विश्व ध्यान दिवस नगरी: मांदागिरी पर्वत पर सामूहिक ध्यान से विश्व शांति का संदेश

नगरी । विश्व ध्यान दिवस नगरी में शांति, सकारात्मकता और सद्भाव का संदेश लेकर मनाया गया। इस अवसर पर प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्वविद्यालय नगरी द्वारा गौतम ऋषि की तपोभूमि मांदागिरी पर्वत पर सामूहिक योग एवं ध्यान कार्यक्रम का आयोजन किया गया। प्राकृतिक वातावरण और आध्यात्मिक ऊर्जा से परिपूर्ण इस आयोजन का मुख्य उद्देश्य विश्व में शांति की भावना को सशक्त करना और लोगों को ध्यान के महत्व से जोड़ना रहा।

मांदागिरी पर्वत पर आध्यात्मिक वातावरण

विश्व ध्यान दिवस नगरी के अवसर पर चुना गया स्थल — मांदागिरी पर्वत — स्वयं में साधना और तपस्या का प्रतीक है। यहां आयोजित सामूहिक ध्यान कार्यक्रम ने उपस्थित साधकों को मानसिक शांति और सकारात्मक ऊर्जा से भर दिया। पहाड़ों की शांति, स्वच्छ वातावरण और सामूहिक साधना ने कार्यक्रम को विशेष बना दिया।

इस आयोजन में बड़ी संख्या में ब्रह्माकुमारी संस्था से जुड़े भाई-बहन उपस्थित रहे, जिन्होंने एक साथ ध्यान कर विश्व शांति की कामना की।

ब्रह्माकुमारी भावना बहन का प्रेरक संदेश

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए राजयोगिनी ब्रह्माकुमारी भावना बहन ने सभी को विश्व ध्यान दिवस नगरी की शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कहा कि आज की तेज़ रफ्तार और तनावपूर्ण जीवनशैली में मानसिक सुकून प्राप्त करना अत्यंत आवश्यक हो गया है, और मेडिटेशन इसका सबसे सरल और प्रभावी माध्यम है।

उन्होंने बताया कि ध्यान के माध्यम से व्यक्ति अपने विचारों पर नियंत्रण प्राप्त कर सकता है, जिससे मन शांत और स्थिर रहता है। नियमित ध्यान से नकारात्मक सोच कम होती है और सकारात्मक दृष्टिकोण विकसित होता है।

ध्यान से बढ़ती है एकाग्रता और स्मरण शक्ति

भावना बहन ने बताया कि विश्व ध्यान दिवस नगरी जैसे आयोजन लोगों को ध्यान के वैज्ञानिक और व्यावहारिक लाभों से अवगत कराते हैं। मेडिटेशन से एकाग्रता और स्मरण शक्ति में वृद्धि होती है। यह केवल मानसिक स्तर तक सीमित नहीं रहता, बल्कि शारीरिक स्वास्थ्य पर भी इसका सकारात्मक प्रभाव पड़ता है।

नियमित ध्यान करने से शरीर स्वस्थ, ऊर्जावान और सक्रिय बना रहता है। तनाव, चिंता और थकान में कमी आती है, जिससे व्यक्ति अपने दैनिक कार्यों को अधिक कुशलता से कर पाता है।

आत्मज्ञान की ओर ले जाता है मेडिटेशन

अपने उद्बोधन में भावना बहन ने कहा कि आज मनुष्य के पास संसार का तो बहुत ज्ञान है, लेकिन स्वयं का ज्ञान कम है। विश्व ध्यान दिवस नगरी का मूल उद्देश्य भी लोगों को आत्मचिंतन की ओर प्रेरित करना है।

मेडिटेशन के माध्यम से व्यक्ति परम सत्ता परमात्मा से जुड़ता है, जिससे आत्मज्ञान की प्राप्ति होती है। इससे व्यक्ति अपने भीतर छिपे गुणों, शक्तियों और क्षमताओं को पहचान पाता है। नियमित ध्यान से मन अंतर्मुखी, तेजस्वी और ऊर्जावान बनता है।

सामूहिक संकल्प: शांति, सुख और समृद्धि

कार्यक्रम के अंतिम चरण में विश्व ध्यान दिवस नगरी के अंतर्गत उपस्थित सभी साधकों ने सामूहिक ध्यान करते हुए विश्व शांति, सुख और समृद्धि का संकल्प लिया। यह सामूहिक ऊर्जा न केवल स्थानीय स्तर पर, बल्कि वैश्विक स्तर पर भी सकारात्मक प्रभाव डालने का संदेश देती है।

ऐसे आयोजन समाज में मानसिक स्वास्थ्य, आध्यात्मिक जागरूकता और मानवीय मूल्यों को मजबूत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
विश्व ध्यान दिवस नगरी का यह आयोजन शांति, आत्मचिंतन और सकारात्मक जीवनशैली का सशक्त उदाहरण रहा। ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्वविद्यालय द्वारा मांदागिरी पर्वत पर आयोजित यह सामूहिक ध्यान कार्यक्रम लोगों को मानसिक सुकून और आत्मज्ञान की दिशा में प्रेरित करता है। विश्व ध्यान दिवस नगरी न केवल एक दिवस का आयोजन है, बल्कि एक शांत, संतुलित और सकारात्मक जीवन की ओर बढ़ने का संदेश भी है।

 

Bharti Sahu
Author: Bharti Sahu

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