गुरु घांसीदास जयंती कुरूद में श्रद्धा और उत्साह के साथ मनाई गई, जनप्रतिनिधियों ने वार्डों में पहुंचकर दी बधाई

 कुरूद : गुरु घांसीदास जयंती कुरूद नगर में 18 दिसंबर 2025 को श्रद्धा, आस्था और सामाजिक समरसता के वातावरण में हर्षोल्लास के साथ मनाई गई। इस पावन अवसर पर कुरूद नगर के विभिन्न वार्डों में आयोजित कार्यक्रमों में हमारे मार्गदर्शक कुरूद विधायक माननीय अजय चन्द्राकर, नगरपालिका अध्यक्ष ज्योति चन्द्राकर, जनप्रतिनिधि एवं भाजपा नेताओं के साथ सम्मिलित होकर नगरवासियों तथा सतनामी समाज के पदाधिकारियों एवं सदस्यों को जयंती की शुभकामनाएं दी गईं। कार्यक्रम के दौरान बाबा गुरु घांसीदास जी के आशीर्वाद से नगर-क्षेत्र में सुख, शांति और समृद्धि बनी रहे, ऐसी प्रार्थना की गई।

 वार्ड-वार्ड में जयंती कार्यक्रम, जनसहभागिता रही उल्लेखनीय

गुरु घांसीदास जयंती कुरूद के अवसर पर नगर के कई वार्डों में सतनामी समाज द्वारा विशेष कार्यक्रम आयोजित किए गए। इन आयोजनों में भजन, सत्संग और सामाजिक एकता का संदेश दिया गया। जनप्रतिनिधियों ने प्रत्येक वार्ड में पहुंचकर लोगों से संवाद किया और बाबा गुरु घांसीदास जी के विचारों को आत्मसात करने का आह्वान किया।

नगरवासियों ने भी उत्साहपूर्वक कार्यक्रमों में भाग लिया और सामाजिक समरसता की मिसाल पेश की। जयंती आयोजन केवल धार्मिक नहीं बल्कि सामाजिक एकजुटता का भी प्रतीक बने।

 विधायक अजय चन्द्राकर का संदेश

कार्यक्रम के दौरान विधायक अजय चन्द्राकर ने कहा कि बाबा गुरु घांसीदास जी ने मानवता, समानता और सत्य के मार्ग पर चलने की शिक्षा दी। गुरु घांसीदास जयंती कुरूद जैसे आयोजन समाज को जोड़ने और नई पीढ़ी को संस्कार देने का कार्य करते हैं। उन्होंने कहा कि बाबा के विचार आज भी प्रासंगिक हैं और सामाजिक भेदभाव को समाप्त करने में मार्गदर्शक हैं।

 नगरपालिका अध्यक्ष ज्योति चन्द्राकर ने दी शुभकामनाएं

नगरपालिका अध्यक्ष ज्योति चन्द्राकर ने सतनामी समाज के पदाधिकारियों और नगरवासियों को जयंती की बधाई देते हुए कहा कि गुरु घांसीदास जी का संदेश “मनखे-मनखे एक समान” आज के समय में और भी अधिक महत्वपूर्ण हो गया है। गुरु घांसीदास जयंती कुरूद के माध्यम से सामाजिक समरसता और भाईचारे का संदेश पूरे नगर में प्रसारित हुआ है।

 सतनामी समाज की सक्रिय भूमिका
 सामाजिक चेतना और सांस्कृतिक पहचान

सतनामी समाज के पदाधिकारियों और सदस्यों ने जयंती आयोजन को सफल बनाने में सक्रिय भूमिका निभाई। समाज के वरिष्ठजनों ने बताया कि गुरु घांसीदास जयंती कुरूद केवल एक पर्व नहीं बल्कि सामाजिक चेतना और सांस्कृतिक पहचान का उत्सव है। इससे युवाओं को अपने महापुरुषों के विचारों को जानने और अपनाने की प्रेरणा मिलती है।

 नगर के सुख-शांति की कामना

जयंती कार्यक्रम के दौरान सभी जनप्रतिनिधियों ने बाबा गुरु घांसीदास जी से कुरूद नगर के सुख, शांति और समृद्धि की कामना की। कार्यक्रमों में यह संदेश स्पष्ट रूप से सामने आया कि सामाजिक एकता और आपसी सहयोग से ही क्षेत्र का समग्र विकास संभव है।

गुरु घांसीदास जयंती कुरूद नगर में सामाजिक समरसता, श्रद्धा और एकता के संदेश के साथ सफलतापूर्वक मनाई गई। जनप्रतिनिधियों की सहभागिता और नागरिकों के उत्साह ने यह सिद्ध किया कि बाबा गुरु घांसीदास जी के विचार आज भी समाज को जोड़ने और सकारात्मक दिशा देने में सक्षम हैं।

 

Bharti Sahu
Author: Bharti Sahu

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