गाइडलाइन दर संशोधन: नगरीय भू-स्वामियों और रियल एस्टेट सेक्टर को बड़ी राहत

गाइडलाइन दर संशोधन पर बड़ा फैसला, कई नियम बदले — जानें पूरी डिटेल

राज्य सरकार द्वारा हाल ही में बढ़ाई गई गाइडलाइन दरों पर उठी चिंताओं, आपत्तियों और सुझावों के बीच गाइडलाइन दर संशोधन को केंद्रीय मूल्यांकन बोर्ड ने तत्काल प्रभाव से लागू कर दिया है। इस गाइडलाइन दर संशोधन के तहत कई बड़े बदलाव किए गए हैं, जो नगरीय भू-स्वामियों, घर खरीदने वालों और रियल एस्टेट सेक्टर के लिए राहत लेकर आए हैं।

 क्या है गाइडलाइन दर संशोधन का मुख्य उद्देश्य?

गाइडलाइन दर संशोधन का मकसद भू-अधिग्रहण, संपत्ति मूल्यांकन और खरीद-बिक्री की प्रक्रिया को सरल बनाना है। यह बदलाव लंबे समय से लोगों और रियल एस्टेट एसोसिएशनों द्वारा मांगे जा रहे थे।

 गाइडलाइन दर संशोधन के तहत किए गए प्रमुख बदलाव
 1️⃣ नगरीय भूखंडों में इंक्रीमेंटल गणना समाप्त

गाइडलाइन दर संशोधन के तहत 1400 वर्ग मीटर तक के नगरीय भूखंडों पर लागू इंक्रीमेंटल गणना प्रणाली समाप्त कर दी गई। अब मूल्यांकन फिर से स्लैब आधारित होगा—

  • नगर निगम: 50 डेसिमल तक

  • नगर पालिका: 37.5 डेसिमल तक

  • नगर पंचायत: 25 डेसिमल तक

इस बदलाव से जमीन की अनावश्यक बढ़ी हुई कीमतों में विराम लगेगा।

 2️⃣ फ्लैट, दुकान और ऑफिस के लिए अब बिल्ट-अप एरिया आधारित मूल्यांकन

अब तक सुपर बिल्ट-अप एरिया पर मूल्यांकन किया जाता था, जिससे कीमतें बढ़ जाती थीं।
गाइडलाइन दर संशोधन के तहत यह प्रावधान समाप्त कर दिया गया है।

अब—
✔ मूल्यांकन केवल बिल्ट-अप एरिया पर होगा।
✔ फ्लैट खरीदना अधिक किफायती होगा।
✔ बहुमंजिला विकास को प्रोत्साहन मिलेगा।

 3️⃣ मल्टीस्टोरी बिल्डिंग में तलवार छूट — मध्यम वर्ग को सीधी राहत

गाइडलाइन दर संशोधन में मंजिल आधारित छूट दी गई है—

  • बेसमेंट व प्रथम तल: 10% की कमी

  • द्वितीय तल व उससे ऊपर: 20% की कमी

यह बदलाव मध्यम वर्ग के लिए वरदान साबित होगा।

 4️⃣ कमर्शियल कॉम्प्लेक्स के लिए नई राहत

मुख्य मार्ग से 20 मीटर दूर स्थित कमर्शियल संपत्तियों पर—
➡ 25% कम दर से मूल्यांकन होगा।

इससे छोटे व्यवसायियों और निवेशकों को फायदा मिलेगा।

 5️⃣ जिलों को 31 दिसंबर 2025 तक भेजना होगा नया संशोधित प्रस्ताव

केंद्रीय बोर्ड ने जिला मूल्यांकन समितियों को निर्देश दिए हैं कि—

  • सभी आपत्तियाँ

  • सभी सुझाव

  • सभी ज्ञापन

की समीक्षा कर 31 दिसंबर 2025 तक नया संशोधित प्रस्ताव भेजें।

 6️⃣ सभी आदेश तत्काल लागू

गाइडलाइन दर संशोधन के सभी उपबंध आज से प्रभावी हो गए हैं।

 रियल एस्टेट सेक्टर और आमजन पर प्रभाव

यह गाइडलाइन दर संशोधन तीन प्रमुख क्षेत्रों में राहत देगा—

  • आवासीय संपत्तियाँ – फ्लैट और मकानों की कीमतें कम होंगी

  • व्यावसायिक संपत्तियाँ – कॉम्प्लेक्स और दुकानों में निवेश आसान

  • जमीन खरीद-बिक्री – पूर्व स्लैब मॉडल से स्थिरता आएगी

रियल एस्टेट सेक्टर को नई गति मिलने की उम्मीद है।

गाइडलाइन दर संशोधन राज्य के आम नागरिकों, निवेशकों और रियल एस्टेट उद्योग के लिए एक संतुलित और राहतभरा कदम है। नए नियमों से संपत्तियों की कीमतों में पारदर्शिता आएगी, बोझ कम होगा और भविष्य की खरीद-बिक्री सुगम होगी। आगामी समय में गाइडलाइन दर संशोधन प्रदेश के विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।

 

Bharti Sahu
Author: Bharti Sahu

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