धमतरी में गौधाम योजना को प्रभावी बनाने कलेक्टर कार्यालय में आयोजित महत्वपूर्ण बैठक

धमतरी । गौधाम योजना धमतरी को मजबूत और प्रभावी रूप देने के उद्देश्य से कलेक्टर कार्यालय के सभाकक्ष में जिला एवं विकासखण्ड स्तरीय गौधाम समिति की महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। बैठक में निराश्रित, घुमंतू और जप्त पशुओं के संरक्षण, पुनर्वास और आधुनिक सुविधाओं से युक्त गौधामों की स्थापना पर विस्तृत चर्चा की गई। शासन की यह महत्वाकांक्षी योजना जिले में तेजी से क्रियान्वित हो, इसी दिशा में अधिकारियों को कई महत्वपूर्ण निर्देश दिए गए।

 शासन की प्राथमिकता—निराश्रित पशुओं को सुरक्षित आश्रय

बैठक की अध्यक्षता करते हुए जिला पंचायत अध्यक्ष अरुण सार्वा ने कहा कि गौधाम योजना धमतरी का मुख्य उद्देश्य घुमंतू व बेसहारा पशुओं को सुरक्षित आश्रय उपलब्ध कराना है। उन्होंने अधिकारियों को अधिक से अधिक आवेदन तैयार करने के निर्देश दिए ताकि योजना का लाभ हर ग्राम तक पहुँच सके। उन्होंने कहा कि सड़क हादसों और पशुओं की असुरक्षित स्थिति को रोकने के लिए गौधाम जरूरी है।

 कलेक्टर अविनाश मिश्रा के स्पष्ट निर्देश

कलेक्टर अविनाश मिश्रा ने गौधाम योजना धमतरी के सफल संचालन हेतु आवश्यक बिंदुओं पर जोर दिया। उन्होंने बताया कि गौधाम वहीं स्थापित किए जाएँ जहाँ—

  • पर्याप्त भूमि उपलब्ध हो

  • पेयजल और बिजली की निरंतर व्यवस्था हो

  • हरे चारे की उपलब्धता सुनिश्चित हो

साथ ही उन्होंने दुर्घटना संभावित क्षेत्रों के आसपास गौठानों की स्थापना को प्राथमिकता देने को कहा ताकि सड़क किनारे घूमने वाले पशुओं के पुनर्वास में आसानी हो।

 गौसेवा आयोग का उद्देश्य—जनजागरूकता व रोजगार

छत्तीसगढ़ राज्य गौसेवा आयोग की जिला समिति के अध्यक्ष हेमराज सोनी ने कहा कि गौधाम योजना धमतरी का एक महत्वपूर्ण लक्ष्य ग्रामीणों को गौ-उत्पादों के माध्यम से रोजगार उपलब्ध कराना है। उन्होंने बताया कि गोबर व गौमूत्र आधारित उत्पादों से गांव की अर्थव्यवस्था को मजबूत किया जा सकता है। साथ ही गोसेवा के प्रति जनजागरूकता बढ़ाना भी योजना की प्राथमिकता है।

 पशुधन विभाग का जोर—नस्ल सुधार व वैज्ञानिक प्रबंधन

अतिरिक्त उपसंचालक डॉ. टी.आर. वर्मा ने ग्रामों में सांडों के बधियाकरण को आवश्यक बताया ताकि नस्ल सुधार का मार्ग प्रशस्त हो सके। उन्होंने उन्नत नस्ल के हिमीकृत लिंग वर्गीकृत वीर्य के उपयोग की जानकारी दी जिससे दुग्ध उत्पादन बढ़ाया जा सकता है। उन्होंने कहा कि गौधाम योजना धमतरी के तहत पशुओं का वैज्ञानिक प्रबंधन अत्यंत आवश्यक है।

 राष्ट्रीय राजमार्ग के आसपास प्राथमिकता से स्थापित होंगे गौधाम

डॉ. मरकाम ने बताया कि इच्छुक संस्थाओं से आवेदन आमंत्रित किए जा रहे हैं और प्रथम चरण में राष्ट्रीय राजमार्ग के आसपास के ग्रामों में गौधाम स्थापित किए जाएंगे। यहाँ निराश्रित, घुमंतू और जप्त पशुओं का उपचार, देखभाल और वैज्ञानिक संरक्षण किया जाएगा। उन्होंने स्पष्ट किया कि दुर्घटना में घायल और कमजोर पशुओं की देखभाल प्राथमिकता में रहेगी।

 बैठक का समापन

अंत में पशु चिकित्सक सहायक शल्यज्ञ प्रमोद कुमार ने सभी सदस्यों का आभार व्यक्त किया और गौधाम योजना धमतरी के सफल क्रियान्वयन के प्रति सभी को प्रतिबद्ध होने का संदेश दिया।

धमतरी जिले में आयोजित यह बैठक गौधाम योजना धमतरी को सफल और प्रभावी बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। निराश्रित पशुओं के संरक्षण से लेकर रोजगार सृजन तक, यह योजना ग्रामीण ढांचे को मजबूत बनाने में सक्षम है।

 

Bharti Sahu
Author: Bharti Sahu

यह भी देखें...