धमतरी । वीर बाल दिवस के अवसर पर एकीकृत बाल विकास परियोजना, धमतरी ग्रामीण के अंतर्गत महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा ग्राम तेलीनसत्ती स्थित सिन्हा कलार समाज भवन में भव्य कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस आयोजन का उद्देश्य सिख धर्म के दसवें गुरु श्री गुरु गोविंद सिंह जी के वीर सपूत साहिबज़ादे जोरावर सिंह जी एवं साहिबज़ादे फतेह सिंह जी की अमर शहादत को स्मरण कर नई पीढ़ी को उनके आदर्शों से प्रेरित करना रहा। कार्यक्रम में बच्चों, महिलाओं और समाज के गणमान्य नागरिकों की उत्साहपूर्ण भागीदारी देखने को मिली।
🌼 दीप प्रज्वलन से हुई कार्यक्रम की शुरुआत
वीर बाल दिवस कार्यक्रम की शुरुआत दीप प्रज्वलन एवं साहिबज़ादों के छायाचित्र पर पुष्प अर्पित कर की गई। इस अवसर पर मुख्य अतिथि के रूप में भारतीय जनता पार्टी की प्रदेश उपाध्यक्ष एवं धमतरी की पूर्व विधायक श्रीमती रंजना दीपेंद्र साहू उपस्थित रहीं। मंचासीन अतिथियों ने साहिबज़ादों के बलिदान को नमन करते हुए उनके जीवन मूल्यों पर प्रकाश डाला।
🗣️ श्रीमती रंजना साहू का प्रेरक उद्बोधन
अपने उद्बोधन में श्रीमती रंजना साहू ने कहा कि साहिबज़ादे जोरावर सिंह जी एवं फतेह सिंह जी की शहादत केवल सिख इतिहास तक सीमित नहीं है, बल्कि सम्पूर्ण भारतवर्ष के लिए प्रेरणास्रोत है। उन्होंने कहा कि इतनी कम उम्र में भी साहिबज़ादों ने अत्याचार और अन्याय के सामने झुकने के बजाय सत्य, धर्म और आत्मसम्मान का मार्ग चुना।
उन्होंने जोर देते हुए कहा कि वीर बाल दिवस हमें यह सिखाता है कि धर्म, संस्कृति और देश की रक्षा के लिए साहस और दृढ़ संकल्प सबसे बड़ा हथियार होता है। साहिबज़ादों का बलिदान आज के बच्चों और युवाओं में निडरता, सच्चाई और देशभक्ति के संस्कार विकसित करता है।
👧🧒 बच्चों के चरित्र निर्माण का अवसर है वीर बाल दिवस
मुख्य अतिथि ने कहा कि वीर बाल दिवस केवल एक स्मृति दिवस नहीं है, बल्कि यह बच्चों के चरित्र निर्माण का एक सशक्त माध्यम है। बच्चों को वीरता, नैतिकता, त्याग और देश के प्रति समर्पण की कहानियों से जोड़कर उन्हें जिम्मेदार नागरिक बनाया जा सकता है।
उन्होंने महिला एवं बाल विकास विभाग की सराहना करते हुए कहा कि इस प्रकार के आयोजन बच्चों में देशभक्ति की भावना जागृत करते हैं और उन्हें अपने गौरवशाली इतिहास पर गर्व करना सिखाते हैं।
🎶 सांस्कृतिक प्रस्तुतियों ने बांधा समां
कार्यक्रम के दौरान बच्चों द्वारा देशभक्ति गीतों पर आकर्षक सांस्कृतिक प्रस्तुतियां दी गईं। इन प्रस्तुतियों ने उपस्थित जनसमूह को भावविभोर कर दिया। बच्चों के उत्साह और आत्मविश्वास ने यह संदेश दिया कि वीर बाल दिवस जैसे आयोजन उनके व्यक्तित्व विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
🤝 समाज और प्रशासन की रही सक्रिय सहभागिता
इस अवसर पर रांवा मंडल महामंत्री श्री राकेश सिन्हा, आंगनबाड़ी कार्यकर्ता एवं सहायिकाएं, स्थानीय जनप्रतिनिधि, समाज के वरिष्ठजन, महिलाएं तथा बड़ी संख्या में बच्चे उपस्थित रहे। सभी ने एक स्वर में साहिबज़ादों की शहादत को नमन किया।
📚 वीर बाल दिवस का ऐतिहासिक महत्व
भारत सरकार द्वारा 26 दिसंबर को वीर बाल दिवस के रूप में मनाया जाता है, ताकि साहिबज़ादे जोरावर सिंह और फतेह सिंह के बलिदान को स्मरण किया जा सके।
धमतरी में आयोजित वीर बाल दिवस कार्यक्रम ने यह स्पष्ट कर दिया कि साहिबज़ादों का बलिदान आज भी उतना ही प्रासंगिक है। ऐसे आयोजन बच्चों में संस्कार, साहस और देशभक्ति की भावना को मजबूत करते हैं। वीर बाल दिवस केवल अतीत को स्मरण करने का दिन नहीं, बल्कि भविष्य की पीढ़ी को मजबूत और चरित्रवान बनाने का संकल्प है।







