इंद्रप्रस्थ कीड़ा परिसर बदहाली: प्रशासनिक लापरवाही से खेल और स्वास्थ्य पर संकट

मगरलोड : इंद्रप्रस्थ कीड़ा परिसर बदहाली इन दिनों नगर पंचायत मगरलोड में चर्चा का विषय बनी हुई है। कभी खेल गतिविधियों, युवाओं के शारीरिक विकास और नागरिकों की स्वस्थ जीवनशैली का केंद्र रहा यह परिसर आज गंदगी, अव्यवस्था और असामाजिक गतिविधियों का अड्डा बनता जा रहा है। जिम्मेदार अधिकारियों की अनदेखी ने इस महत्वपूर्ण खेल परिसर को बदहाली के कगार पर ला खड़ा किया है।

यह वही परिसर है जहां नगर के बच्चे और युवा देश का भविष्य गढ़ने के सपने लेकर रोजाना अभ्यास करते थे। कोई सेना में भर्ती होने की तैयारी करता था तो कोई खेल के माध्यम से अपना करियर संवारने की उम्मीद रखता था। लेकिन इंद्रप्रस्थ कीड़ा परिसर बदहाली ने इन सपनों पर सवालिया निशान लगा दिया है।

🏃‍♂️ बच्चों और नागरिकों के लिए था स्वास्थ्य का केंद्र

इंद्रप्रस्थ कीड़ा परिसर केवल खिलाड़ियों तक सीमित नहीं था, बल्कि नगर के अनेक नागरिक सुबह-शाम मॉर्निंग वॉक और व्यायाम के लिए इसी परिसर पर निर्भर थे। यह स्थान स्वास्थ्य, अनुशासन और सकारात्मक ऊर्जा का प्रतीक माना जाता था।

⚠️ अब सुरक्षा और स्वास्थ्य दोनों पर खतरा

स्थानीय लोगों का कहना है कि वर्तमान में परिसर स्वास्थ्य का केंद्र न रहकर खतरे का केंद्र बन चुका है। चारों ओर फैली गंदगी, टूटे-फूटे ढांचे और असुरक्षित माहौल ने आमजन का यहां आना-जाना कम कर दिया है। इंद्रप्रस्थ कीड़ा परिसर बदहाली सीधे तौर पर बच्चों और बुजुर्गों की सुरक्षा से जुड़ा गंभीर मुद्दा बन चुकी है।

🚯 गंदगी, नशाखोरी और असामाजिक गतिविधियों का बोलबाला

स्थानीय नागरिकों के अनुसार परिसर में साफ-सफाई की कोई नियमित व्यवस्था नहीं है। जगह-जगह कचरा फैला हुआ है और रखरखाव पूरी तरह से नदारद है। इससे भी अधिक चिंताजनक स्थिति यह है कि असामाजिक तत्वों द्वारा परिसर में तोड़फोड़ की जा रही है।

🚨 चोरी और नशा सेवन की बढ़ती घटनाएं

परिसर से कई सामान चोरी हो चुके हैं और रात के समय यह क्षेत्र खुलेआम नशा सेवन का अड्डा बन जाता है। इससे बच्चों, खिलाड़ियों और आम नागरिकों की सुरक्षा पर गंभीर प्रश्न खड़े हो रहे हैं। इंद्रप्रस्थ कीड़ा परिसर बदहाली अब सामाजिक चिंता का विषय बन चुकी है।

🏛️ प्रशासनिक उदासीनता पर उठे सवाल

सबसे दुर्भाग्यपूर्ण पहलू यह है कि परिसर की जर्जर स्थिति के बावजूद नगर पंचायत और संबंधित विभागों द्वारा न तो नियमित निरीक्षण किया जा रहा है और न ही मरम्मत, सुरक्षा या सफाई की कोई ठोस योजना बनाई गई है।

यदि समय रहते इस ओर ध्यान नहीं दिया गया तो किसी बड़ी दुर्घटना से इनकार नहीं किया जा सकता। इंद्रप्रस्थ कीड़ा परिसर बदहाली प्रशासनिक उदासीनता को उजागर करती है।

😡 स्थानीय नागरिकों में आक्रोश

नगरवासियों और अभिभावकों में इस स्थिति को लेकर भारी आक्रोश व्याप्त है। उनका कहना है कि एक ओर शासन युवाओं को खेलों से जोड़ने और नशे से दूर रखने की बात करता है, वहीं दूसरी ओर ऐसे महत्वपूर्ण खेल परिसर की दुर्दशा चिंताजनक है।

❓ कब जागेगा प्रशासन?

स्थानीय लोगों का सवाल है कि आखिर जिम्मेदार अधिकारी कब तक आंख मूंदे बैठे रहेंगे? क्या किसी बड़ी अनहोनी के बाद ही प्रशासन सक्रिय होगा?

📢 नगरवासियों की प्रमुख मांगें

नगरवासियों ने शासन-प्रशासन से मांग की है कि:

  • इंद्रप्रस्थ कीड़ा परिसर की तत्काल साफ-सफाई कराई जाए

  • सुरक्षा व्यवस्था मजबूत की जाए

  • असामाजिक तत्वों पर सख्त कार्रवाई हो

  • परिसर का नियमित रखरखाव सुनिश्चित किया जाए

इन कदमों से ही इंद्रप्रस्थ कीड़ा परिसर बदहाली पर लगाम लगाई जा सकती है।

इंद्रप्रस्थ कीड़ा परिसर बदहाली केवल एक खेल मैदान की समस्या नहीं, बल्कि यह बच्चों के भविष्य, युवाओं के स्वास्थ्य और समाज की सुरक्षा से जुड़ा गंभीर विषय है। यदि प्रशासन समय रहते ठोस कदम नहीं उठाता, तो इसके परिणाम गंभीर हो सकते हैं। अब यह देखना होगा कि शासन इस चेतावनी को गंभीरता से लेता है या किसी दुर्घटना के बाद ही जागता है।

 

Bharti Sahu
Author: Bharti Sahu

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