वीर बाल दिवस धमतरी: गुरु गोविंद सिंह के साहिबजादों के बलिदान को नमन, अंबेडकर वार्ड आंगनबाड़ी में प्रेरणादायी आयोजन

धमतरी : वीर बाल दिवस धमतरी के अवसर पर अंबेडकर वार्ड स्थित आंगनबाड़ी केंद्र में बच्चों के बीच विविध सांस्कृतिक एवं शैक्षणिक कार्यक्रमों का आयोजन किया गया। इस आयोजन का उद्देश्य आने वाली पीढ़ी को सिख धर्म के महान गुरु श्री गुरु गोविंद सिंह जी तथा उनके साहिबजादों के अदम्य साहस, अद्भुत शौर्य और अलौकिक वीरता से परिचित कराना रहा। कार्यक्रम के माध्यम से बच्चों में राष्ट्रप्रेम, धर्म, अध्यात्म और मातृभूमि के प्रति समर्पण की भावना विकसित करने का संदेश दिया गया।

साहिबजादों का बलिदान विश्व इतिहास में अनुपम

कार्यक्रम में मुख्य अतिथि एवं पार्षद कुलेश सोनी ने वीर बाल दिवस धमतरी पर संबोधित करते हुए कहा कि यदि विश्व इतिहास में सबसे बड़े बलिदान की बात की जाए, तो वह गुरु गोविंद सिंह जी के परिवार में देखने को मिलता है। उनके चारों साहिबजादों ने धर्म और सत्य की रक्षा के लिए अपने प्राणों का बलिदान देकर मानवता को एक अमिट संदेश दिया। यह बलिदान केवल सिख समाज ही नहीं, बल्कि पूरे भारतवर्ष के लिए गर्व का विषय है।

उन्होंने कहा कि साहिबजादों का त्याग हमें आज भी यह प्रेरणा देता है कि देश के भीतर और बाहर मौजूद विघटनकारी तत्वों से मां भारती की रक्षा के लिए हमें सदैव सजग और राष्ट्रनिष्ठ रहना चाहिए।

बच्चों में राष्ट्रनिष्ठ संस्कार विकसित करने का प्रयास

वीर बाल दिवस धमतरी के इस आयोजन में बच्चों द्वारा देशभक्ति से ओतप्रोत नृत्य, कला एवं पेंटिंग प्रस्तुत की गई। इन प्रस्तुतियों ने न केवल उपस्थित अभिभावकों को भावविभोर किया, बल्कि बच्चों की रचनात्मकता और देशप्रेम की भावना को भी उजागर किया। प्रथम एवं द्वितीय स्थान प्राप्त करने वाले बच्चों को पुरस्कार देकर सम्मानित किया गया, जिससे बच्चों का उत्साह और अधिक बढ़ा।

संस्कृति और शिक्षा का सुंदर संगम

कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य केवल आयोजन करना नहीं था, बल्कि बच्चों को अपनी संस्कृति, धर्म और इतिहास से जोड़ना भी था। वीर बाल दिवस धमतरी जैसे आयोजन बच्चों को यह समझाने में सहायक होते हैं कि स्वतंत्रता और सुरक्षा के पीछे कितने महान बलिदान छिपे हैं।

गुरु गोविंद सिंह जी का योगदान अतुलनीय

गुरु गोविंद सिंह जी ने न केवल खालसा पंथ की स्थापना की, बल्कि अन्याय के विरुद्ध संघर्ष का मार्ग भी प्रशस्त किया। उनके साहिबजादों का बलिदान धर्म, सत्य और मानवता की रक्षा के लिए दिया गया सर्वोच्च उदाहरण है।

समाज में ऐसे आयोजनों की आवश्यकता

आज के डिजिटल युग में बच्चों का अपने इतिहास और मूल्यों से दूर होना एक चिंता का विषय है। वीर बाल दिवस धमतरी जैसे कार्यक्रम बच्चों को अपनी जड़ों से जोड़ने का कार्य करते हैं। ऐसे आयोजनों से समाज में सकारात्मक सोच, अनुशासन और देशभक्ति की भावना मजबूत होती है।

आयोजन में इनकी रही प्रमुख उपस्थिति

इस अवसर पर चंद्रभागा साहू, प्रियंका साहू, किरण गौतम, जानकी साहू, रितिका साहू एवं रोशनी यादव सहित अन्य गणमान्य नागरिक एवं आंगनबाड़ी कार्यकर्ता उपस्थित रहीं। सभी ने बच्चों के उत्साहवर्धन की सराहना की और भविष्य में भी ऐसे आयोजनों की आवश्यकता पर बल दिया।

वीर बाल दिवस धमतरी से मिलती है सच्ची राष्ट्रभक्ति की प्रेरणा

अंत में यही कहा जा सकता है कि वीर बाल दिवस धमतरी केवल एक आयोजन नहीं, बल्कि आने वाली पीढ़ी को साहस, बलिदान और राष्ट्रभक्ति के मार्ग पर चलने की प्रेरणा देने वाला पर्व है। गुरु गोविंद सिंह जी के साहिबजादों का बलिदान हमें यह सिखाता है कि धर्म, सत्य और देश की रक्षा के लिए किया गया त्याग कभी व्यर्थ नहीं जाता।

 

Bharti Sahu
Author: Bharti Sahu

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