धमतरी पुलिस फर्जी इनकम टैक्स अधिकारी गिरोह का भंडाफोड़, 12 आरोपी गिरफ्तार

धमतरी पुलिस फर्जी इनकम टैक्स अधिकारी गिरोह का खुलासा, अंतर्राज्यीय ठगी का बड़ा मामला

धमतरी । धमतरी पुलिस फर्जी इनकम टैक्स अधिकारी गिरोह के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए एक संगठित अंतर्राज्यीय गिरोह का पर्दाफाश करने में सफल रही है। पुलिस ने फर्जी इनकम टैक्स अधिकारी बनकर डॉक्टर के घर छापेमारी करने वाले 12 आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया है। यह कार्रवाई एसपी धमतरी श्री सूरज सिंह परिहार के निर्देशन में संगठित एवं गंभीर अपराधों के विरुद्ध चलाए जा रहे अभियान के तहत की गई।

कैसे सामने आया फर्जी छापेमारी का मामला

यह मामला तब सामने आया जब प्रार्थी दिलीप राठौर (67 वर्ष), निवासी रत्नाबांधा रोड, धमतरी ने थाना सिटी कोतवाली में शिकायत दर्ज कराई। शिकायत के अनुसार 17 नवंबर 2025 को 6–7 लोग स्वयं को इनकम टैक्स विभाग का अधिकारी बताकर उनके घर में जबरन घुस आए। बिना पहचान पत्र और बिना किसी वैध वारंट के आरोपियों ने करीब ढाई घंटे तक घर की तलाशी ली।

धमतरी पुलिस फर्जी इनकम टैक्स अधिकारी गिरोह के सदस्यों ने पूरे परिवार को बाहर निकलने से रोके रखा और अलमारियों व लॉकर तक की जांच की। जब उन्हें कुछ नहीं मिला, तो वे दो कारों में बैठकर मौके से फरार हो गए।

गंभीर धाराओं में अपराध दर्ज

इस घटना के बाद थाना सिटी कोतवाली में अपराध क्रमांक 327/25 दर्ज किया गया। आरोपियों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की धारा 204, 319(2), 331(3), 61(2) एवं 3(5) के तहत मामला पंजीबद्ध कर विवेचना शुरू की गई। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस अधीक्षक ने विशेष टीमों का गठन किया।

साइबर तकनीक से आरोपियों तक पहुंची पुलिस

धमतरी पुलिस फर्जी इनकम टैक्स अधिकारी गिरोह की जांच में साइबर सेल की अहम भूमिका रही। तकनीकी साक्ष्यों और मोबाइल लोकेशन के आधार पर पुलिस ने नागपुर (महाराष्ट्र), रायपुर, दुर्ग, बालोद और दल्लीराजहरा समेत कई स्थानों पर दबिश दी। इन कार्रवाइयों में सभी 12 आरोपियों को हिरासत में लेकर धमतरी लाया गया।

200 करोड़ की अफवाह बना वारदात की वजह

पूछताछ के दौरान आरोपियों ने स्वीकार किया कि उन्हें सूचना मिली थी कि प्रार्थी के घर में लगभग 200 करोड़ रुपये नकद रखे हैं। इसी लालच में धमतरी पुलिस फर्जी इनकम टैक्स अधिकारी गिरोह ने सुनियोजित तरीके से फर्जी छापेमारी की योजना बनाई थी। प्रार्थी द्वारा सभी आरोपियों की विधिवत पहचान भी की गई।

वाहन, मोबाइल और सामान जब्त

पुलिस ने आरोपियों के मेमोरेण्डम कथन के आधार पर घटना में प्रयुक्त टाटा सफारी, स्विफ्ट डिजायर सहित अन्य चार पहिया वाहन जब्त किए। इसके अलावा आपसी संपर्क में प्रयुक्त मोबाइल फोन और नकदी रखने के लिए इस्तेमाल की गई जूट की बोरी भी जब्त की गई है।

कुछ आरोपियों पर पहले से गंभीर मामले दर्ज

जांच में यह भी सामने आया कि गिरोह के सदस्य दीपक मोहन वर्डे और अमन उत्तम मेश्राम के खिलाफ पहले से गंभीर आपराधिक प्रकरण दर्ज हैं। इनमें आर्म्स एक्ट और हत्या जैसे संगीन अपराध शामिल हैं, जिससे धमतरी पुलिस फर्जी इनकम टैक्स अधिकारी गिरोह की आपराधिक पृष्ठभूमि स्पष्ट होती है।

धमतरी पुलिस की नागरिकों से अपील

धमतरी पुलिस ने आम नागरिकों से अपील की है कि किसी भी सरकारी अधिकारी की कार्रवाई के दौरान पहचान पत्र और वैध वारंट की जांच अवश्य करें। किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तुरंत नजदीकी थाना या पुलिस कंट्रोल रूम को दें।

कुल मिलाकर, धमतरी पुलिस फर्जी इनकम टैक्स अधिकारी गिरोह के खिलाफ यह कार्रवाई पुलिस की सतर्कता, तकनीकी दक्षता और सख्त अपराध नियंत्रण नीति का स्पष्ट उदाहरण है। इस खुलासे से न केवल एक बड़े संगठित गिरोह का पर्दाफाश हुआ है, बल्कि आम नागरिकों को भी सतर्क रहने का संदेश मिला है कि वे किसी भी फर्जी अधिकारी के झांसे में न आएं।

 

Bharti Sahu
Author: Bharti Sahu

यह भी देखें...