शिक्षा गुणवत्ता अभियान में सहभागिता: मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने जनप्रतिनिधियों और अफसरों से स्कूल गोद लेने का किया आह्वान

शिक्षा गुणवत्ता अभियान में सहभागिता को लेकर मुख्यमंत्री का बड़ा कदम

रायपुर । प्रदेश में शिक्षा व्यवस्था को मजबूत बनाने की दिशा में शिक्षा गुणवत्ता अभियान में सहभागिता को बढ़ावा देने के लिए मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने अहम पहल की है। मुख्यमंत्री ने सभी मंत्री, सांसद, विधायक, जनप्रतिनिधि और प्रशासनिक अधिकारियों को पत्र लिखकर इस अभियान में सक्रिय भूमिका निभाने का आह्वान किया है।

मुख्यमंत्री ने अपने पत्र में कहा है कि शिक्षा की गुणवत्ता सुधारना केवल सरकार की जिम्मेदारी नहीं, बल्कि समाज के हर वर्ग की सामूहिक जिम्मेदारी है। इसी उद्देश्य से शिक्षा गुणवत्ता अभियान में सहभागिता सुनिश्चित करने के लिए जनप्रतिनिधियों और शिक्षाविदों से सहयोग मांगा गया है।

🏫 चयनित स्कूलों को गोद लेने की अपील
महीने में दो बार निरीक्षण करने का अनुरोध

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने अपने पत्र में सभी जनप्रतिनिधियों, वरिष्ठ अफसरों और कॉलेज एवं विश्वविद्यालयों के प्राध्यापकों से आग्रह किया है कि वे अभियान के तहत चयनित स्कूलों को गोद लें। उन्होंने स्पष्ट किया कि शिक्षा गुणवत्ता अभियान में सहभागिता तभी सार्थक होगी जब अधिकारी और जनप्रतिनिधि जमीनी स्तर पर स्कूलों से जुड़ेंगे।

मुख्यमंत्री ने यह भी अनुरोध किया है कि गोद लिए गए स्कूलों का महीने में कम से कम दो बार निरीक्षण किया जाए, ताकि पढ़ाई, संसाधन, शिक्षकों की उपस्थिति और विद्यार्थियों की प्रगति का प्रत्यक्ष मूल्यांकन हो सके।

📚 शिक्षा सुधार के लिए सामूहिक प्रयास जरूरी
जनभागीदारी से बदलेगी स्कूलों की तस्वीर

मुख्यमंत्री ने अपने पत्र में उल्लेख किया है कि प्रदेश के कई सरकारी स्कूल संसाधनों और मार्गदर्शन के अभाव में अपेक्षित परिणाम नहीं दे पा रहे हैं। ऐसे में शिक्षा गुणवत्ता अभियान में सहभागिता के जरिए अनुभवी जनप्रतिनिधि, अफसर और शिक्षाविद स्कूलों को मार्गदर्शन देकर शिक्षा स्तर को ऊंचा उठा सकते हैं।

उन्होंने कहा कि जनप्रतिनिधियों का अनुभव, प्रशासनिक अधिकारियों की कार्यक्षमता और शिक्षकों की विशेषज्ञता मिलकर सरकारी स्कूलों की तस्वीर बदल सकती है।

🧑‍🏫 प्राध्यापकों और अफसरों की भूमिका
शैक्षणिक मार्गदर्शन पर विशेष जोर

मुख्यमंत्री ने विशेष रूप से कॉलेज और विश्वविद्यालय के प्राध्यापकों से अनुरोध किया है कि वे अपने शैक्षणिक अनुभव का लाभ स्कूलों को दें। पाठ्यक्रम की समझ, शिक्षण पद्धति और छात्रों के मूल्यांकन में उनका सहयोग शिक्षा गुणवत्ता अभियान में सहभागिता को नई दिशा दे सकता है।

साथ ही प्रशासनिक अधिकारियों से भी अपेक्षा की गई है कि वे स्कूलों में मूलभूत सुविधाओं, भवन, स्वच्छता और संसाधनों की स्थिति पर विशेष ध्यान दें।

🏛️ राज्य सरकार की शिक्षा को लेकर प्राथमिकता
भविष्य की पीढ़ी पर निवेश

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने अपने संदेश में कहा कि शिक्षा ही किसी भी राज्य की प्रगति की नींव होती है। सरकार चाहती है कि हर बच्चा गुणवत्तापूर्ण शिक्षा प्राप्त करे और इसके लिए शिक्षा गुणवत्ता अभियान में सहभागिता को जनआंदोलन का रूप दिया जाए।

उन्होंने भरोसा दिलाया कि राज्य सरकार इस अभियान के तहत आवश्यक संसाधन और सहयोग उपलब्ध कराएगी।

प्रदेश में शिक्षा सुधार की दिशा में शिक्षा गुणवत्ता अभियान में सहभागिता एक महत्वपूर्ण कदम है। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की यह पहल जनप्रतिनिधियों, अफसरों और शिक्षाविदों को सीधे स्कूलों से जोड़कर शिक्षा की गुणवत्ता सुधारने का मजबूत प्रयास है। यदि सभी वर्ग सक्रिय रूप से शिक्षा गुणवत्ता अभियान में सहभागिता निभाएं, तो निश्चित ही आने वाले समय में राज्य की शिक्षा व्यवस्था में सकारात्मक बदलाव देखने को मिलेगा।

 

Bharti Sahu
Author: Bharti Sahu

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