छत्तीसगढ़ में शीतलहर का प्रभाव, ठंड ने बढ़ाई लोगों की परेशानी
छत्तीसगढ़ में शीतलहर अब अपने पूरे असर में नजर आने लगी है। प्रदेशभर में ठंड तेजी से बढ़ रही है और मौसम विभाग ने आने वाले तीन दिनों के लिए अलर्ट जारी किया है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के अनुसार छत्तीसगढ़ के न्यूनतम तापमान में 1 से 2 डिग्री सेल्सियस तक की और गिरावट दर्ज की जा सकती है। खासकर उत्तर–मध्य छत्तीसगढ़ के जिलों में शीतलहर चलने की प्रबल संभावना जताई गई है।
ठंड के इस बढ़ते प्रकोप से आम जनजीवन प्रभावित होने लगा है और सुबह-शाम सर्द हवाओं का असर साफ महसूस किया जा रहा है।
उत्तर–मध्य छत्तीसगढ़ में शीतलहर की चेतावनी
मौसम विभाग की रिपोर्ट के अनुसार दुर्ग जिले के एक-दो इलाकों में पहले ही छत्तीसगढ़ में शीतलहर का असर देखा जा चुका है। बुधवार को प्रदेश का अधिकतम तापमान 31.2 डिग्री सेल्सियस दुर्ग में दर्ज किया गया, जबकि सबसे कम न्यूनतम तापमान 5.5 डिग्री सेल्सियस अंबिकापुर में रिकॉर्ड किया गया।
मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि उत्तर और मध्य छत्तीसगढ़ के जिलों में ठंडी हवाओं की वजह से रात के तापमान में और गिरावट संभव है।
राजधानी रायपुर में बढ़ी ठंड, सुबह कुहासे के आसार
राजधानी रायपुर में दिन का अधिकतम तापमान 28.3 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो सामान्य से थोड़ा अधिक रहा। हालांकि रात का तापमान गिरकर 12.3 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया। दिन के समय हल्के बादल छाए रहे, लेकिन शाम होते ही ठंड का एहसास बढ़ गया।
हवा की गति भी बेहद कम रही, करीब 2 किलोमीटर प्रति घंटा, जिससे ठंड ज्यादा महसूस हुई। मौसम विभाग ने बताया कि 25 दिसंबर को रायपुर में सुबह के समय कुहासा छाए रहने की संभावना है। इस दिन अधिकतम तापमान लगभग 28 डिग्री और न्यूनतम तापमान 12 डिग्री सेल्सियस रहने का अनुमान है।
प्रदेश में मौसम रहेगा शुष्क, बारिश की संभावना नहीं
IMD के अनुसार पूरे छत्तीसगढ़ में फिलहाल मौसम शुष्क बना हुआ है। कहीं भी बारिश दर्ज नहीं की गई है और आने वाले एक से दो दिनों तक भी बारिश के कोई आसार नहीं हैं। छत्तीसगढ़ में शीतलहर के चलते ठंड तो बढ़ेगी, लेकिन मौसम साफ रहने की संभावना है।
मौसम विशेषज्ञों का मानना है कि पश्चिमी विक्षोभ के कमजोर प्रभाव के कारण तापमान में गिरावट हो रही है, लेकिन बारिश की स्थिति नहीं बन रही।
मौसम विभाग की सलाह: सतर्क रहें लोग
मौसम विभाग ने लोगों से अपील की है कि बढ़ती ठंड को देखते हुए आवश्यक सावधानियां बरतें। विशेष रूप से बुजुर्गों, बच्चों और बीमार व्यक्तियों को ठंड से बचाव के उपाय अपनाने की सलाह दी गई है।
ठंड से बचने के लिए जरूरी सुझाव
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सुबह और रात के समय गर्म कपड़े पहनें
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खुले में ज्यादा देर तक रहने से बचें
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गर्म पेय पदार्थों का सेवन करें
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कोहरे में वाहन चलाते समय सावधानी बरतें
किसानों पर भी पड़ सकता है असर
विशेषज्ञों के अनुसार छत्तीसगढ़ में शीतलहर का असर कुछ फसलों पर भी पड़ सकता है। खासकर सब्जी और रबी फसलों की खेती करने वाले किसानों को सतर्क रहने की जरूरत है। रात के समय पाला पड़ने की संभावना वाले क्षेत्रों में अतिरिक्त सावधानी जरूरी बताई गई है।
छत्तीसगढ़ में शीतलहर का असर आने वाले दिनों में और तेज हो सकता है। तापमान में गिरावट और कुहासे की संभावना को देखते हुए आम नागरिकों को सतर्क रहने की जरूरत है। मौसम विभाग की चेतावनियों को ध्यान में रखते हुए सावधानी बरतना ही सुरक्षित विकल्प है।







