जा सके।

युवाओं की सक्रिय भागीदारी बनी ताकत

इस अभियान में तेजेन्द्र तोडेकर, लक्की, रामभगत तोडेकर, मुकेश जोशी, सुरेन्द्र, हेमंत, बसंत, रामदयाल, सुजित, कृष्णा जोशी, जितेन्द्र, उमेंद बांधेकर, ऋषिकेश, सतीश, भागवत, राहुल बांधेकर, दिनदयाल, अनुराग, देवेन्द्र, लक्ष्मण, सूखेराम, सुखदेव भारती सहित बड़ी संख्या में ग्रामीण उपस्थित थे।

युवाओं का कहना है कि जब तक गांव नशामुक्त नहीं होगा, तब तक नशे के खिलाफ मोर्चा जारी रहेगा।

नशामुक्त गांव की दिशा में सामूहिक प्रयास

नशाखोरी केवल एक व्यक्ति की समस्या नहीं, बल्कि पूरे समाज को प्रभावित करने वाली सामाजिक बुराई है। इसी कारण ग्राम चरमुडिया में चलाया जा रहा यह अभियान अन्य गांवों के लिए भी प्रेरणास्रोत बन सकता है।

Bharti Sahu
Author: Bharti Sahu

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