स्लिप डिस्क की समस्या: घंटों बैठकर काम करने से बढ़ रहा कमर दर्द, जानिए कारण, लक्षण और बचाव के उपाय

स्लिप डिस्क की समस्या: आज की जीवनशैली की एक गंभीर देन

आज की भागदौड़ भरी और बैठकर काम करने वाली जीवनशैली में स्लिप डिस्क की समस्या तेजी से बढ़ रही है। लंबे समय तक कुर्सी पर बैठकर काम करने से कमर, पीठ और मांसपेशियों में दर्द व जकड़न होना आम हो गया है। हालांकि, हर कमर दर्द सामान्य नहीं होता। कई बार यह दर्द स्लिप डिस्क की समस्या की शुरुआत भी हो सकता है, जिसे समय रहते पहचानना बेहद जरूरी है।

स्लिप डिस्क की स्थिति में व्यक्ति न तो ठीक से बैठ पाता है और न ही ज्यादा देर तक खड़ा रह सकता है। दर्द इतना तीव्र हो सकता है कि चलने में भी परेशानी होने लगती है।

🦴 स्लिप डिस्क क्या है?
रीढ़ की हड्डी और डिस्क की भूमिका

रीढ़ की हड्डियों के बीच मौजूद नरम संरचना को डिस्क कहा जाता है। यह रीढ़ की हड्डी को लचीलापन देने के साथ-साथ शरीर को लगने वाले झटकों से बचाती है। आयुर्वेद में स्लिप डिस्क की समस्या को अस्थि मज्जा विकार कहा जाता है।

जब यह डिस्क अपने स्थान से खिसक जाती है और आसपास की नसों पर दबाव डालती है, तब पीठ दर्द शुरू हो जाता है। यह दर्द पीठ से शुरू होकर पैरों तक पहुंच सकता है, जिससे व्यक्ति झुककर चलने को मजबूर हो जाता है।

⚠️ स्लिप डिस्क की समस्या के प्रमुख कारण
गलत आदतें बन सकती हैं वजह

स्लिप डिस्क की समस्या होने के कई कारण हो सकते हैं, जिनमें प्रमुख हैं:

  • लंबे समय तक लगातार बैठकर काम करना

  • भारी वजन उठाना

  • झुककर काम करने की आदत

  • मोटापा

  • लगातार वाहन चलाना

  • अचानक झटका लगना या चोट

  • गलत बैठने और सोने की मुद्रा

आजकल ऑफिस वर्क और मोबाइल-लैपटॉप का अधिक इस्तेमाल इस समस्या को और बढ़ा रहा है।

🚨 स्लिप डिस्क के लक्षण
इन संकेतों को न करें नजरअंदाज
  • लगातार कमर या पीठ दर्द

  • पैरों में झनझनाहट या सुन्नपन

  • चलने या बैठने में परेशानी

  • कमर पकड़कर झुककर चलना

  • लंबे समय तक खड़े होने में दर्द

यदि ये लक्षण लंबे समय तक बने रहें, तो डॉक्टर से परामर्श जरूरी है।

🧘 स्लिप डिस्क की समस्या से राहत के उपाय
योग और घरेलू उपचार

शुरुआती अवस्था में स्लिप डिस्क की समस्या को कुछ जीवनशैली बदलावों से नियंत्रित किया जा सकता है:

  • कुर्सी पर बैठते समय नरम कुशन का उपयोग करें

  • हर 30–40 मिनट में उठकर चलें

  • गर्म पानी से सिकाई करें

  • तिल के तेल से हल्की मालिश करें

इसके अलावा कुछ योगासन रीढ़ की हड्डी को मजबूत बनाते हैं, जैसे:

  • कैट-काउ पोज

  • चाइल्ड्स पोज

  • कोबरा पोज

  • ब्रिज पोज

  • मरकटासन

ये आसन रीढ़ की लचक बढ़ाने में मदद करते हैं।

🏥 कब जरूरी है डॉक्टर की सलाह?

अगर दर्द ज्यादा हो जाए या पैरों तक फैलने लगे, तो डॉक्टर फिजियोथेरेपी या सर्जरी की सलाह दे सकते हैं। इसलिए स्लिप डिस्क की समस्या को हल्के में लेना नुकसानदायक हो सकता है।

आज की भागदौड़ भरी जिंदगी में स्लिप डिस्क की समस्या तेजी से बढ़ रही है। समय पर इसके लक्षण पहचानकर सही दिनचर्या, योग और चिकित्सकीय सलाह अपनाई जाए, तो इस परेशानी से काफी हद तक बचा जा सकता है। याद रखें, सही बैठने की आदत और नियमित व्यायाम ही स्लिप डिस्क की समस्या से बचाव का सबसे अच्छा उपाय है।

 

Bharti Sahu
Author: Bharti Sahu

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