सिविल अस्पताल कुरूद में एक्सरे मशीन बंद: अव्यवस्थाओं से मरीज परेशान, बढ़ा निजी खर्च

सिविल अस्पताल कुरूद में एक्सरे मशीन बंद, मरीजों को झेलनी पड़ रही भारी परेशानी

सिविल अस्पताल कुरूद में एक्सरे मशीन बंद होने से एक बार फिर अस्पताल की व्यवस्थाओं पर सवाल खड़े हो गए हैं। बीते 15 से 20 दिनों से तकनीकी खराबी के कारण डिजिटल एक्सरे मशीन पूरी तरह बंद पड़ी है। इसके साथ ही अस्पताल की पैथोलॉजी लैब में भी जरूरी जांच नहीं हो पा रही है, जिससे आम मरीजों को गंभीर समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है।

यह अस्पताल क्षेत्र का प्रमुख सरकारी स्वास्थ्य केंद्र है, जहां कुरूद के साथ-साथ मेघा, मगरलोड, भखारा और आसपास के दूरस्थ ग्रामीण अंचलों से मरीज इलाज के लिए पहुंचते हैं। ऐसे में सिविल अस्पताल कुरूद में एक्सरे मशीन बंद होना आमजन के लिए बड़ी स्वास्थ्य समस्या बन गया है।

क्षेत्रीय स्वास्थ्य व्यवस्था पर सीधा असर

सिविल अस्पताल कुरूद पर हजारों लोगों की निर्भरता है। यहां रोजाना बड़ी संख्या में दुर्घटना पीड़ित, मारपीट में घायल और गंभीर रोगों से ग्रसित मरीज पहुंचते हैं। चिकित्सकों द्वारा एक्सरे और पैथोलॉजी जांच की सलाह दिए जाने के बावजूद अस्पताल में यह सुविधाएं उपलब्ध नहीं होने से मरीजों को मजबूरी में निजी लैब और डायग्नोस्टिक सेंटर का रुख करना पड़ रहा है।

ग्रामीण इलाकों से आए मरीजों के लिए यह स्थिति और भी गंभीर है। आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों पर निजी जांच का अतिरिक्त बोझ पड़ रहा है, जो सरकारी अस्पताल के उद्देश्य के बिल्कुल विपरीत है।

दुर्घटना और आपातकालीन मामलों में बढ़ी दिक्कत

विशेष रूप से सड़क दुर्घटनाओं के मामलों में सिविल अस्पताल कुरूद में एक्सरे मशीन बंद होने का असर साफ दिखाई दे रहा है। हड्डी टूटने या अंदरूनी चोटों की पुष्टि के लिए एक्सरे जरूरी होता है, लेकिन सुविधा न होने के कारण मरीजों को बाहर भेजा जा रहा है।

अस्पताल में भर्ती घायल मरीजों का समुचित उपचार एक्सरे रिपोर्ट और पैथोलॉजी जांच के बिना संभव नहीं हो पा रहा है। इससे इलाज में देरी हो रही है और मरीजों की स्थिति गंभीर होने की आशंका भी बढ़ जाती है।

बार-बार खराब हो रही मशीन, उठ रहे सवाल

स्थानीय लोगों के अनुसार कुछ समय पहले ही एक्सरे मशीन की मरम्मत कराई गई थी, लेकिन एक माह के भीतर ही मशीन दोबारा खराब हो गई। लंबे समय से एक्सरे कक्ष में ताला लटका हुआ है और बाहर “मशीन खराब है” की सूचना चस्पा कर दी गई है।

लोगों का कहना है कि सिविल अस्पताल कुरूद में एक्सरे मशीन बंद रहना अस्पताल प्रबंधन की लापरवाही को दर्शाता है। नियमित मेंटेनेंस और निगरानी के अभाव में मशीनें बार-बार खराब हो रही हैं।

पैथोलॉजी जांच बंद, निजी लैब को फायदा

सरकारी पैथोलॉजी जांच बंद होने का फायदा कुछ निजी लैब संचालक उठा रहे हैं। आरोप है कि अस्पताल से ही सैंपल उठाकर निजी लैब में जांच कराई जा रही है, जिससे मरीजों को महंगे दाम चुकाने पड़ रहे हैं।

प्रबंधन का पक्ष: जल्द सुधार का दावा

इस संबंध में खंड चिकित्सा अधिकारी हेमराज देवांगन ने बताया कि पैथोलॉजी जांच रिएजेंट की कमी के कारण बंद है। वरिष्ठ अधिकारियों को इसकी जानकारी देकर आवश्यक केमिकल की मांग की गई है।

उन्होंने कहा कि एक्सरे मशीन के रखरखाव की जिम्मेदारी संबंधित कंपनी की है। कंपनी को खराबी की सूचना दे दी गई है और जल्द ही मशीन को दुरुस्त कर लिया जाएगा।

मरीजों में बढ़ता आक्रोश

कुछ पीड़ित मरीजों और उनके परिजनों का कहना है कि अस्पताल में पदस्थ डॉक्टरों और स्टाफ को निजी प्रैक्टिस पर ध्यान देने के बजाय अस्पताल में आने वाले आम मरीजों को बेहतर सुविधाएं देनी चाहिए। यदि हालात नहीं सुधरे, तो कभी भी बड़ा जनआक्रोश देखने को मिल सकता है।

कुल मिलाकर सिविल अस्पताल कुरूद में एक्सरे मशीन बंद होने और पैथोलॉजी जांच ठप रहने से आम जनता को भारी परेशानी झेलनी पड़ रही है। सरकारी स्वास्थ्य सेवाओं की यह स्थिति गंभीर चिंता का विषय है। समय रहते यदि व्यवस्थाएं दुरुस्त नहीं की गईं, तो इसका सीधा असर मरीजों की सेहत और भरोसे पर पड़ेगा। प्रशासन को चाहिए कि वह सिविल अस्पताल कुरूद में एक्सरे मशीन बंद जैसी समस्याओं का स्थायी समाधान जल्द से जल्द सुनिश्चित करे।

 

 

Bharti Sahu
Author: Bharti Sahu

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