धान खरीदी समस्या निरीक्षण : किसानों की बढ़ती परेशानियों पर कांग्रेस ने उठाई आवाज़

कुरुद । धान खरीदी समस्या निरीक्षण के दौरान जिला कांग्रेस अध्यक्ष तारणी चंद्राकर ने भखारा क्षेत्र की विभिन्न सोसायटियों का मुआयना किया। निरीक्षण के दौरान उन्हें किसानों ने बताया कि ऑनलाइन सर्वर लगातार ठप रहने और ऑफलाइन व्यवस्था में समिति प्रबंधन की मनमानी के कारण किसानों को टोकन कटवाने में बेहद परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। क्षेत्र के धरतीपुत्रों की यह समस्या गंभीर रूप से उभरकर सामने आई है, जिसके बाद कांग्रेस नेत्री ने अधिकारियों को तुरंत व्यवस्था दुरुस्त करने के निर्देश दिए।

 धान खरीदी में अव्यवस्था: किसानों में बढ़ता आक्रोश

भखारा क्षेत्र से लगातार आ रही शिकायतों के बाद तारिणी चंद्राकर ने जुगदेही धान खरीदी केंद्र का निरीक्षण किया। इसके साथ ही उन्होंने तर्रागोंदी, सौराबांधा, सिलौटी, टिपानी, खपरी, सेमरा और जोरातराई क्षेत्रों के किसानों से भी चर्चा की।

किसानों ने बताया:

  • सर्वर स्लो होने से समय पर टोकन नहीं कट पा रहा

  • कई जगह समिति प्रबंधन ऑफ़लाइन में अपने परिचितों को प्राथमिकता दे रहा

  • वास्तविक पात्र किसान घंटों लाइन में खड़े होकर भी टोकन नहीं पा रहे

  • धान रखने और उठाव की व्यवस्था बेहद कमजोर

इस धान खरीदी समस्या निरीक्षण में सामने आई शिकायतों ने प्रशासन की लचर व्यवस्था को उजागर कर दिया है।

“सरकार बदलते ही बढ़ी किसान समस्याएँ” – तारिणी चंद्राकर

जिला कांग्रेस अध्यक्ष तारिणी चंद्राकर ने आरोप लगाते हुए कहा कि भाजपा सरकार बनने के बाद से किसानों की समस्याओं में लगातार बढ़ोतरी हुई है। उन्होंने कहा कि अब किसान भूपेश बघेल की कृषि-हितैषी नीतियों को याद कर रहे हैं।

उन्होंने बताया:

  • सरकार ने 15 नवंबर से खरीदी शुरू करने का आदेश दिया था

  • कई केंद्रों में समय पर खरीदी प्रारंभ नहीं हो सकी

  • पर्याप्त व्यवस्था न होने से किसान रोज़ाना घंटों परेशान होकर लौट रहे हैं

  • टोकन सिस्टम में खामियाँ बढ़ती जा रही हैं

तारिणी चंद्राकर ने मौके पर मौजूद अनुविभागीय अधिकारी नभसिंह कोसले से धान खरीदी समस्या निरीक्षण में मिली सभी कमियों को दूर करने के निर्देश दिए।

जिला पंचायत सदस्य नीलम चंद्राकर ने भी जताई चिंता

जिला पंचायत सदस्य नीलम चंद्राकर ने कहा कि भाजपा शासन में पहले किसानों को खाद-बीज के लिए भटकाया गया, और अब धान बेचने के लिए मजबूर किया जा रहा है।

उन्होंने कहा कि:

  • गलत नीतियों के कारण किसान अपनी उपज का उचित मूल्य नहीं पा रहे

  • खरीदी समय पर न होने से किसान आर्थिक संकट में हैं

  • प्रबंधन की अव्यवस्था से किसान बेहद आक्रोशित हैं

मांगे और सुझाव: प्रशासन को सौंपी सूची

कांग्रेस नेत्री ने कृषि विभाग और खरीदी केंद्रों के अधिकारियों से निम्न सुधार जल्द लागू करने की मांग की:

✔ टोकन सिस्टम में तुरंत तकनीकी सुधार
✔ खरीदी केंद्रों में पर्याप्त व्यवस्था
✔ धान उठाव कार्य तत्काल शुरू करने
✔ धान रखने की वैकल्पिक व्यवस्था
✔ खरीदी लिमिट बढ़ाने पर विचार
धान खरीदी समस्या निरीक्षण के दौरान सामने आई स्थितियों ने यह साफ किया कि किसानों की वास्तविक समस्याएं प्रशासन तक सही तरीके से नहीं पहुंच पा रही हैं। जिला कांग्रेस अध्यक्ष तारिणी चंद्राकर और उनकी टीम द्वारा उठाई गई मांगें यदि जल्द लागू हों, तो किसानों को बड़ी राहत मिल सकती है। अंततः इस धान खरीदी समस्या निरीक्षण का उद्देश्य किसानों को उनका अधिकार दिलाना ही है।

 

Bharti Sahu
Author: Bharti Sahu

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