मेघा पुल वैकल्पिक मार्ग निर्माण शुरू, कुरूद–मगरलोड के लोगों को मिली राहत

कुरुद । मेघा पुल वैकल्पिक मार्ग निर्माण की शुरुआत के साथ ही कुरूद और मगरलोड के बीच बंद पड़ी लाइफ लाइन फिर से खुलने की उम्मीद जगी है। 21 सितंबर 2024 को महानदी पर बना मेघा पुल ढहने के बाद दोनों क्षेत्रों की सीधी कनेक्टिविटी टूट गई थी, जिससे किसान, व्यापारी और आमजन भारी परेशानी झेल रहे थे। अब नदी में वैकल्पिक मार्ग का निर्माण प्रारंभ होने से लोगों ने राहत की सांस ली है। मगरलोड जनपद अध्यक्ष विरेन्द्र साहू ने स्थल निरीक्षण कर निर्माण कार्य में गुणवत्ता और समय सीमा का विशेष ध्यान रखने की हिदायत दी।

 मेघा पुल ढहने से चौपट हुई कनेक्टिविटी

21 सितंबर 2024 को महानदी पर बना ऐतिहासिक मेघा पुल अचानक ध्वस्त हो गया। इसके बाद:

  • कुरूद–मगरलोड की मुख्य सड़क पूरी तरह बंद

  • हजारों लोगों का दैनिक आना-जाना बाधित

  • किसानों के धान परिवहन पर सीधा असर

  • व्यापारियों के कारोबार में भारी गिरावट

इस घटना ने क्षेत्र की अर्थव्यवस्था को गहरा नुकसान पहुँचाया।
मेघा पुल वैकल्पिक मार्ग निर्माण की मांग लंबे समय से उठ रही थी।

 40.97 करोड़ की लागत से नया पुल बनाएगा सेतु निगम

विधायक अजय चन्द्राकर की सक्रियता के बाद शासन ने बड़ा निर्णय लेते हुए पुल निर्माण का जिम्मा सेतु निगम को सौंप दिया।

  • कुल लागत: ₹40 करोड़ 97 लाख 68 हजार

  • निर्माण कार्य शुरू

  • पुराने पुल के स्थान पर मजबूत संरचना

इस बीच वैकल्पिक मार्ग न बनने से लोगों को नदी पार करने में भारी खतरा और कठिनाई थी।

 पहला डायवर्सन पहली बारिश में बह गया था

पिछले वर्ष ठेकेदार द्वारा बनाया गया डायवर्सन रोड पहली बारिश में ही बह गया था। तब से स्थिति और बिगड़ गई।

  • छोटे वाहन भी पार नहीं कर पा रहे थे

  • नदी पार करना जोखिम भरा

  • खरीदी केंद्रों तक धान परिवहन ठप

भारतीय किसान संघ, व्यापारियों और स्थानीय नागरिकों ने प्रशासन को कई बार ज्ञापन देकर मेघा पुल वैकल्पिक मार्ग निर्माण की मांग दोहराई थी।

 धान खरीदी से पहले बना वैकल्पिक मार्ग जरूरी था

मगरलोड क्षेत्र में लगभग 20 धान खरीदी केंद्र हैं। यहां से धान का परिवहन कुरूद, भटगांव और राइस मिलों तक होता है।
वैकल्पिक मार्ग न होने से:

  • किसानों की उपज समय पर नहीं पहुँच पा रही थी

  • खरीदी कार्य प्रभावित

  • परिवहन लागत में बढ़ोतरी

मीडिया में मामला आने के बाद प्रशासन हरकत में आया और तय अनुबंध के अनुसार वैकल्पिक मार्ग निर्माण शुरू किया गया।

 डबल लेन सड़क, मिट्टी–मुरुम से बनेगी एक किलोमीटर लंबी संरचना

सब इंजीनियर योगेश और अमित साहू ने बताया:

  • लगभग 1 किलोमीटर लंबा मार्ग तैयार हो रहा

  • 10 मीटर चौड़ी डबल लेन सड़क

  • बीच में पानी निकासी के लिए पाइप लाइन

  • तेज़ी से काम जारी

उन्होंने कहा कि यह वैकल्पिक मार्ग पूरी तरह सुरक्षित और स्थायी रूप से तैयार किया जा रहा है ताकि बारिश के मौसम में भी आवागमन सुचारू रहे।

 “दो सप्ताह में बन जाएगा नया डायवर्सन” — जनपद अध्यक्ष विरेन्द्र साहू

निरीक्षण के दौरान विरेन्द्र साहू ने कहा:

  • फिलहाल छोटे वाहन निर्माणाधीन पुल के किनारे बने कच्चे रास्ते से गुजर रहे हैं

  • लगभग दो सप्ताह में नया डायवर्सन रोड तैयार हो जाएगा

  • गुणवत्ता से कोई समझौता नहीं होगा

भाजपा नेता संतोष सोनी, भूषण साहू और योगेश्वर वर्मा भी निरीक्षण के दौरान मौजूद रहे।

मेघा पुल वैकल्पिक मार्ग निर्माण शुरू होने से हजारों लोगों की उम्मीदें वापस लौटी हैं। नया पुल बनने तक यह मार्ग कुरूद और मगरलोड के बीच जीवनरेखा बना रहेगा। बेहतर गुणवत्ता और समय पर पूरा होने से क्षेत्र की कृषि, व्यापार और आवागमन व्यवस्था फिर से गति पकड़ेगी।

 

Bharti Sahu
Author: Bharti Sahu

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