अवैध धान भंडारण पर कार्रवाई से धमतरी प्रशासन की सख्ती साफ
अवैध धान भंडारण पर कार्रवाई को लेकर धमतरी जिला प्रशासन ने सख्त रुख अपनाया है। समर्थन मूल्य पर धान उपार्जन व्यवस्था की पारदर्शिता बनाए रखने और किसानों के हितों की रक्षा के उद्देश्य से प्रशासन द्वारा लगातार जांच और छापेमारी की जा रही है। इसी कड़ी में 24 दिसंबर 2025 को उड़नदस्ता दल और संयुक्त विभागीय टीम ने जिले के अलग-अलग स्थानों पर कार्रवाई करते हुए बड़ी मात्रा में अवैध रूप से संग्रहित धान जप्त किया।
प्रशासन की इस कार्रवाई से अवैध धान व्यापार में संलिप्त लोगों में हड़कंप मच गया है।
मगरलोड क्षेत्र में पहली बड़ी कार्रवाई
उड़नदस्ता दल द्वारा की गई जांच में पहला मामला मगरलोड तहसील के बोडरा गांव का सामने आया। यहां मोहन साहू, निवासी बोडरा के विरुद्ध कार्रवाई करते हुए 50 कट्टा धान, कुल मात्रा 20.00 क्विंटल, अवैध रूप से संग्रहित पाया गया। मामले में मंडी अधिनियम 1972 के तहत आवश्यक कार्रवाई की गई।
यह अवैध धान भंडारण पर कार्रवाई किसानों के हितों को नुकसान पहुंचाने वाले तत्वों के खिलाफ प्रशासन की जीरो टॉलरेंस नीति को दर्शाती है।
नगरी मंडी क्षेत्र में ट्रेडर्स के खिलाफ कार्रवाई
उसी दिन नगरी मंडी क्षेत्र में फर्म लोकेश ट्रेडर्स, बेलरगांव की जांच की गई। जांच के दौरान यहां 114 कट्टा अवैध धान, कुल मात्रा 45.60 क्विंटल, पाया गया। मंडी अधिनियम के तहत धान को जप्त कर फर्म संचालक श्री लोकेश कुमार देवांगन की सुपुर्दगी में रखा गया।
प्रशासन ने स्पष्ट किया कि बिना वैध दस्तावेज के धान का भंडारण और व्यापार कानूनन अपराध है और इस पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।
भू-रशी डोंगरी में तीसरी कार्रवाई
इसके बाद संयुक्त टीम ने फर्म महेन्द्र कुमार साहू, भू-रशी डोंगरी में जांच की। यहां 82 कट्टा अवैध धान, कुल मात्रा 32.80 क्विंटल, पाए जाने पर जप्ती की कार्रवाई की गई। जप्त धान को नियमानुसार संचालक की सुपुर्दगी में दिया गया।
लगातार हो रही अवैध धान भंडारण पर कार्रवाई से यह साफ है कि प्रशासन किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त करने के मूड में नहीं है।
धान कुटाई उद्योग में स्टॉक अंतर, 265 कट्टा जप्त
राजस्व, खाद्य एवं मंडी विभाग की संयुक्त टीम द्वारा सावित्री धान कुटाई उद्योग, अर्जुनी का भौतिक सत्यापन भी किया गया। जांच के दौरान स्टॉक मात्रा में गंभीर अंतर पाया गया। इस पर मंडी अधिनियम 1972 के तहत 265 कट्टा धान जप्त किया गया।
यह कार्रवाई औद्योगिक स्तर पर हो रहे संभावित अनियमितताओं पर भी प्रशासन की पैनी नजर को दर्शाती है।
कलेक्टर ने दिए सख्त निर्देश
कलेक्टर श्री अबिनाश मिश्रा ने अवैध धान भंडारण पर कार्रवाई को लेकर अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि समर्थन मूल्य पर धान उपार्जन व्यवस्था की पारदर्शिता और किसानों के हितों की रक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है।
निरंतर निरीक्षण और आकस्मिक जांच के आदेश
कलेक्टर ने राजस्व, खाद्य एवं मंडी विभाग को आपसी समन्वय के साथ:
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नियमित निरीक्षण
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आकस्मिक जांच
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संदिग्ध भंडारण स्थलों की निगरानी
जारी रखने के निर्देश दिए हैं। साथ ही उड़नदस्ता दल को राइस मिलों और व्यापारिक प्रतिष्ठानों पर सतत निगरानी रखने को कहा गया है।
किसानों और आमजन से की गई अपील
प्रशासन ने आम नागरिकों और किसानों से अपील की है कि वे अवैध धान भंडारण पर कार्रवाई में सहयोग करें। यदि कहीं भी अवैध धान खरीदी या भंडारण की जानकारी मिले, तो तुरंत प्रशासन को सूचित करें ताकि समय रहते कार्रवाई की जा सके और शासन की योजनाओं का लाभ वास्तविक किसानों तक पहुंचे।
धमतरी जिले में की जा रही अवैध धान भंडारण पर कार्रवाई यह स्पष्ट संदेश देती है कि किसानों के हक पर डाका डालने वालों के खिलाफ प्रशासन पूरी सख्ती से पेश आएगा। मंडी अधिनियम 1972 के तहत की जा रही लगातार कार्रवाइयों से धान उपार्जन व्यवस्था में पारदर्शिता बनाए रखने की दिशा में प्रशासन का प्रयास सराहनीय है।







